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Budget 2026 Sasta-Mehnga: राहत की सौगात या महंगाई की दस्तक? जानिए बजट में क्या सस्ता और क्या हुआ महंगा
Authored By: Nishant Singh
Published On: Monday, February 2, 2026
Last Updated On: Monday, February 2, 2026
Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने आम लोगों, उद्योगों और निवेशकों के लिए मिले-जुले संकेत दिए हैं. एक ओर इलाज, ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और विदेश यात्रा से जुड़े खर्च में राहत देने की कोशिश की गई है, वहीं दूसरी ओर शेयर बाजार और कुछ सेक्टरों पर अतिरिक्त बोझ डाला गया है. यह बजट उत्पादन और विकास पर केंद्रित है- जानिए आगे क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा…..
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Monday, February 2, 2026
Budget 2026: 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया. ऐसे समय में जब भारत को अमेरिकी टैरिफ, वैश्विक अनिश्चितता और घरेलू खर्च की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, इस बजट से आम लोगों को काफी उम्मीदें थीं. सरकार ने इस बार उत्पादन, निर्यात और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने पर फोकस किया है, जबकि कुछ वित्तीय गतिविधियों को महंगा किया गया है. सवाल साफ है- आम आदमी के लिए क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा?
इलाज सस्ता, मरीजों को बड़ी राहत
बजट 2026 की सबसे बड़ी राहत स्वास्थ्य क्षेत्र से आई है. सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 जीवनरक्षक दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी है. इससे इन दवाओं की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है. इसके अलावा 7 दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली आयातित दवाओं और स्पेशल मेडिकल फूड पर भी टैक्स हटा दिया गया है. इससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों को सीधी आर्थिक राहत मिलेगी और इलाज का बोझ कुछ हद तक कम होगा.
मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट को बढ़ावा
सरकार ने घरेलू उद्योग और निर्यात को मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं. माइक्रोवेव ओवन के जरूरी पुर्जों पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है, जिससे ये उपकरण सस्ते हो सकते हैं. सी-फूड एक्सपोर्ट के लिए ड्यूटी-फ्री इनपुट की सीमा 1% से बढ़ाकर 3% कर दी गई है. इसके अलावा लेदर, टेक्सटाइल और सिंथेटिक फुटवियर के निर्यात में ड्यूटी-फ्री सुविधा और समयसीमा बढ़ाई गई है. इन फैसलों से जूते, कपड़े और चमड़े से जुड़े उत्पादों की कीमतों में गिरावट की संभावना बनती है.
ग्रीन एनर्जी और EV सेक्टर को बूस्ट
बजट 2026 में ग्रीन एनर्जी पर सरकार का भरोसा साफ दिखता है. इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर पैनल और बैटरी निर्माण से जुड़े कई इनपुट्स को कस्टम ड्यूटी से छूट दी गई है. लिथियम-आयन बैटरी स्टोरेज सिस्टम के उपकरण और सोलर ग्लास बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर भी ड्यूटी हटा दी गई है. इससे उत्पादन लागत घटेगी, हालांकि ग्राहकों को सीधा फायदा मिलेगा या नहीं, यह कंपनियों की कीमत नीति पर निर्भर करेगा.
विदेश खर्च और पर्सनल इम्पोर्ट में राहत
आम लोगों के लिए विदेश से सामान मंगाना और यात्रा करना अब थोड़ा सस्ता हो सकता है. निजी इस्तेमाल के लिए आयातित सामान पर कस्टम ड्यूटी 20% से घटाकर 10% कर दी गई है. वहीं विदेश यात्रा के टूर पैकेज पर टीसीएस को फ्लैट 2% कर दिया गया है. विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए भेजी जाने वाली रकम पर भी 10 लाख रुपये से ऊपर अब सिर्फ 2% टीसीएस लगेगा. इससे विदेश जाने वाले छात्रों और यात्रियों को राहत मिलेगी.
शेयर बाजार और कुछ सेक्टर हुए महंगे
जहां एक तरफ राहत मिली है, वहीं कुछ मोर्चों पर झटका भी लगा है. शेयर बाजार में फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग महंगी हो गई है क्योंकि एसटीटी की दरें बढ़ा दी गई हैं. इसके अलावा शराब, स्क्रैप, खनिज और कुछ रसायनों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ने से इनकी कीमतें बढ़ सकती हैं. कंपनियों के शेयर बायबैक पर प्रमोटर्स के लिए टैक्स नियम भी सख्त किए गए हैं, जिससे इस रास्ते से मुनाफा कम आकर्षक होगा.
कुल मिलाकर बजट का असर
बजट 2026 साफ संकेत देता है कि सरकार उत्पादन, निर्यात और ग्रीन एनर्जी को सस्ता करना चाहती है, जबकि वित्तीय लेन-देन और कुछ गैर-जरूरी गतिविधियों को महंगा. इलाज, विदेश शिक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऊर्जा से जुड़े उत्पादों में राहत मिल सकती है, वहीं शराब और शेयर बाजार से जुड़े निवेशकों को अतिरिक्त खर्च के लिए तैयार रहना होगा. यह बजट “विकसित भारत 2047” की दिशा में एक संतुलित लेकिन चयनात्मक कदम माना जा सकता है.
बजट 2026: क्या हुआ सस्ता?
कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 जीवनरक्षक दवाएं
- 7 दुर्लभ बीमारियों की आयातित दवाएं और स्पेशल मेडिकल फूड
- लेदर उत्पाद (जूते, बैग, बेल्ट आदि)
- कपड़ा और टेक्सटाइल उत्पाद
- सिंथेटिक फुटवियर
- माइक्रोवेव ओवन और इसके जरूरी पुर्जे
- इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) से जुड़े उपकरण
- लिथियम-आयन बैटरी और बैटरी स्टोरेज सिस्टम
- सोलर पैनल और सोलर ग्लास
- ग्रीन एनर्जी उत्पादन से जुड़ी मशीनरी
- सी-फूड एक्सपोर्ट से जुड़े इनपुट
- एयरक्राफ्ट निर्माण से जुड़ी चीजें
- विदेश से निजी उपयोग का सामान (ड्यूटी 20% से घटकर 10%)
- विदेश यात्रा टूर पैकेज (TCS अब 2%)
- विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए भेजी गई रकम (कम TCS)
- मिक्स्ड गैस CNG / बायोगैस CNG
- शुगर की दवाएं
बजट 2026: क्या हुआ महंगा?
शेयर बाजार में फ्यूचर्स ट्रेडिंग (STT बढ़ा)
- ऑप्शंस ट्रेडिंग (प्रीमियम और एक्सरसाइज़ पर टैक्स बढ़ा)
- कंपनियों के शेयर बायबैक (प्रमोटर्स के लिए ज्यादा टैक्स)
- शराब
- स्क्रैप
- खनिज (Minerals)
- कुछ रसायन (जैसे पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड)
- तेंदूपत्ता
- वित्तीय लेन-देन से जुड़ी गतिविधियां
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