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नीब करोरी बाबा आध्यात्मिक सर्किट शुरू, दिल्ली-लखनऊ से पांच टूर पैकेज में करें जन्मस्थली, तपोस्थली और समाधि स्थल के दर्शन
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, September 11, 2026
Last Updated On: Friday, September 11, 2026
नीब करोरी बाबा के भक्तों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने आध्यात्मिक सर्किट की शुरुआत की है. इसमें अकबरपुर, नीब करौरी धाम, वृंदावन और लखनऊ के प्रमुख स्थल शामिल हैं. UPSTDC ने दिल्ली और लखनऊ से पांच टूर पैकेज भी शुरू किए हैं, जिनकी अवधि 2 से 5 दिन तक होगी.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, September 11, 2026
Neem Karoli Baba Circuit: नीब करोरी बाबा के भक्तों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने आध्यात्मिक यात्रा को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. बाबा के महासमाधि दिवस के अवसर पर यूपी पर्यटन विभाग ने उनके जीवन से जुड़े प्रमुख स्थलों को एक सर्किट के रूप में विकसित करने की पहल की है. अब श्रद्धालु दिल्ली या लखनऊ से यात्रा शुरू कर बाबा से जुड़े कई प्रमुख धामों के दर्शन कर सकेंगे.
एक सर्किट में जुड़ेंगे बाबा के चार प्रमुख स्थल
‘नीब करोरी बाबा आध्यात्मिक सर्किट’ में बाबा के जीवन से जुड़े चार महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ा जा रहा है. इसका उद्देश्य अलग-अलग शहरों में स्थित इन धार्मिक स्थलों तक श्रद्धालुओं की पहुंच आसान बनाना है. इस सर्किट में शामिल हैं:
- अकबरपुर, फिरोजाबाद: नीब करोरी बाबा की जन्मस्थली.
- नीब करौरी धाम, फर्रुखाबाद: बाबा की प्रमुख तपोस्थली.
- वृंदावन: वह स्थान जहां वर्ष 1973 में बाबा ने महासमाधि ली थी.
- हनुमान सेतु मंदिर, लखनऊ: बाबा द्वारा स्थापित प्रसिद्ध मंदिर.
इस तरह श्रद्धालु एक ही यात्रा योजना के तहत बाबा के जीवन के अलग-अलग पड़ावों से जुड़ सकेंगे.
अकबरपुर में बनेगा आधुनिक पर्यटन केंद्र
पर्यटन विभाग इन धार्मिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने के लिए करीब ₹12.93 करोड़ खर्च कर रहा है. फिरोजाबाद के अकबरपुर में बाबा की जन्मस्थली को आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. यहां श्रद्धालुओं के लिए कई सुविधाएं तैयार की जा रही हैं, जिनमें आधुनिक कन्वेंशन सेंटर, सांस्कृतिक ब्लॉक और बाबा के जीवन-दर्शन पर आधारित प्रदर्शनी हॉल शामिल हैं.
इसके अलावा यहां 50 सीटों वाला कैफेटेरिया और करीब 60 लोगों के ठहरने के लिए डॉरमेट्री भी तैयार की जा रही है. इससे दर्शन के साथ आने वाले यात्रियों को रुकने और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाएं भी मिल सकेंगी.
तपोस्थली में भी बढ़ेंगी सुविधाएं
फर्रुखाबाद के नीब करौरी गांव स्थित आश्रम को भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिहाज से विकसित किया गया है. बताया जाता है कि बाबा ने यहां करीब 12 वर्षों तक भूमिगत साधना की थी. इस स्थल पर लगभग ₹1.51 करोड़ की लागत से यात्री निवास, मुख्य द्वार और जरूरी जनसुविधाएं विकसित की गई हैं. इससे दूर-दराज से आने वाले भक्तों के लिए यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी.
दिल्ली और लखनऊ से शुरू होंगे पांच टूर पैकेज
उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम यानी UPSTDC ने इस सर्किट के लिए पांच विशेष टूर पैकेज शुरू किए हैं. श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार अलग-अलग अवधि वाली यात्राओं का विकल्प चुन सकते हैं:
- 2 दिन और 1 रात
- 3 दिन और 2 रात
- 5 दिन और 4 रात
इन यात्राओं की शुरुआत दिल्ली या लखनऊ से की जा सकेगी. पैकेज में आने-जाने की व्यवस्था, ठहरने की सुविधा और यात्रा के दौरान गाइड की सेवाएं पर्यटन निगम की ओर से उपलब्ध कराई जाएंगी.
धार्मिक आस्था के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा
नीब करोरी बाबा से जुड़े इन स्थलों को एक सर्किट में जोड़ने से श्रद्धालुओं को यात्रा की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी. साथ ही आधुनिक सुविधाओं के विकास से इन स्थानों पर धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. सरकार की कोशिश है कि देश-विदेश से आने वाले भक्तों को बाबा की जन्मस्थली, साधना भूमि और समाधि स्थल तक पहुंचने में कम परेशानी हो और पूरी यात्रा अधिक व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके.
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