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RBI On Repo Rate: रेपो रेट पर RBI का बड़ा फैसला, जानिए आपकी होम और ऑटो लोन की EMI पर क्या पड़ेगा असर
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, August 5, 2026
Last Updated On: Wednesday, August 5, 2026
RBI On Repo Rate: भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को लगातार दूसरी बार 5.25% पर बरकरार रखा है. इससे होम लोन, ऑटो लोन और अन्य फ्लोटिंग ब्याज वाले कर्ज की ईएमआई में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा. आरबीआई का यह फैसला महंगाई और आर्थिक संतुलन को ध्यान में रखकर लिया गया है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Wednesday, August 5, 2026
RBI On Repo Rate: अगर आपने होम लोन, कार लोन या किसी अन्य तरह का बैंक लोन लिया है, तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नई मौद्रिक नीति आपके लिए अहम है. रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के बाद गवर्नर संजय मल्होत्रा ने घोषणा की कि इस बार भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसे पहले की तरह 5.25 प्रतिशत पर ही बरकरार रखा गया है. इसका सीधा मतलब है कि फिलहाल आपकी मासिक ईएमआई में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा और लोन की किस्तें पहले जैसी ही रहेंगी.
क्या होता है रेपो रेट और क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
रेपो रेट वह ब्याज दर होती है, जिस पर भारतीय रिजर्व बैंक देश के वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक कर्ज उपलब्ध कराता है. यही दर आगे चलकर बैंकों की लोन ब्याज दरों को भी प्रभावित करती है. जब रेपो रेट बढ़ता है तो बैंकों के लिए फंड जुटाना महंगा हो जाता है, जिसका असर ग्राहकों पर अधिक ब्याज और बढ़ी हुई ईएमआई के रूप में दिखाई देता है. वहीं, रेपो रेट घटने पर बैंक सस्ते ब्याज पर कर्ज दे सकते हैं, जिससे होम लोन, ऑटो लोन और अन्य ऋणों की ईएमआई कम होने की संभावना बढ़ जाती है.
इस साल अब तक क्या रहा RBI का रुख?
इस वर्ष भी रिजर्व बैंक ने अपनी पिछली नीति की तरह रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने का फैसला किया है. इससे पहले जून में हुई एमपीसी बैठक में भी यही दर बरकरार रखी गई थी. हालांकि, वर्ष 2025 में आरबीआई ने लगातार कई चरणों में रेपो रेट में कुल 125 बेसिस पॉइंट की कटौती की थी. उस समय ब्याज दरें कम होने से लाखों लोनधारकों को राहत मिली थी और नए लोन लेने वालों के लिए भी बैंकिंग व्यवस्था अधिक किफायती बनी थी.
आम लोगों पर क्या होगा असर?
रेपो रेट में इस बार कोई बदलाव नहीं होने से मौजूदा होम लोन और ऑटो लोन की ईएमआई में तत्काल कोई बढ़ोतरी या कमी नहीं होगी. जिन लोगों ने फ्लोटिंग ब्याज दर पर लोन लिया है, उनकी किस्तें भी फिलहाल पहले की तरह जारी रहेंगी. वहीं, जो लोग नया लोन लेने की योजना बना रहे हैं, उन्हें भी मौजूदा ब्याज दरों पर ही ऋण मिलने की संभावना है. विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई और आर्थिक गतिविधियों पर नजर रखते हुए आरबीआई ने फिलहाल संतुलित रुख अपनाया है, ताकि आर्थिक स्थिरता बनी रहे और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े.
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