Visit Rashtrapati Bhavan: बाहर से नहीं, अब अंदर से देखें राष्ट्रपति भवन, जानें कैसे होगी बुकिंग और कहां मिलेगा टिकट?

Authored By: Nishant Singh

Published On: Thursday, February 5, 2026

Last Updated On: Thursday, February 5, 2026

Visit Rashtrapati Bhavan: राष्ट्रपति भवन के अंदर घूमने का मौका, टिकट और बुकिंग की पूरी जानकारी.
Visit Rashtrapati Bhavan: राष्ट्रपति भवन के अंदर घूमने का मौका, टिकट और बुकिंग की पूरी जानकारी.

Visit Rashtrapati Bhavan: दिल्ली घूमने आने वाले ज़्यादातर लोग राष्ट्रपति भवन को बाहर से देखकर लौट जाते हैं, जबकि इसके कुछ ऐतिहासिक और भव्य हिस्से आम जनता के लिए भी खुले रहते हैं. 330 एकड़ में फैला राष्ट्रपति भवन भारत के लोकतंत्र, इतिहास और वास्तुकला की शानदार पहचान है. राष्ट्रपति भवन को अंदर से देखने का बना रहे प्लान, जानें कैसे होगी बुकिंग और कहां मिलेगा टिकट?

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Thursday, February 5, 2026

Visit Rashtrapati Bhavan: दिल्ली घूमने आए ज़्यादातर लोग राष्ट्रपति भवन को दूर से निहारते हैं, फोटो खींचते हैं और आगे बढ़ जाते हैं. आम धारणा यही रहती है कि भारत के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास आम जनता के लिए बंद रहता है. लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है. राष्ट्रपति भवन के कुछ बेहद खास और ऐतिहासिक हिस्से आम लोगों के लिए भी खोले जाते हैं. सही बुकिंग और तय नियमों का पालन करके आप उन हॉल्स तक पहुंच सकते हैं, जहां देश के राष्ट्रपति विदेशी मेहमानों से मिलते हैं और जहां राष्ट्रीय सम्मान समारोह आयोजित होते हैं.

सिर्फ इमारत नहीं, भारत के लोकतंत्र की पहचान

करीब 330 एकड़ में फैला राष्ट्रपति भवन सिर्फ एक भव्य इमारत नहीं बल्कि भारत के लोकतंत्र, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है. एच-शेप में बना यह विशाल भवन करीब 340 कमरों से मिलकर बना है. इसकी डिजाइन प्रसिद्ध वास्तुकार एडविन लुटियंस और हर्बर्ट बेकर ने तैयार की थी. इसकी भव्यता, विशाल गुंबद, लंबे गलियारे और ऐतिहासिक हॉल्स हर विज़िटर को हैरान कर देते हैं.

किन हिस्सों को देखने की मिलती है इजाज़त?

राष्ट्रपति भवन के पूरे परिसर में घूमने की अनुमति नहीं होती, लेकिन इसके मुख्य भवन के चुनिंदा हिस्से आम जनता के लिए खोले जाते हैं. गाइडेड टूर के दौरान आपको उन हॉल्स में ले जाया जाता है, जहां राष्ट्रपति अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के साथ औपचारिक बैठकें करते हैं और राजकीय भोज आयोजित होते हैं. इसके अलावा राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह वाला हॉल, राष्ट्रपति भवन का म्यूजियम और अब तक के सभी राष्ट्रपतियों के पोर्ट्रेट भी देखने को मिलते हैं. पूरा टूर एक गाइड के साथ समूह में कराया जाता है, जिससे हर कोने की कहानी समझ में आती है.

टिकट बुकिंग की पूरी प्रक्रिया

राष्ट्रपति भवन के अंदर जाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य है. बुकिंग केवल आधिकारिक वेबसाइट visit.rashtrapatibhavan.gov.in के जरिए ही की जाती है. बुकिंग कन्फर्म होने के बाद तय तारीख और समय पर सुरक्षा जांच होती है, फिर गाइडेड ग्रुप के साथ एंट्री दी जाती है. टिकट की कीमत बेहद मामूली है- सिर्फ 50 रुपये प्रति व्यक्ति. पूरा विज़िट करीब 45 मिनट का होता है, लेकिन यह अनुभव लंबे समय तक याद रहता है.

विजिट टाइमिंग और ओपन डेज

राष्ट्रपति भवन का मुख्य भवन मंगलवार से रविवार तक आम जनता के लिए खुला रहता है. विज़िट का समय सुबह 9:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक होता है, जबकि आखिरी एंट्री शाम 4 बजे दी जाती है. सोमवार को राष्ट्रपति भवन आम लोगों के लिए बंद रहता है.

राष्ट्रपति भवन कैसे पहुंचें?

राष्ट्रपति भवन पहुंचना बेहद आसान है. सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन सबसे नजदीकी स्टेशन है, जहां से गेट नंबर 38 करीब 1 किलोमीटर दूर है. वहीं पटेल चौक मेट्रो स्टेशन से गेट नंबर 38 की दूरी लगभग 2 किलोमीटर है. आप पैदल, ऑटो या कैब के ज़रिए आसानी से पहुंच सकते हैं.

विज़िट से पहले इन जरूरी बातों का रखें ध्यान

राष्ट्रपति भवन की विज़िट से पहले कुछ नियमों को जानना बेहद ज़रूरी है.

  • ऑनलाइन बुकिंग के बिना एंट्री नहीं मिलती.
  • एक वैलिड सरकारी पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य है.
  • मोबाइल फोन, कैमरा, बैग और किसी भी तरह का इलेक्ट्रॉनिक सामान अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होती.
  • शुक्रवार, शनिवार और रविवार को खुला रहता है.
  • सोमवार को छोड़कर बाकी सभी दिन खुला रहता है.
  • अगस्त से मार्च के बीच शुक्रवार, शनिवार और रविवार को उपलब्ध रहता है.

इतिहास को करीब से देखने का मौका

अगर आप दिल्ली ट्रिप प्लान कर रहे हैं और कुछ खास, ऐतिहासिक और गर्व से भरा अनुभव चाहते हैं, तो राष्ट्रपति भवन की विज़िट जरूर करें. यह सिर्फ एक टूर नहीं, बल्कि भारत के लोकतंत्र को करीब से महसूस करने का मौका है- वो भी बेहद कम खर्च में.

यह भी पढ़ें :- General MM Naravanes Book: पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की किताब पर लगी रोक, गलवान झड़प और संवेदनशील जानकारी ने मचाया बवाल, जानें पूरा मामला

About the Author: Nishant Singh
निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
Leave A Comment

अन्य खबरें

अन्य खबरें