तृषा से सनातन तक… उदयनिधि स्टालिन के इन विवादित बयानों ने बार-बार बढ़ाया सियासी बवाल

Authored By: Nishant Singh

Published On: Tuesday, August 4, 2026

Updated On: Tuesday, August 4, 2026

Udhayanidhi Stalin Controversy. उदयनिधि स्टालिन के तृषा और सनातन धर्म पर विवादित बयान

तमिलनाडु के डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन एक बार फिर विवादों में हैं. अभिनेत्री तृषा पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई है. इससे पहले सनातन धर्म, वी.के. शशिकला और ‘वंदे मातरम्’ जैसे मुद्दों पर दिए गए उनके बयानों ने भी देशभर में राजनीतिक और कानूनी बहस छेड़ी थी.

Authored By: Nishant Singh

Updated On: Tuesday, August 4, 2026

Udhayanidhi Stalin Controversy: तमिलनाडु की राजनीति में अपनी तीखी बयानबाजी के लिए चर्चा में रहने वाले डीएमके नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गए हैं. इस बार मामला अभिनेत्री तृषा को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का है. तंजावुर में कावेरी जल विवाद से जुड़े एक विरोध प्रदर्शन के दौरान मंच से दिए गए उनके बयान पर राजनीतिक दलों और महिला संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई. इसके बाद उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए और पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. गिरफ्तारी के बाद उदयनिधि ने कहा कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है और वे कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए तैयार हैं. इस पूरे घटनाक्रम ने तमिलनाडु की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है.

पहले भी कई बार बयानों पर मचा है बवाल

यह पहली बार नहीं है जब उदयनिधि स्टालिन अपने किसी बयान को लेकर विवादों में घिरे हों. वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने एआईएडीएमके नेता वी.के. शशिकला को लेकर विवादित टिप्पणी की थी. उन्होंने तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों पर निशाना साधते हुए ऐसा बयान दिया था, जिसे विपक्ष और महिला संगठनों ने अपमानजनक बताया. उस समय भी उनके खिलाफ तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिली थी. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उदयनिधि की आक्रामक शैली उन्हें लगातार सुर्खियों में बनाए रखती है, लेकिन कई बार यही अंदाज उनके लिए मुश्किलें भी खड़ी कर देता है.

सनातन धर्म पर बयान बना राष्ट्रीय बहस का विषय

उदयनिधि स्टालिन का सबसे चर्चित विवाद सितंबर 2023 में सामने आया, जब उन्होंने एक कार्यक्रम में सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया और कोरोना जैसी बीमारियों से करते हुए उसे समाप्त करने की बात कही थी. इस बयान के बाद देशभर में तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया हुई. कई राज्यों में उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज हुईं और मामला अदालत तक पहुंच गया. बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी धर्म का अपमान करना नहीं, बल्कि समाज में जातिगत भेदभाव पर सवाल उठाना था. हालांकि, उन्होंने अपने बयान पर माफी मांगने से इनकार कर दिया. नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद भी उन्होंने विधानसभा में सामाजिक समानता की बात करते हुए इसी मुद्दे का उल्लेख किया, जिससे विवाद फिर चर्चा में आ गया.

‘वंदे मातरम्’ से लेकर नई गिरफ्तारी तक

साल 2026 में उदयनिधि एक और विवाद में तब घिर गए, जब उन्होंने तमिलनाडु के राज्य गीत और “वंदे मातरम्” के क्रम को लेकर टिप्पणी की. विपक्ष ने इसे राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान से जोड़ते हुए उनकी आलोचना की, जबकि डीएमके ने इसे अपनी वैचारिक सोच का हिस्सा बताया. अब तृषा पर कथित टिप्पणी के बाद हुई गिरफ्तारी ने एक बार फिर उनके पुराने विवादों को चर्चा में ला दिया है. लगातार सामने आते ऐसे मामलों ने यह संकेत दिया है कि उदयनिधि की राजनीतिक यात्रा जितनी सक्रिय रही है, उतनी ही विवादों से भी घिरी रही है. आने वाले दिनों में इस मामले की कानूनी प्रक्रिया और राजनीतिक प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें बनी रहेंगी.

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निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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