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Vrindavan Sadhu Death: आत्महत्या या साजिश? पोस्टमॉर्टम ने खड़े किए बड़े सवाल!
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Saturday, October 3, 2026
Last Updated On: Saturday, October 3, 2026
वृंदावन में 25 वर्षीय साधक अमित लोधी की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस इसे आत्महत्या बता रही थी, लेकिन पोस्टमॉर्टम में सामने आई चोटों और अन्य परिस्थितियों को लेकर मामला अब जांच के घेरे में है.
Authored By: Galgotias Times Bureau
Last Updated On: Saturday, October 3, 2026
Vrindavan Sadhu Death: कृष्ण की पावन भूमि वृंदावन(Vrindavan) में एक 25 वर्षीय साधक की मौत-जिसे पुलिस आत्महत्या बता रही है-ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. राधा केली कुंज आश्रम में रहने वाले साधक का प्राइवेट पार्ट का ग्राइंडर से काटना, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसके सिर पर गहरे घाव और चोट के निशान आदि यह साफ परिलक्षित कर रहे हैं कि उसके साथ कोई अनहोनी हुई है. इस मामले में साधु-संत भी काफी आक्रोशित हैं और इसे साजिश मान रहे हैं. उन लोगों के मुताबिक वृंदावन में ऐसी घटना पहली बार हुई है. इस घटना ने प्रेमानंद महाराज के आभामंडल को भी सवालों के घेरे में ला दिया है. सनातन पर भी शंका की जा रही है, बाबा को भी कठघरे में लाया जा रहा है, क्या है पूरा मामला. जानते हैं इस आध्यात्मिक पड़ताल में.
संत प्रेमानंद जी महाराज(Premanand Maharaj) के शिष्य रसिक शरण दुलारी यानी अमित लोधी(Amit Lodhi Death) की मौत अब मिस्ट्री बन चुकी (Vrindavan Death Mystery)है. जब से पोस्टमार्टम रिपोर्ट का खुलासा हुआ है, पुलिस के अब हाथ-पांव फूल चुके हैं क्योंकि जो पुलिस इसे सुसाइड मान रही थी, वो पुलिस अब समझ चुकी है कि ये मामूली सुसाइड नहीं है. इसके पीछे एक बड़ी हैवानियत का मामला है. रिपोर्ट में कई बड़ी बातें सामने आई हैं, एक ऐसा राज जिससे पर्दा उठते ही सब कांप उठे.
मौत से पहले रसिक के साथ दरिंदगी के सबूत
रसिक दुलारी (Rasik Sharan Dulari) के साथ मौत से पहले हैवानियत की गई थी, वो हैवानियत जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता. इतनी क्रूरता किसी को मौत देने के लिए कैसे की जा सकती है? बताते चलें कि अमित लोधी की मौत(Amit Lodhi Death) के पहले उनके प्राइवेट पार्ट को ग्राइंडर से काट दिया गया था. अमित लोढ़ी के शरीर पर छह चोट के निशान पाए गए थे. इसका मतलब ये साफ है कि प्रेमानंद जी महाराज के भक्त के साथ, उनके शिष्य के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी गई और हो सकता है कि इसे सुसाइड दिखाने के लिए उन्हें चार मंजिला इमारत से नीचे फेंक दिया गया, ताकि लोगों को ये लगे कि ये आत्महत्या है.
प्रेमानंद महाराज की चुप्पी आश्चर्यजनक
पूरे मामले में अभी तक (घटना को बीते छह दिन से ज्यादा हो चुके हैं) प्रेमानंद जी ((Premanand Maharaj))की तरफ से किसी तरह का कोई बयान नहीं दिया है. यह अपने आप में काफी आश्चर्यजनक बात है. वृंदावन में राधा-कृष्ण के बाद नि:संदेह प्रेमानंद सबसे बड़ी सेलिब्रिटी हैं. उनके द्वारा तैयार किया हुआ शिष्य, उनके सानिध्य में गुरु दीक्षा लेने वाले साधक की संदेहास्पद मौत हो जाए, देश भर में यह चर्चा का विषय बन जाए और महाराज के मुंह पर ताला लगे तो हर किसी को क्षोभ होगा और बाबा के स्वभाव पर शंका होगी.
बढ़ते साम्राज्य पर भी जनता में रोष
इस बात में कोई शक-सुबहा नहीं कि बाबा प्रेमानंद का साम्राज्य पिछले 4-5 वर्षो में तेजी से आगे बढ़ा. खेल जगत, राजनीति, व्यापार और अन्य प्रतिष्ठित क्षेत्रों के सितारे और गणमान्य लोग इनके दर्शन का लाभ पाकर अभिभूत हो जाते हैं. हालांकि आमजन के लिए इनसे मिलना और दर्शन का लाभ लेना बेहद मुश्किल और कष्टकारी है. वहीं दान-पुण्य में विपुल धनराशि का मिलना भी इस बात की पुष्टि करता है कि प्रवचन में भले महाराज मोह-माया से दूर रहने को कहते हैं, मगर असल जिंदगी में इसके मायने बिल्कुल उलट हैं. कई लोग जो महाराज को नजदीक से जानते-समझते हैं, कहते हैं कि बाबा के साथ साये की तरह रहने वाले साधक ही आश्रम को और महाराज को चलाते हैं. खैर, देखना ये होगा कि पुलिस इस मौत के सच तक कब तक पहुंचती है और जब सच सामने आता है, तो असल में जो सच है वो क्या होता है?
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