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सीतामढ़ी में मां जानकी मंदिर निर्माण से पहले सियासत गरमाई
Authored By: सतीश झा
Published On: Friday, August 8, 2025
Last Updated On: Friday, August 8, 2025
बिहार के सीतामढ़ी के पुरौनाधाम (Purunadham) में मां जानकी (Maa Janki) के भव्य मंदिर का निर्माण शुरू होने से पहले ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है. 2024 के लोकसभा चुनाव (Loksabha Election 2024) में भगवान श्री राम के नाम पर चुनावी नैया पार लगाने वाले एनडीए (NDA) को अब 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) में मां जानकी (Maa Janki) के नाम पर सियासी लाभ लेने की कोशिश करते विपक्ष निशाने पर ले रहा है.
Authored By: सतीश झा
Last Updated On: Friday, August 8, 2025
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद मोदी सरकार अब बिहार में मां सीता का भव्य मंदिर बनाने जा रही है. (Sitamarhi Janaki Temple Politics) सीता मां के मंदिर को जनकी मंदिर (Janki Mandir) कहा जाता है. माना जाता है कि भगवान श्रीराम की पत्नी मां सीता का मायका जनकपुर (नेपाल) में था, जिसके चलते बिहार और नेपाल में उनका विशेष धार्मिक व सांस्कृतिक संबंध है. यहां के लोग मां सीता को अपनी आराध्य देवी मानते हैं. लोगों की इस आस्था को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने जनकी मंदिर के पुनर्विकास का निर्णय लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने शुक्रवार को बिहार के सीतामढ़ी जिले के पुनौराधाम में इस परियोजना की आधारशिला रखी.
राम मंदिर के बाद जानकी मंदिर से होगा आस्था का श्रृंगार
बिहार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर जेडीयू सांसद संजय कुमार झा (Sanjay Kumar Jha) ने इसे पूरे मिथिला (Mithial) और देश के लिए एक ऐतिहासिक दिन बताया. उन्होंने कहा, “आज हमारे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गृह मंत्री अमित शाह यहां भूमि पूजन के लिए आ रहे हैं. राम मंदिर तो बन गया लेकिन वह आधा था, आज वह पूरा होगा जब जानकी मंदिर का निर्माण होगा.”
संजय झा ने जानकारी दी कि बिहार सरकार ने जानकी मंदिर निर्माण और उसके लिए जमीन अधिग्रहण में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी है. उनके अनुसार, यह परियोजना न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक और पर्यटन के लिहाज से भी मिथिला और पूरे बिहार के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी.
राजद का हमला
राजद (RJD) ने मंदिर निर्माण के समय पर सवाल उठाते हुए इसे चुनावी स्टंट बताया. आरजेडी के प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा,
“यूपी चुनाव से पहले भगवान श्री राम के नाम पर राजनीति करने वाले भाजपा और एनडीए को जनता ने सबक सिखाया. 400 सीटों की बात करने वाले 240 पर सिमट गए. अब बिहार चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) से पहले मां सीता (Maa Sita) के नाम पर राजनीति हो रही है. केंद्र में 11 साल और बिहार में 20 साल से सत्ता में रहते हुए इन्हें मां जानकी की याद नहीं आई. मंदिर निर्माण का प्रस्ताव तो तेजस्वी यादव के उपमुख्यमंत्री रहते ही पास हुआ था.”
भाजपा का पलटवार
भाजपा (BJP) प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने इसे सनातन धर्मावलंबियों के लिए गौरव का दिन बताते हुए कहा, “राजद सत्ता के लिए अपने संस्कार भूलकर समाजवादी से नमाजवादी हो गई है. जनता इन मौके परस्त नेताओं को विधानसभा चुनाव में जवाब देगी.”
जदयू का बयान
जदयू प्रवक्ता पूजा एन शर्मा ने विपक्ष पर श्रेय लेने का आरोप लगाते हुए कहा, “सीतामढ़ी के पुरौनाधाम में मां जानकी मंदिर का भव्य निर्माण मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हो रहा है, जिससे पूरे देश में खुशी की लहर है. विपक्ष भयभीत होकर पुराने निर्णय का हवाला देकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है.”
कांग्रेस का वार
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेश मुखिया बिंद ने कहा, “भाजपा का असली एजेंडा मंदिर-मस्जिद की राजनीति है. 2024 में अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन किया, लेकिन अयोध्या ही हार गए. अब बिहार में मां जानकी मंदिर के नाम पर वोट मांगेंगे, मगर जनता इस बार इनके बहकावे में नहीं आएगी.”
सीतामढ़ी के इस मंदिर निर्माण ने अभी से बिहार के चुनावी रण में धार्मिक आस्था बनाम राजनीतिक रणनीति की नई बहस को जन्म दे दिया है.
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