States News
आजमगढ़ हत्याकांड: 7 घंटे का खौफनाक गतिरोध, पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की हत्या
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Thursday, September 24, 2026
Last Updated On: Thursday, September 24, 2026
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में एक भयावह घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया है. घर में चल रहे धार्मिक अनुष्ठान के दौरान परिवार के मुखिया ने अपनी पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद घंटों तक चले गतिरोध में पुलिस को कमांडो तक बुलाने पड़े.
Authored By: Galgotias Times Bureau
Last Updated On: Thursday, September 24, 2026
Azamgarh Murder Case: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया. अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में एक व्यक्ति ने अपने ही घर में चल रहे धार्मिक अनुष्ठान के बीच अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें उसकी पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की जान चली गई. इस पूरी घटना के बाद पुलिस और आरोपी के बीच घंटों तक तनावपूर्ण गतिरोध चलता रहा, जिसे खत्म करने के लिए विशेष कमांडो दस्ते तक को मौके पर बुलाना पड़ा. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर उस दिन क्या क्या हुआ.
कैसे शुरू हुई पूरी घटना
पुलिस के अनुसार आरोपी के घर में पिछले कई दिनों से एक धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था, जिसमें दो पुजारी शामिल होने आए थे. यह अनुष्ठान पांच दिनों का था और तीन दिन तक सब कुछ सामान्य ढंग से चलता रहा. लेकिन चौथे दिन शाम के समय जब आरोपी घर पहुंचा, तो उसने पुजारियों से उनकी पहचान को लेकर सवाल जवाब करना शुरू कर दिया. बताया जाता है कि वह पिछले कुछ महीनों से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था और उसका इलाज भी चल रहा था.
कहासुनी से हिंसा तक का सफर
जानकारी के अनुसार शुरुआत में आरोपी ने पुजारियों से पहचान पत्र मांगा और फिर बिना बात सुने ही लाठी लेकर हमला कर दिया. जब उसकी पत्नी और परिवार की अन्य महिलाएं बीच बचाव के लिए आगे आईं, तो उसने पिस्टल निकालकर गोली चला दी. पहली गोली उसकी पत्नी को लगी. इसके बाद जब पुजारी भागने की कोशिश करने लगे, तो उनमें से एक को पीछे से गोली मार दी गई. दूसरे पुजारी की जान भी सिर में गोली लगने से चली गई, हालांकि उनके साथ आया परिजन दीवार फांदकर अपनी जान बचाने में सफल रहा.
तीन बच्चों के साथ कमरे में बंद हुआ आरोपी
तीन लोगों की हत्या के बाद आरोपी अपने तीन छोटे बच्चों को लेकर घर के एक कमरे में चला गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया. कुछ ही देर में सूचना मिलते ही गांव में भारी पुलिस बल पहुंच गया और पूरे घर को घेर लिया गया. पुलिस अधिकारियों ने घंटों तक बातचीत के जरिए आरोपी को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह लगातार बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी देता रहा.
सात घंटे तक चला तनावपूर्ण गतिरोध
पुलिस के मुताबिक यह गतिरोध करीब सात घंटे तक खिंचता रहा. इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और हालात को शांति से सुलझाने की कोशिश करते रहे. हालांकि अंदर से अचानक एक गोली चलने की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद पुलिस के पास और इंतजार करने का विकल्प नहीं बचा. पुलिस टीम ने तुरंत कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया.
अंदर घुसते ही हुई मुठभेड़
पुलिस के अंदर पहुंचते ही आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस को भी कार्रवाई करनी पड़ी. इस मुठभेड़ में आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया. बताया गया कि इसी दौरान उसने अपने एक नाबालिग बेटे को भी गोली मार दी थी. दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान आरोपी और उसके बेटे दोनों की मौत हो गई.
गांव में पसरा सन्नाटा, पांचों शवों का हुआ पोस्टमार्टम
इस पूरी घटना के बाद गांव में मातम जैसा माहौल है. हादसे में कुल पांच लोगों की जान गई, जिनमें आरोपी की पत्नी, उसका नाबालिग बेटा, दोनों पुजारी और खुद आरोपी शामिल है. पुलिस ने सभी पांचों शवों का पोस्टमार्टम करा लिया है और पूरी घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी पिछले कुछ समय से चिड़चिड़ा और असामान्य व्यवहार करने लगा था, जिसकी वजह से परिवार पूजा पाठ के जरिए राहत पाने की कोशिश कर रहा था.
यह (Azamgarh Murder News) घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए बल्कि पूरे इलाके के लिए एक गहरा सदमा बनकर सामने आई है. मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और समय पर उचित इलाज की जरूरत को यह घटना एक बार फिर सामने लाती है.
यह विषय संवेदनशील है. अगर आप या आपके किसी परिचित को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी किसी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, तो कृपया किसी विशेषज्ञ या हेल्पलाइन से संपर्क करें.
यह भी पढ़ें :- Jamui Minor Girl Case: जमुई के बाद समस्तीपुर में नाबालिग लड़की से बदसलूकी, पुलिस ने की कार्रवाई









