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Cancer Treatment Without Surgery: बिना ऑपरेशन कैंसर इलाज का नया तरीका, अल्ट्रासाउंड हिस्टोट्रिप्सी से ट्यूमर खत्म करने की जानिए पूरी जानकारी
Authored By: Nishant Singh
Published On: Saturday, March 28, 2026
Last Updated On: Saturday, March 28, 2026
Cancer Treatment Without Surgery: अल्ट्रासाउंड आधारित हिस्टोट्रिप्सी तकनीक बिना सर्जरी कैंसर ट्यूमर को खत्म करने का नया तरीका है. इसमें हाई-इंटेंसिटी साउंड वेव्स ट्यूमर को तोड़कर लिक्विड में बदल देती हैं. फिलहाल यह लिवर कैंसर में प्रभावी मानी जा रही है, लेकिन अभी इस पर रिसर्च जारी है और हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Saturday, March 28, 2026
Cancer Treatment Without Surgery: कैंसर का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी का ख्याल आता है. लेकिन अब मेडिकल साइंस ने एक ऐसा रास्ता भी खोल दिया है, जिसमें बिना ऑपरेशन के ही ट्यूमर को खत्म किया जा सकता है. इस नई तकनीक का नाम है हिस्टोट्रिप्सी, जिसमें अल्ट्रासाउंड वेव्स का इस्तेमाल करके कैंसर कोशिकाओं पर सीधा हमला किया जाता है. इस प्रक्रिया में न तो शरीर को काटना पड़ता है और न ही लंबे समय तक अस्पताल में रहना पड़ता है, जिससे मरीजों के लिए यह विकल्प काफी आसान और कम दर्दनाक बन जाता है.
हिस्टोट्रिप्सी कैसे करती है ट्यूमर पर हमला
हिस्टोट्रिप्सी तकनीक में हाई-इंटेंसिटी अल्ट्रासाउंड वेव्स को सीधे ट्यूमर तक भेजा जाता है. ये वेव्स ट्यूमर के अंदर छोटे-छोटे गैस के बुलबुले बनाती हैं, जो धीरे-धीरे कैंसर कोशिकाओं को तोड़ने लगते हैं. इस प्रक्रिया में ट्यूमर ठोस अवस्था से लिक्विड जैसा बन जाता है और शरीर इसे धीरे-धीरे बाहर निकाल देता है. खास बात यह है कि यह तकनीक आसपास के स्वस्थ टिश्यू को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाती, जिससे रिकवरी भी तेजी से होती है और साइड इफेक्ट्स बहुत कम देखने को मिलते हैं.
किन मरीजों के लिए है यह तकनीक उपयोगी
यह तकनीक अभी मुख्य रूप से लिवर कैंसर के मरीजों के लिए इस्तेमाल की जा रही है. खासकर उन लोगों में, जिनका ट्यूमर 4 सेंटीमीटर से छोटा होता है, इसमें अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं. इलाज के दौरान मरीज को बेहोश किया जाता है और डॉक्टर अल्ट्रासाउंड की मदद से ट्यूमर की सटीक जगह को पहचानकर उस पर वेव्स फोकस करते हैं. साल 2023 में इस तकनीक को अमेरिका में लिवर ट्यूमर के इलाज के लिए मंजूरी भी मिल चुकी है, जिसके बाद धीरे-धीरे इसका उपयोग अन्य देशों में भी बढ़ रहा है.
क्या यह हर मरीज के लिए सही विकल्प है?
हालांकि हिस्टोट्रिप्सी एक आधुनिक और सुरक्षित तकनीक मानी जा रही है, लेकिन यह हर कैंसर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं है. अभी इस पर रिसर्च जारी है और इसे बड़े स्तर पर लागू नहीं किया गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी अभी भी कैंसर के मुख्य इलाज हैं. लेकिन जिन मरीजों के लिए ऑपरेशन संभव नहीं होता, उनके लिए यह तकनीक एक नई उम्मीद बनकर सामने आ रही है. आने वाले समय में जैसे-जैसे रिसर्च आगे बढ़ेगी, यह तकनीक कैंसर इलाज में बड़ा बदलाव ला सकती है.
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