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Neela Drum Case में बड़ा फैसला, मुस्कान-साहिल हत्याकांड के दोषी करार, 14 अक्टूबर को सजा
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Thursday, October 1, 2026
Last Updated On: Thursday, October 1, 2026
Neela Drum Case में आया बड़ा फैसला! मुस्कान और साहिल हत्या मामले में दोषी करार, अब 14 अक्टूबर को सजा का ऐलान होगा. पढ़ें पूरी खबर और जानें कोर्ट के फैसले की पूरी कहानी.
Authored By: Galgotias Times Bureau
Last Updated On: Thursday, October 1, 2026
कुछ अपराध इतने चौंकाने वाले होते हैं कि वे लंबे समय तक सुर्खियों में बने रहते हैं. मेरठ का नीला ड्रम हत्याकांड (Neela Drum Case) भी ऐसा ही एक मामला है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था. करीब डेढ़ साल तक चली कानूनी लड़ाई के बाद अब अदालत ने इस मामले में अपना फैसला सुना दिया है. आइए जानते हैं इस केस से जुड़ी पूरी जानकारी.
नीला ड्रम केस में बड़ा फैसला, मुस्कान-साहिल दोषी करार
मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला अदालत ने बुधवार को अपना फैसला सुना दिया. जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को हत्या(Muskhan Sahil Murder Case) का दोषी करार दिया है. हालांकि फैसले वाले दिन दोनों की सजा का ऐलान नहीं किया गया, अदालत अब सजा के बिंदु पर अलग से सुनवाई करेगी.
क्या था पूरा मामला
पुलिस जांच और अदालती कार्यवाही के अनुसार मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला(Muskan Sahil Case) के साथ मिलकर मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या कर दी थी. इसके बाद शव को नीले रंग के ड्रम में डालकर उसके ऊपर से सीमेंट का घोल भर दिया गया था, ताकि अपराध को छिपाया जा सके. घटना के तुरंत बाद दोनों आरोपी मेरठ छोड़कर हिमाचल प्रदेश चले गए थे और करीब दो हफ्ते बाद वापस लौटे. इसके कुछ ही दिनों बाद यह पूरा मामला सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्य
जांच के दौरान सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक शव काफी हद तक सड़ चुका था, लेकिन लिवर, गुर्दे और आंतों जैसे कोमल आंतरिक अंग अब भी पहचाने जा सकने लायक स्थिति में मिले थे. (Muskhan Sahil Murder Case) पेट में किसी ठोस भोजन के बजाय सिर्फ थोड़ी मात्रा में अर्ध-तरल पदार्थ ही पाया गया, जो जांच एजेंसियों के लिए एक अहम सुराग साबित हुआ.
तेजी से हुई जांच, लंबा चला ट्रायल
इस मामले की जांच पुलिस ने बेहद तेजी से पूरी की और महज नब्बे दिनों के भीतर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी. इसके बाद जुलाई 2025 में इस केस की सुनवाई शुरू हुई, जो करीब तेरह महीने यानी चार सौ सतहत्तर दिनों तक चली. इस दौरान अदालत में कुल एक सौ छब्बीस तारीखों पर सुनवाई हुई और अभियोजन पक्ष ने अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए बाईस गवाह पेश किए.
मुस्कान ने जेल में शुरू की पूजा-पाठ
मेरठ जेल प्रशासन के मुताबिक फैसला आने से ठीक पहले मुस्कान ने जेल के भीतर पूजा-पाठ शुरू कर दिया था. फैसला सुनाए जाने से पहले अदालत ने मुस्कान से सीधे पूछा था कि आज फैसले का दिन है, तो वह कैसा महसूस कर रही है. इसके बाद अदालत ने कुछ देर के लिए कार्यवाही रोकी और ब्रेक के बाद अपना अंतिम फैसला सुनाया.
14 अक्टूबर को सुनाई जाएगी सजा
अब इस मामले में अगली सुनवाई चौदह अक्टूबर को होगी (October 14 Sentencing), जिसमें अदालत दोनों दोषियों की सजा पर अपना फैसला सुनाएगी. अभियोजन पक्ष ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुस्कान और साहिल, दोनों के लिए फांसी की सजा की मांग की है. अब यह देखना बाकी है कि अदालत सबूतों और परिस्थितियों के आधार पर दोनों को क्या सजा सुनाती है.
निष्कर्ष
मेरठ का यह नीला ड्रम हत्याकांड (Neela Drum Case) शुरू से ही अपनी क्रूरता और सनसनीखेज खुलासों के चलते सुर्खियों में रहा है. पुलिस की तेज जांच और अदालत में हुई लंबी सुनवाई के बाद अब दोषसिद्धि का फैसला आ चुका है. चौदह अक्टूबर को सुनाई जाने वाली सजा पर अब पूरे देश की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि अभियोजन पक्ष ने इसे दुर्लभतम श्रेणी का अपराध बताते हुए सबसे कड़ी सजा की मांग की है.
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