बॉलीवुड एक्ट्रेस कामिनी कौशल का 98 की उम्र में निधन, जानिए उनके करियर को परिभाषित करने वाली 5 मुख्य बातें
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Friday, November 14, 2025
Updated On: Saturday, November 15, 2025
दिग्गज अभिनेत्री कामिनी कौशल का 98 वर्ष की उम्र में मुंबई में निधन हो गया. 1940 के दशक से शुरू हुआ उनका सफर आधुनिक बॉलीवुड तक करीब आठ दशकों तक चला. ब्लैक-एंड-व्हाइट दौर से लेकर नई पीढ़ी की फिल्मों तक उन्होंने लगातार काम किया. यहाँ उनके जीवन और करियर के पाँच प्रमुख पहलू प्रस्तुत हैं.
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Updated On: Saturday, November 15, 2025
हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री कामिनी कौशल (Kamini Kaushal) का 98 वर्ष की उम्र में गुरुवार रात मुंबई स्थित उनके घर पर निधन हो गया. परिवार के करीबी मित्र साजन नारायण ने बताया कि वह अगले महीने 99 साल की होने वाली थीं. कामिनी कौशल का करियर 1940 के दशक से लेकर आधुनिक फिल्मों तक करीब आठ दशकों तक फैला, जिससे वह इंडस्ट्री की सबसे लंबे समय तक सक्रिय रहने वाली अभिनेत्रियों में शामिल रहीं. उन्होंने फिल्मों के कई बदलते दौर देखे, ब्लैक-एंड-व्हाइट सिनेमा से लेकर आधुनिक बॉलीवुड तक. यहाँ उनके जीवन और करियर से जुड़े पाँच अहम पहलुओं पर नजर डाली जा रही है.
एक यादगार शुरुआत जिसने इतिहास बनाया
कामिनी कौशल ने अपनी फिल्मी यात्रा चेतन आनंद की नीचा नगर (1946) से शुरू की. यह फिल्म पहले कान फिल्म समारोह में ग्रैंड प्रिक्स जीतने वाली दुर्लभ भारतीय फिल्मों में से थी, जिसे आज पाल्मे डी’ओर कहा जाता है. उनकी पहली ही फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर दिया.
शुरुआती दौर की सबसे पढ़ी-लिखी अभिनेत्रियों में शामिल
कामिनी कौशल, जिनका असली नाम उमा कश्यप था, लाहौर में एक शिक्षित परिवार में पली-बढ़ीं. उनके पिता प्रो. शिव राम कश्यप मशहूर वनस्पतिशास्त्री थे, जिन्हें बाद में ‘भारतीय वनस्पति विज्ञान का जनक’ कहा गया. फिल्मों में आने से पहले उन्होंने किन्नेयर्ड कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में बीए किया, जो उस समय की अभिनेत्रियों के बीच बहुत कम देखने को मिलता था.
शादी के बाद भी करियर जारी रखने वाली दुर्लभ अभिनेत्री
एक ऐसा समय था जब ज्यादा-तर अभिनेत्रियाँ शादी के बाद फिल्मों को अलविदा कह देती थीं, लेकिन कामिनी कौशल ने यह धारा बदल दी. उन्होंने अपनी दिवंगत बहन के पति बी.एस. सूद से शादी की और बहन के बच्चों के साथ अपने तीन बेटों की परवरिश भी की. परिवार की जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने लगातार फिल्मों में काम किया और मुख्य भूमिकाएँ निभाती रहीं, जो 1940–50 के दशक में बेहद कम देखने को मिलता था.
दिलीप कुमार से जुड़ा उनका खास रिश्ता
कामिनी कौशल और दिलीप कुमार की जोड़ी ने शहीद (1948) और नदिया के पार जैसी फिल्मों में खूब सराहना पाई. उनकी ऑन-स्क्रीन chemistry इतनी लोकप्रिय हुई कि ऑफ-स्क्रीन भी दोनों के रिश्ते की खूब चर्चा होती रही. कई लोगों ने कामिनी को दिलीप कुमार का पहला महत्वपूर्ण प्रेम माना. अपनी आत्मकथा में दिलीप कुमार ने लिखा कि यह रिश्ता खत्म होने के बाद वे ‘अंदर से टूट गए थे’, लेकिन कामिनी कौशल ने अपने परिवार और जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देते हुए इस रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाया.
फिल्मों और टीवी में सात दशकों का सफर
कामिनी कौशल का करियर सिर्फ़ पुराने दौर तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने कई दशकों तक फिल्मों, टीवी शो और बच्चों के कार्यक्रमों में काम किया. 2010 के दशक में भी वह कबीर सिंह और लाल सिंह चड्ढा जैसी फिल्मों में नज़र आईं. कैमरे के सामने उनका सफर 70 साल से भी लंबा रहा. स्वतंत्रता के शुरुआती दौर की फिल्मों से लेकर आज की बड़ी बजट वाली फिल्मों तक, कामिनी कौशल ने ऐसा काम छोड़ा है जो हिंदी सिनेमा के बदलते दौर को खूबसूरती से दर्शाता है.
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