Sanjay Dutt Hit Movies: Sanjay Dutt की नई पारी शुरू, क्या 90s वाला सुपरस्टार जादू फिर से बॉक्स ऑफिस पर लौटेगा?

Authored By: Nishant Singh

Published On: Tuesday, May 12, 2026

Updated On: Tuesday, May 12, 2026

90s सुपरस्टार संजय दत्त अपनी नई फिल्मों के साथ बॉक्स ऑफिस पर वापसी करते हुए

Sanjay Dutt Hit Movies: Sanjay Dutt एक बार फिर लगातार फिल्मों और पुराने सुपरहिट किरदारों के सीक्वल को लेकर चर्चा में हैं. 90s में “साजन”, “खलनायक” और “वास्तव” जैसी फिल्मों से उन्होंने इतिहास रचा था. अब सवाल यह है कि बदलते दौर में क्या संजू बाबा फिर वही जादू और स्टारडम दोहरा पाएंगे?

Authored By: Nishant Singh

Updated On: Tuesday, May 12, 2026

Sanjay Dutt Hit Movies: Sanjay Dutt एक बार फिर लगातार फिल्मों को लेकर सुर्खियों में हैं. उम्र 60 के पार पहुंच चुकी है, लेकिन स्क्रीन पर उनकी एनर्जी आज भी कई युवा कलाकारों को टक्कर देती नजर आती है. भारी आवाज, दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और अलग अंदाज ने उन्हें बॉलीवुड का खास चेहरा बनाया. चाहे कॉमिक रोल हो, इमोशनल किरदार या फिर खतरनाक विलेन, संजय दत्त हर रूप में दर्शकों को प्रभावित करते रहे हैं. इन दिनों उनकी आने वाली फिल्म “आखिरी सवाल” और पुरानी सुपरहिट फिल्मों के सीक्वल को लेकर चर्चा तेज है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या संजू बाबा फिर से वही जादू चला पाएंगे, जो उन्होंने 90 के दशक में किया था?

90s का वो दौर, जब संजय दत्त थे बॉक्स ऑफिस के बादशाह

संजय दत्त का करियर हमेशा उतार-चढ़ाव से भरा रहा. शुरुआत फिल्म “रॉकी” से हुई, लेकिन असली पहचान उन्हें 90 के दशक में मिली. “साजन”, “सड़क”, “खलनायक” और “वास्तव” जैसी फिल्मों ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया. खास बात यह थी कि उनके किरदार सिर्फ हीरो नहीं होते थे, उनमें गुस्सा, दर्द, भावनाएं और एक अलग तरह की बगावती छवि भी दिखाई देती थी. दर्शकों को यही अंदाज सबसे ज्यादा पसंद आया. “मुन्ना भाई एमबीबीएस” और “लगे रहो मुन्ना भाई” ने उनकी इमेज को नया मोड़ दिया, जहां उन्होंने लोगों को हंसाया भी और भावुक भी किया. यही वजह है कि आज भी उनके कई किरदार बॉलीवुड के सबसे यादगार रोल्स में गिने जाते हैं.

विवादों ने रोकी रफ्तार

संजय दत्त की जिंदगी जितनी चमकदार रही, उतनी ही विवादों से भी घिरी रही. ड्रग्स की लत से लेकर जेल यात्रा तक, उनके करियर को कई बार बड़ा झटका लगा. 1993 के आर्म्स एक्ट मामले ने उनके फिल्मी सफर को सबसे ज्यादा प्रभावित किया. कई बार ऐसा लगा कि उनका करियर खत्म हो जाएगा, लेकिन हर बार उन्होंने वापसी की. यही संघर्ष उन्हें बाकी सितारों से अलग बनाता है. हालांकि इंडस्ट्री के कई लोगों का मानना है कि अगर विवाद और जेल की परेशानियां नहीं होतीं, तो संजय दत्त की प्रतिभा का इस्तेमाल और बड़े स्तर पर हो सकता था. उनके अंदर जो स्क्रीन एनर्जी थी, वैसी बहुत कम कलाकारों में देखने को मिली.

नई फिल्मों में बदलता अंदाज

अब संजय दत्त अपनी नई पारी में अलग तरह के रोल्स करते नजर आ रहे हैं. हाल के वर्षों में उन्होंने “केजीएफ 2”, “जवान” और कई बड़ी फिल्मों में दमदार विलेन या कैरेक्टर रोल निभाए. उनकी आने वाली फिल्म “आखिरी सवाल” भी चर्चा में है, जिसमें वह एक प्रोफेसर के किरदार में दिखाई देंगे. फिल्म का विषय राजनीति, आपातकाल और सामाजिक मुद्दों से जुड़ा बताया जा रहा है. इसके अलावा “खलनायक” और “वास्तव” जैसी उनकी कल्ट फिल्मों के सीक्वल भी चर्चा में हैं. दर्शकों में उत्सुकता है कि क्या बल्लू बलराम और रघु जैसे किरदारों का वही पुराना असर फिर देखने को मिलेगा या नहीं.

क्या दोहर पाएंगे पुराना इतिहास?

आज के दौर में बॉलीवुड पूरी तरह बदल चुका है. दर्शकों की पसंद भी पहले जैसी नहीं रही. ऐसे में संजय दत्त के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि वे अपने अनुभव और स्टारडम को नए दौर के हिसाब से कैसे ढालते हैं. अच्छी बात यह है कि अब वह सिर्फ अभिनेता नहीं, बल्कि निर्माता के तौर पर भी काम कर रहे हैं और अपने किरदारों के चयन पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. अगर उन्हें मजबूत कहानी और दमदार रोल मिले, तो वह फिर से बड़ा कमाल कर सकते हैं. 90s वाला दौर शायद दोबारा पूरी तरह लौटकर न आए, लेकिन संजय दत्त आज भी अपनी मौजूदगी से स्क्रीन पर अलग पहचान बनाने का दम रखते हैं. 

यह भी पढ़ें :- पूजा बत्रा से सुष्मिता सेन तक, लंबी हाइट बनी मुसीबत; कई बड़ी फिल्मों से धोना पड़ा हाथ 

About the Author: Nishant Singh
निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
Leave A Comment

यह भी पढ़ें

Email marketing icon with envelope and graph symbolizing growth

news via inbox

समाचार जगत की हर खबर, सीधे आपके इनबॉक्स में - आज ही हमारे न्यूजलेटर को सब्सक्राइब करें।

खास आकर्षण