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PM Modi Visit Poland: दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता, साथ निवेश बढ़ाने पर रहेगा जोर
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Published On: Thursday, August 22, 2024
Last Updated On: Thursday, August 22, 2024
45 वर्ष बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री पोलैंड की यात्रा पर हैं। फिर भी वर्ष 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने पर पोलैंड की सरकार और वहां के लोगों ने यूक्रेन से भारतीय छात्रों को बाहर निकालने में काफी मदद किया था।
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Last Updated On: Thursday, August 22, 2024
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी(PM Narendra Modi) 21 अगस्त को दो दिवसीय पोलैंड यात्रा पर रवाना हुए। उनकी यह यात्रा कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके कई कारण हैं। 45 वर्ष बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री पोलैंड की यात्रा पर हैं। इसके बावजूद वर्ष 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने पर पोलैंड की सरकार और वहां के लोगों ने यूक्रेन से भारतीय छात्रों को बाहर निकालने में काफी मदद किया था। साथ ही इस साल दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के 70 साल पूरे हुए हैं। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध 1954 में स्थापित हुए थे। प्रधानमंत्री यहां पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज सेबेस्टियन डूडा (President of Poland Andrzej Sebastian Duda) और प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क (Prime Minister Donald Tusk) दोनों से मिलेंगे। दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी।
45 वर्ष बाद भारतीय प्रधानमंत्री पोलैंड में
प्रधानमंत्री @narendramodi
ने पोलैंड की राजधानी वारसॉ में जामनगर के महाराजा दिग्विजयसिंहजी रणजीतसिंहजी जडेजा को श्रद्धांजलि अर्पित की। इन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध में बेघर पोलिश बच्चों को आश्रय एवं देखभाल की थी।#Poland #ModiInPoland #polandhacker @PMOIndia #Jamnagar pic.twitter.com/3J0R6UDQtR— Galgotias Times (@galgotiastimes) August 22, 2024
पोलैंड की राजधानी वार्सा में आज प्रधानमंत्री मोदी ने कदम रखा। इसके पहले 45 वर्ष पहले भारतीय प्रधानमंत्री ने पोलैंड का दौरा किया था। 1979 में जनता पार्टी सरकार के प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई पोलैंड गए थे। उनसे पहले इंदिरा गांधी 1967 पोलैंड की यात्रा की थीं। इंदिरा गांधी से पहले प्रधानमंत्री के रूप में जवाहरलाल नेहरू ने 1955 में यहां का दौरा किया था। पोलैंड रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मैं पोलैंड और यूक्रेन की आधिकारिक यात्रा पर जा रहा हूं। पोलैंड के साथ राजनयिक संबंधों के 70 साल पूरा होने के मौके पर मेरी यह यात्रा हो रही है। पोलैंड मध्य यूरोप का हमारा आर्थिक साझेदार है।’
तकनीक, रक्षा और सुरक्षा (Technology, Defence and Security) जैसे मुद्दों पर वार्ता

प्रधानमंत्री मोदी यहां पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज सेबेस्टियन डूडा से 21 अगस्त को मुलाकात करेंगे। कल उनका प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने का कार्यक्रम है। भारत में पोलैंड के राजदूत सेबेस्टियन डोमजाल्स्की ने प्रधानमंत्री मोदी के दौरे पर कहा कि भारत दुनिया की आवाज है। मोदी की यात्रा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक ताकतवर संदेश देगी कि भारत शांति के पक्ष में हैं। उनकी यात्रा के दौरान, तकनीक, डिफेंस और सुरक्षा आदि मुद्दों पर दोनों देशों के नेताओं के बीच द्विपक्षीय बातचीत होगी।
पिछले दस वर्षों में 200 गुना बढ़ा व्यापार
भारत और पोलैंड के बीच व्यापार तेजी से बढ़ रहा है। एक आंकड़ें को देखें तो दोनों देशों के बीच पिछले 10 सालों में व्यापार करीब 200 प्रतिशत बढ़ी है। पिछले साल (2023 में) भारत और पोलैंड ने 5.72 अरब डॉलर (करीब 48 हजार करोड़ रुपए) का व्यापार किया है। इसमें भारत से पोलैंड को 3.95 अरब डॉलर (33 हजार 146 करोड़) का निर्यात और पोलैंड से 1.76 अरब डॉलर (14 हजार 770 करोड़) का आयात शामिल है।
पोलैंड में भारत का निवेश
भारत की कई बड़ी कंपनियों ने यहां निवेश किया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक पोलैंड में भारत ने तीन अरब डॉलर (25 हजार 178 करोड़ रुपए) से ज्यादा का निवेश किया है। निवेश करने वाली कंपनियों में आईटी (Information Technology) और आईसीटी (Information Communication Technology) प्रमुख हैं। बताया जता है कि इन भारतीय कंपनियों ने पोलैंड में करीब 10 हजार लोगों को रोजगार दिया हुआ है। निवेश करने वाली कंपनियों में इंफोसिस और एचसीएल शामिल हैं। वहीं पोलैंड का भारत में 685 मिलियन डॉलर (पांच हजार 749 करोड़ रुपए) का निवेश है। कहा जा रहा है कि अगले साल पोलैंड यूरोपियन यूनियन काउंसिल का अध्यक्ष बनने वाला है। ऐसे में राजनयिक, राजनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से पोलैंड-भारत संबंध बेहद महत्वपूर्ण है।













