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अनशन, छापेमारी और पूछताछ… JPSC-JSSC विवाद पर झारखंड में छात्रों का आंदोलन तेज
Authored By: Nishant Singh
Published On: Tuesday, August 4, 2026
Last Updated On: Tuesday, August 4, 2026
Student Protests Jharkhand: झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है. छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो तीसरे दिन भी आमरण अनशन पर डटे हैं. दूसरी ओर, CID ने 18 ठिकानों पर छापेमारी की और पूर्व JPSC अध्यक्ष से सात घंटे तक पूछताछ कर जांच तेज कर दी है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Tuesday, August 4, 2026
Student Protests Jharkhand: झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं और उनका अनशन अब तीसरे दिन में पहुंच चुका है. उनका कहना है कि लंबे समय तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, इसलिए अब आमरण अनशन ही अंतिम विकल्प बचा है. आंदोलनकारी 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने, पूरी भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने और मामले की जांच सीबीआई तथा ईडी जैसी एजेंसियों से करवाने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि यह लड़ाई केवल कुछ अभ्यर्थियों की नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य की है.
रिजल्ट के बाद शुरू हुआ विवाद, कई संगठन भी आए समर्थन में
यह पूरा विवाद 5 जुलाई को 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद शुरू हुआ. परिणाम सामने आते ही परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोप लगने लगे, जिसके बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. 25 जुलाई से सत्याग्रह और 29 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत हुई. अब इस आंदोलन को कई छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों का समर्थन भी मिलने लगा है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी आंदोलन के प्रति समर्थन जताया है. वहीं, एआईएसए ने भी निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए 10 अगस्त को विधानसभा मार्च निकालने का ऐलान किया है. हाल ही में रांची में हजारों छात्रों ने मशाल जुलूस निकालकर सरकार से पारदर्शी जांच की मांग दोहराई.
कौन हैं देवेंद्र नाथ महतो, जिनकी अगुवाई में उठी आवाज?
इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे देवेंद्र नाथ महतो झारखंड के ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं और लंबे समय से छात्र हितों के मुद्दे उठाते रहे हैं. उन्होंने रांची की डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की है. संस्कृत, कुड़माली और ट्राइबल एंड रीजनल लैंग्वेज में स्नातकोत्तर डिग्री के साथ उन्होंने बीएड भी किया है. वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में वे तमाड़ सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव भी लड़ चुके हैं. वर्ष 2015 से वे छात्रवृत्ति, भर्ती नियमों और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सक्रिय हैं. उनका कहना है कि युवाओं को निष्पक्ष अवसर मिलना चाहिए और भर्ती प्रक्रियाओं में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जा सकती.
CID की जांच तेज, कई ठिकानों पर छापेमारी
दूसरी ओर, मामले की जांच भी लगातार आगे बढ़ रही है. झारखंड सीआईडी ने पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांगते से करीब सात घंटे तक पूछताछ की. यह उनसे की गई चौथी लंबी पूछताछ बताई जा रही है. इससे पहले उन्होंने 22 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. जांच एजेंसी अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. सोमवार को सीआईडी ने रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद समेत पांच जिलों में 18 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की, जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं. जांच एजेंसियां इन साक्ष्यों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं.
सरकार पर बढ़ा दबाव, युवाओं की नजर जांच के नतीजों पर
लगातार बढ़ते छात्र आंदोलन और जांच एजेंसियों की सक्रियता के बीच झारखंड सरकार पर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है. अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक जांच पूरी पारदर्शिता से नहीं होती और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. दूसरी ओर, जांच में सामने आ रहे तथ्यों और सीआईडी की कार्रवाई ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है. अब राज्य के लाखों युवाओं की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच का अंतिम निष्कर्ष क्या निकलता है और सरकार भर्ती प्रक्रिया में भरोसा बहाल करने के लिए आगे क्या कदम उठाती है.
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