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माइक्रोसॉफ्ट में 60 हजार कर्मचारियों को वॉलंटरी एग्जिट ऑफर, 8 हजार भारतीयों की नौकरी पर क्या असर?
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Wednesday, October 28, 2026
Last Updated On: Wednesday, October 28, 2026
दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने घोषणा की कि वह चार देशों के लगभग 60,000 कर्मचारियों को स्वैच्छिक विदाई प्रस्ताव (वॉलंटरी एग्जिट ऑफर या वीईओ) दे रही है. यह संख्या कंपनी के वैश्विक कार्यबल (वर्कफोर्स) के एक-चौथाई से भी अधिक है. इन चार देशों में भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा शामिल हैं.
Authored By: Galgotias Times Bureau
Last Updated On: Wednesday, October 28, 2026
Microsoft Layoffs: माना जा रहा है कि कंपनी यह कदम अपनी परिचालन लागत घटाने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्षेत्र में अपने बड़े निवेश के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से उठा रही है. कंपनी के सीईओ भारतीय मूल के सत्या नडेला हैं. सूत्रों के अनुसार, कंपनी के विभिन्न विभागों के कर्मचारी इस पेशकश के पात्र होंगे. इनमें एआई एक्सपीरियंस, कोपायलट, वित्त, मानव संसाधन, एक्सबॉक्स और विंडोज एंड डिवाइसेज में काम करने वाले कर्मचारी शामिल हैं. हालांकि, विपणन (मार्केटिंग), वाणिज्यिक कारोबार और सुरक्षा जैसे विभागों को इससे बाहर रखा गया है.
मुख्य कार्मिक अधिकारी एमी कोलमैन ने एक स्टाफ मेमो में कहा कि यह पेशकश उन पात्र (स्तर 70 या उससे नीचे) कर्मचारियों को नया विकल्प देती है, जो कंपनी से बाहर अपना भविष्य बनाने पर विचार कर रहे हैं. इससे प्रतिभागी संगठनों को अपनी बदलती जरूरतों के अनुरूप कार्यबल को व्यवस्थित करने का अवसर मिलेगा. कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह सीमित अवधि का स्वैच्छिक कार्यक्रम है, जिसे पूर्व के अनुभवों के आधार पर तैयार किया गया है.
US में पहले ही कर चुकी छंटनी
कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 30 जून 2026 तक दुनिया भर में उसके 2,23,000 पूर्णकालिक कर्मचारी थे. इस वर्ष की शुरुआत में कंपनी ने अमेरिकी कार्यबल के लगभग 7 प्रतिशत (करीब 9,000 कर्मचारी) को वीईओ का प्रस्ताव दिया था. इसके बाद जुलाई में वैश्विक स्तर पर 4,800 नौकरियों (2.1 प्रतिशत कार्यबल) में कटौती की घोषणा की गई थी.
भारत में 1 दिसंबर तक का समय
“भारत में माइक्रोसॉफ्ट के लगभग 23,000 कर्मचारी कार्यरत हैं, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें से कितने लोग वीईओ के पात्र होंगे. हालांकि, वैश्विक कार्यबल में छंटनी के हिसाब से यह संख्या 25 फीसदी यानी करीब 8,000 हो सकती है. जानकारी के मुताबिक, भारत में पात्र कर्मचारियों के पास वीईओ का विकल्प चुनने के लिए 1 दिसंबर तक का समय होगा. यह पैकेज सामान्य सेवरेंस पैकेज जैसा ही है, जिसमें सेवा के प्रत्येक वर्ष के बदले एक महीने का मूल वेतन, स्वास्थ्य बीमा और करियर ट्रांजिशन सेवाएं शामिल हैं.”
कई कंपनियों ने की छंटनी
हाल के दिनों में Microsoft के अलावा Meta, Amazon, Oracle, Intel और Innodata जैसी प्रमुख सॉफ्टवेयर और टेक कंपनियों ने बड़े पैमाने पर छंटनी और वर्कफ़ोर्स रीस्ट्रक्चरिंग की है. इन कटौतियों की मुख्य वजह एआई (AI) तकनीकों पर भारी निवेश, रीअलोकेशन और परिचालन लागत को कम करना रहा है. स्वाभाविक है, इन छंटनियों का सबसे बुरा असर भारतीय कामगारों पर पड़ा है. वैसे भी AI आने के बाद से ही ये बहस सरगर्म है कि इससे नौकरियों पर आफत आएगी और बेरोजगारी का दंश बढ़ेगा. ऐसे में वैश्विक स्तर पर इस बड़ी समस्या का समाधान ढूंढने के प्रयास तेज करने होंगे.
Written By: Rajiv Mandal
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