Ramadan 2026: भारत में कब शुरू होगा रमजान, क्या होगी रोज़ा की अवधि और ईद-उल-फितर की तारीख

Authored By: Nishant Singh

Published On: Thursday, January 29, 2026

Last Updated On: Thursday, January 29, 2026

भारत में Ramadan 2026 की तारीख और रोज़ा की अवधि
भारत में Ramadan 2026 की तारीख और रोज़ा की अवधि

Ramadan 2026: रमजान 2026 इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना माना जाता है, जो रोज़ा, इबादत और दान का प्रतीक है. भारत में रमजान की शुरुआत 19 फरवरी 2026 से होने की संभावना है, हालांकि अंतिम तिथि चांद दिखने पर तय होगी. यह महीना आत्मसंयम और अल्लाह की इबादत का समय होता है. रमजान के समापन पर ईद-उल-फितर 20 या 21 मार्च 2026 को मनाई जा सकती है

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Thursday, January 29, 2026

Ramadan 2026: इस्लाम धर्म में रमजान का महीना सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम और इंसानियत से जुड़ने का एक खास अवसर होता है. दुनियाभर के मुसलमानों के लिए यह महीना अल्लाह की इबादत, रोज़ा, दुआ और जरूरतमंदों की मदद का प्रतीक माना जाता है. जैसे-जैसे साल 2026 करीब आ रहा है, भारत में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के मन में यह सवाल उठने लगा है कि रमजान का पाक महीना कब शुरू होगा और ईद-उल-फितर किस दिन मनाई जाएगी.

भारत में रमजान 2026 की संभावित शुरुआत

इस्लामिक या हिजरी कैलेंडर पूरी तरह चंद्रमा की गति पर आधारित होता है. इसी वजह से रमजान की तारीख हर साल बदलती रहती है. भारत में रमजान 2026 की शुरुआत 19 फरवरी 2026, गुरुवार से होने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, इसकी आधिकारिक घोषणा चांद नजर आने के बाद ही की जाएगी. अलग-अलग क्षेत्रों में चांद दिखने के समय में थोड़ा अंतर भी हो सकता है, इसलिए अंतिम फैसला धार्मिक समितियों द्वारा लिया जाता है.

रोज़ा: सब्र और आत्मसंयम की परीक्षा

रमजान के महीने में मुसलमान पूरे दिन रोज़ा रखते हैं. रोज़े की शुरुआत सुबह सहूर से होती है और शाम को इफ्तार के साथ समाप्त होती है. इस दौरान खाने-पीने से ही नहीं, बल्कि बुरी सोच, गलत व्यवहार और नकारात्मक आदतों से भी दूर रहने की कोशिश की जाती है. रमजान का असली मकसद शरीर के साथ-साथ आत्मा को भी पाक करना माना जाता है.

रमजान में इबादत और नेक कामों का महत्व

रमजान के दौरान नमाज, कुरान की तिलावत और अल्लाह से दुआओं का विशेष महत्व होता है. इस महीने में किए गए नेक कामों का सवाब कई गुना बढ़ जाता है. लोग जकात और सदका के ज़रिए गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करते हैं. मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा की जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं. यह महीना इंसान को खुद से जोड़ने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का मौका देता है.

रमजान की अवधि कितनी होती है?

रमजान का महीना आमतौर पर 29 या 30 दिनों का होता है. इसकी अवधि इस बात पर निर्भर करती है कि अगला चांद कब नजर आता है. रमजान के आखिरी दस दिन बेहद खास माने जाते हैं. इन दिनों में क़ियाम-उल-लैल जैसी विशेष रात की इबादतों पर जोर दिया जाता है. माना जाता है कि इन्हीं दिनों में शब-ए-क़द्र आती है, जो हजार महीनों से बेहतर मानी जाती है.

ईद-उल-फितर 2026: खुशी और भाईचारे का त्योहार

रमजान के खत्म होते ही ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है, जो खुशी, मेल-मिलाप और आपसी प्रेम का प्रतीक है. भारत में ईद-उल-फितर 20 या 21 मार्च 2026 को पड़ने की संभावना है. यह भी चांद दिखने पर निर्भर करेगा. ईद की शुरुआत सुबह की विशेष नमाज से होती है, जो मस्जिदों और खुले मैदानों में अदा की जाती है.

ईद पर जकात और खुशियों की रौनक

ईद-उल-फितर के दिन जकात-उल-फितर देना बेहद जरूरी माना जाता है, ताकि समाज का हर व्यक्ति इस खुशी में शामिल हो सके. लोग नए कपड़े पहनते हैं, एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद देते हैं और बच्चों को ईदी दी जाती है. घरों में तरह-तरह के पकवान बनते हैं और रिश्तेदारों व दोस्तों के साथ खुशियां साझा की जाती हैं.

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निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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