Special Coverage
Gold-Silver ETFs Crash: ट्रंप के बयान से हिला बाजार, गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में 12% तक भारी गिरावट
Authored By: Nishant Singh
Published On: Saturday, January 24, 2026
Last Updated On: Saturday, January 24, 2026
Gold-Silver ETFs Crash: सोना और चांदी के ईटीएफ में गुरुवार को अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली, जहां सिल्वर ईटीएफ 12% तक और गोल्ड ईटीएफ करीब 8% टूट गए. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर दिए बयान से ग्लोबल टेंशन कम हुई, जिससे सेफ असेट्स में बिकवाली बढ़ी. रिकॉर्ड हाई के बाद प्रॉफिट बुकिंग ने भी गिरावट को तेज कर दिया.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Saturday, January 24, 2026
Gold-Silver ETFs Crash: सोने और चांदी के ईटीएफ निवेशकों के लिए एक बड़ा झटका लेकर आए. सुबह के कारोबार में गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में जबरदस्त गिरावट देखी गई. दोपहर तक सिल्वर ईटीएफ 12 प्रतिशत तक टूट गए, जबकि गोल्ड ईटीएफ 8 प्रतिशत की गिरावट पर थे. इस अचानक गिरावट ने निवेशकों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच दीं. हालांकि कुछ देर बाद सोने और चांदी के दाम रिकवर हुए, लेकिन ईटीएफ अभी भी अपने रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे थे.
MCX में सोना-चांदी: वायदा बाजार की उथल-पुथल
वायदा बाजार MCX पर गुरुवार की सुबह ही सोने और चांदी के दामों में तेजी से गिरावट आई. चांदी 20 हजार रुपये तक टूट गई, जबकि सोने की कीमतों में 4,000 रुपये तक की कमी हुई. दोपहर 12:20 बजे सिल्वर 600 रुपये गिरकर 3,17,951 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रहा था, वहीं गोल्ड के दाम 400 रुपये गिरकर 1,60,029 रुपये पर थे. इस गिरावट ने ETFs पर भी भारी असर डाला, जिससे टाटा सिल्वर ईटीएफ ने इंट्राडे में 25 प्रतिशत की गिरावट दिखाई, और बाद में भी यह 13 प्रतिशत नीचे था.
कौन से ETFs झुके सबसे ज्यादा?
सिर्फ टाटा ईटीएफ ही नहीं, बल्कि HDFC, ICICI और SBI जैसे बड़े गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में भी लगभग 8-9 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई. सिल्वर बीस ईटीएफ 8 प्रतिशत टूटकर 285 पर कारोबार कर रहा था, जबकि गोल्ड बीस में भी 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. टाटा गोल्ड ईटीएफ 9 प्रतिशत नीचे था. इस अचानक गिरावट ने निवेशकों के मुनाफे को चुनौती दी और बाजार में बेचने की तेजी बढ़ा दी.
गिरावट के पीछे ट्रंप का बयान
सोने और चांदी के दामों में आई इस भारी गिरावट के पीछे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान अहम वजह माना जा रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच जल्द ही बेहतरीन ट्रेड डील होने वाली है. ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना “अच्छा दोस्त” बताया और कहा कि उनके बीच व्यापारिक समझौता दोनों देशों के लिए लाभदायक होगा. इस सकारात्मक खबर के बाद शेयर बाजार में तेजी आई और गोल्ड-सिल्वर के दाम गिर गए, जिससे ETFs पर भी असर पड़ा.
ग्रीनलैंड बयान और ग्लोबल टेंशन में कमी
ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर भी बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका और NATO दोनों के लिए लाभकारी समझौता किया जाएगा. हालांकि उन्होंने माना कि यह यूरोप में निवेश पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है. इन दोनों बयानों से वैश्विक तनाव (Global Tension) कम हुआ, जिससे सेफ असेट माने जाने वाले गोल्ड और सिल्वर के दामों में गिरावट आई और ETFs में भारी बेचवाली हुई.
प्रॉफिट बुकिंग की वजह से गिरावट
गोल्ड और सिल्वर के ईटीएफ अपने रिकॉर्ड हाई पर थे, इसलिए जैसे ही सोना और चांदी के दाम गिरे, निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया. प्रॉफिट बुकिंग के इस दौर में ETFs में भी तेजी से बेचवाली हुई. इस वजह से कई बड़े निवेशक भी अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित करने के लिए बिकवाली करने पर मजबूर हुए, जिससे गिरावट और तेज़ हो गई.
निष्कर्ष: निवेशकों के लिए सबक
गोल्ड और सिल्वर ETFs में इस अचानक गिरावट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सेफ असेट कहे जाने वाले भी कभी-कभी तेजी से नीचे जा सकते हैं. निवेशकों को चाहिए कि वे केवल भावों के रिकॉर्ड हाई पर ध्यान न दें, बल्कि मार्केट की वैश्विक स्थिति, राजनीतिक बयानों और प्रॉफिट बुकिंग के रुझानों को भी ध्यान में रखें. इस गिरावट ने यह भी दिखाया कि अचानक होने वाले ग्लोबल अपडेट्स और बड़े नेताओं के बयान भी निवेशकों की भावनाओं पर असर डाल सकते हैं.
यह भी पढ़ें :- India Gold Reserves: भारत की तिजोरी में कितना सोना, बदलते दौर में क्यों है इतना जरूरी?















