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कमजोर मानसून से बढ़ी चिंता, 12% कम बारिश से खेती और अर्थव्यवस्था पर असर
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Thursday, October 1, 2026
Last Updated On: Thursday, October 1, 2026
Weak Monsoon ने देश की चिंता बढ़ा दी है. मानसून सीजन में 12% कम बारिश, Meghalaya में 60% बारिश की कमी और महाराष्ट्र की 265 तहसीलों में सूखे ने खेती और किसानों की आय पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है.
Authored By: Galgotias Times Bureau
Last Updated On: Thursday, October 1, 2026
Weak Monsoon: कमजोर मानसून देश के लिए खराब स्थिति पैदा करता है. इससे सब्जी, फल और अनाज की कम पैदावार होगी. किसान की आय घटने से इंडस्ट्री का नुकसान होता है.
कुछ ऐसा ही हाल इस बार का है. असामान्य मानसून (Monsoon) ने न केवल किसानों की कमर तोड़ी है बल्कि अर्थव्यवस्था के लिए भी चिंताजनक हालात पैदा कर दिया है. देश के कई हिस्से भीषण सूखे की चपेट में हैं. क्या है इस बार की बारिश का खेल, जानते हैं इस रिपोर्ट में…
एक जून से 30 सितंबर के बीच के मानसून सीजन में इस बार इस समयावधि के बीच यह बारिश पूरे देश में 12 फीसदी कम हुई है. यह आंकड़ा 2001 के बाद से मानसून सीजन में चौथा सबसे कम है. यहां तक कि पूर्वोत्तर के राज्य बारिश के लिए सबसे अधिक तरसे हैं.
मेघालय ने चौंकाया, 60 फीसद कम बारिश
अत्यधिक वर्षा के लिए प्रसिद्ध मेघालय में सामान्य से 60 प्रतिशत कम बारिश(Monsoon Rainfall) दर्ज की गई है. यह स्थिति इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पूर्वोत्तर देश के सर्वाधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में शामिल है.
दक्षिणी राज्यों में भी मानसून(Monsoon) कमजोर रहा. बिहार, झारखंड और ओडिशा में सितंबर के अंतिम दौर की बारिश से कुछ भरपाई जरूर हुई, लेकिन पूरे मानसून सीजन में वर्षा सामान्य से कम रही.
वर्षा का वितरण भी असामान्य रहा. कहीं सामान्य से अधिक तो कहीं काफी कम बारिश हुई. मौसम विभाग का अंतिम आधिकारिक आंकड़ा आना अभी बाकी है.
29 सितंबर तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस मानसून सीजन में देश में कुल 758.5 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर इस दौरान 865 मिलीमीटर वर्षा होती है.
कम बारिश का पड़ सकता है अगली फसल पर नकारात्मक असर
इस असमान बारिश का असर खेती पर पड़ेगा. जहां सामान्य बारिश हुई है, वहां खरीफ फसलों पर कम दबाव होगा. लेकिन दक्षिण, पूर्व और पूर्वोत्तर के कम बारिश वाले क्षेत्रों में मिट्टी की नमी और जलस्रोतों की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा. सीमित सिंचाई वाले इलाकों में कम मानसूनी बारिश का असर अगली फसल तक जा सकता है.
सूखे के कारण महाराष्ट्र में किसानों से कर्ज वसूली पर रोक
राज्य में सूखे की स्थिति को देखते हुए बैंकों को किसानों के घर जाकर फसल ऋण की वसूली नहीं करने का निर्देश दिया है. महाराष्ट्र सरकार ने बारिश की कमी के बीच 358 में से 265 तहसीलों में सूखे की घोषणा की है. इन क्षेत्रों में राहत संबंधी आदेश जारी करने में देरी नहीं करने को कहा गया है.
Written By: Rajiv Mandal
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