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माता वैष्णो देवी में सीजन की पहली बर्फबारी, त्रिकुटा पहाड़ियों पर छाया स्वर्ग सा नजारा, यात्रा रही प्रभावित
Authored By: Nishant Singh
Published On: Saturday, January 24, 2026
Last Updated On: Saturday, January 24, 2026
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित माता वैष्णो देवी धाम में इस सीजन की पहली बर्फबारी ने त्रिकुटा पहाड़ियों को बर्फ की सफेद चादर से ढक दिया. भवन और भैरव मंदिर परिसर अलौकिक दृश्य में बदल गए. खराब मौसम के कारण यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई और प्रमुख सड़कें बंद रहीं, जबकि बर्फबारी से श्रद्धालुओं और पर्यटकों में खासा उत्साह देखने को मिला.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Saturday, January 24, 2026
Mata Vaishno Devi: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित पवित्र माता वैष्णो देवी धाम में इस सीजन की पहली बर्फबारी ने पूरे क्षेत्र को स्वर्ग जैसा बना दिया. त्रिकुटा पर्वत की चोटियां जब बर्फ की सफेद चादर से ढकीं, तो नजारा किसी विदेशी हिल स्टेशन से कम नहीं लगा. वर्षों से श्रद्धा और आस्था का केंद्र रहा यह धाम, पहली बर्फबारी के साथ एक मनमोहक शीतकालीन दृश्य में तब्दील हो गया, जिसे देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया.
भवन और भैरव मंदिर बर्फ में डूबे
ताजा बर्फबारी ने माता वैष्णो देवी भवन और भैरव मंदिर परिसर को पूरी तरह ढक लिया. धीरे-धीरे गिरती बर्फ ने मंदिर क्षेत्र को अलौकिक रूप दे दिया. श्रद्धालुओं के लिए यह दृश्य किसी सौभाग्य से कम नहीं था. कई भक्त बर्फबारी का आनंद लेते नजर आए, तो कुछ लोग इस खास पल को कैमरे में कैद करते दिखे. श्रद्धा और प्रकृति का यह संगम बेहद खास रहा.
यात्रा मार्गों पर जमी कई इंच बर्फ
बर्फबारी के चलते माता वैष्णो देवी की चढ़ाई वाले रास्तों पर कई इंच बर्फ जमा हो गई. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रियों को फिसलन वाले हिस्सों में जाने से रोका गया. प्रशासन ने किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए सख्त निगरानी रखी और लगातार हालात पर नजर बनाए रखी.
एहतियातन रोकी गई यात्रा
खराब मौसम और लगातार बर्फबारी को देखते हुए ताराकोटे और बाणगंगा दोनों मार्गों से यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया. श्रद्धालुओं को कटरा में ही रुकने की सलाह दी गई. हालांकि मौसम में सुधार के बाद यात्रा को फिर से बहाल कर दिया गया, जिससे भक्तों ने राहत की सांस ली.
सड़कों पर असर, ट्रैफिक बाधित
मध्यम से भारी बर्फबारी के कारण जम्मू क्षेत्र के कई ऊंचाई वाले इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ. माता वैष्णो देवी मंदिर सहित कई अहम सड़कों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा. जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग, जो कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली एकमात्र बारहमासी सड़क है, बर्फ जमने के कारण बंद कर दिया गया, जिससे हजारों वाहन रास्ते में फंसे रहे.
पटनीटॉप और आसपास के इलाकों में भी स्नोफॉल
इस सीजन की पहली बर्फबारी का असर केवल त्रिकुटा पहाड़ियों तक सीमित नहीं रहा. जम्मू प्रांत के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पटनीटॉप, नथाटॉप, सनासर और बटोटे में भी बर्फ गिरी. लंबे समय से सूखे मौसम का सामना कर रहे इन इलाकों में बर्फबारी से लोगों के चेहरे खिल उठे और पर्यटकों की उम्मीदें भी बढ़ गईं.
दो महीने बाद लौटी बारिश
जम्मू शहर और आसपास के मैदानी इलाकों में मध्यम बारिश दर्ज की गई. अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो महीनों से अधिक समय से बारिश नहीं हुई थी. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी जारी है और कई जगहों पर पांच इंच से लेकर एक फुट तक बर्फ जम चुकी है.
श्रद्धालुओं में बढ़ा उत्साह
मौसम की चुनौतियों के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ. बर्फ से ढका माता वैष्णो देवी धाम श्रद्धालुओं के लिए आस्था और रोमांच का अनूठा अनुभव लेकर आया. जहां एक ओर प्रशासन सुरक्षा में जुटा रहा, वहीं दूसरी ओर भक्तों ने इस दुर्लभ और सुंदर मौसम का भरपूर आनंद लिया.
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