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BRICS Summit: ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन भारत पहुंचे, मोदी से मुलाकात में इन मुद्दों पर होगी चर्चा
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, September 11, 2026
Last Updated On: Friday, September 11, 2026
Iran President Pezeshkian India Visit: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत पहुंचे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक में व्यापार, आर्थिक सहयोग, कनेक्टिविटी और चाबहार पोर्ट जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. दोनों देश BRICS और SCO जैसे मंचों पर सहयोग बढ़ाने के साथ रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करना चाहते हैं.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, September 11, 2026
Iran President Pezeshkian India Visit: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन भारत पहुंच गए हैं. उनका यह दौरा 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है. सम्मेलन में हिस्सा लेने के साथ पेजेशकियन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय मुलाकात भी करेंगे. दोनों नेताओं की बातचीत में आर्थिक सहयोग, व्यापार, कनेक्टिविटी और रणनीतिक रिश्तों को आगे बढ़ाने जैसे मुद्दे प्रमुख रह सकते हैं. इससे पहले मोदी और पेजेशकियन की मुलाकात किर्गिस्तान के बिश्केक में हुए SCO शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी.
व्यापार बढ़ाने पर भारत का फोकस
भारत और ईरान के बीच लंबे समय से कारोबारी और रणनीतिक रिश्ते रहे हैं. ऐसे में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने और कारोबार के नए रास्ते तलाशने पर बातचीत हो सकती है. भारत पहले ही ईरान के साथ व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने तथा मौजूदा व्यापार मार्गों में विविधता लाने की इच्छा जाहिर कर चुका है. साथ ही क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के प्रयासों को भारत का समर्थन दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक बातचीत का हिस्सा बना हुआ है.
पेजेशकियन का दौरा क्यों है खास?
पेजेशकियन का भारत दौरा ऐसे समय हो रहा है जब ईरान बहुपक्षीय मंचों पर अपनी भूमिका मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि BRICS सम्मेलन के मौके का इस्तेमाल भारत के साथ आपसी हित वाले मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ाने के लिए किया जाएगा. ईरान भारत को BRICS और SCO दोनों में प्रभावशाली भूमिका निभाने वाले महत्वपूर्ण साझेदार के तौर पर देखता है.
चाबहार पोर्ट पर हो सकती है अहम चर्चा
भारत और ईरान के रिश्तों में चाबहार पोर्ट की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक है. ईरानी विदेश मंत्रालय के मुताबिक दोनों देशों के बीच बातचीत में कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता दी जाती है और चाबहार इसमें सबसे आगे है. भारत के लिए यह बंदरगाह मध्य एशिया और उससे आगे के क्षेत्रों तक पहुंच का अहम रास्ता है, जबकि ईरान के लिए यह क्षेत्रीय व्यापार और कनेक्टिविटी बढ़ाने की बड़ी परियोजना है. इसलिए बैठक में इसके संचालन और भविष्य के सहयोग पर चर्चा की उम्मीद है.
BRICS के जरिए रिश्तों को नई दिशा
ईरान का BRICS में शामिल होना भारत के साथ उसके बहुपक्षीय सहयोग को भी नई संभावनाएं देता है. ईरानी पक्ष का मानना है कि BRICS जैसे मंच पर साथ काम करने से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को भी गति मिल सकती है. व्यापार और आर्थिक साझेदारी के अलावा कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और साझा क्षेत्रीय हितों पर सहयोग बढ़ाने की कोशिश होगी. ऐसे में मोदी-पेजेशकियन मुलाकात सिर्फ एक द्विपक्षीय बैठक नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक और क्षेत्रीय परिस्थितियों में भारत-ईरान संबंधों को आगे बढ़ाने का अवसर भी मानी जा रही है.
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