जॉइंट बैंक अकाउंट खोलने से पहले जानें सभी जरूरी नियम, ऑपरेटिंग मोड और जिम्मेदारी की पूरी जानकारी
Authored By: Nishant Singh
Published On: Monday, February 23, 2026
Updated On: Monday, February 23, 2026
Joint Bank Account Rules: जॉइंट बैंक अकाउंट दो या अधिक लोगों के बीच वित्तीय लेनदेन आसान बनाता है, लेकिन खोलने से पहले ऑपरेटिंग मोड, जिम्मेदारी और नॉमिनी जैसी महत्वपूर्ण चीजें समझना जरूरी है. सही जानकारी और सावधानी से लिया गया निर्णय भविष्य में वित्तीय या कानूनी परेशानियों से बचा सकता है.
Authored By: Nishant Singh
Updated On: Monday, February 23, 2026
Joint Bank Account Rules: दो लोगों के बीच वित्तीय लेनदेन को आसान बनाने के लिए जॉइंट बैंक अकाउंट एक लोकप्रिय विकल्प है. यह पति-पत्नी, माता-पिता और बच्चे या अन्य भरोसेमंद सदस्यों के बीच आर्थिक लेनदेन को सरल और सुरक्षित बनाता है. लेकिन इस खाते को खोलने से पहले इसके नियम, अधिकार और जिम्मेदारियों को समझना बेहद जरूरी है. कई लोग केवल सुविधा के लिए अकाउंट खोल लेते हैं, लेकिन बाद में छोटी-छोटी गलतफहमियों या कानूनी उलझनों का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए पहले से पूरी जानकारी लेना और सहमति बनाना सबसे सुरक्षित तरीका है.
जॉइंट अकाउंट के ऑपरेटिंग मोड को समझें
जॉइंट अकाउंट खोलते समय सबसे महत्वपूर्ण फैसला इसका ऑपरेटिंग मोड चुनना होता है. यही तय करता है कि खाते को कौन और कैसे चला सकता है. बैंक आमतौर पर तीन विकल्प देते हैं:
- Either or Survivor – इस मोड में दोनों खाताधारकों में से कोई भी व्यक्ति अकेले खाते का इस्तेमाल कर सकता है और पैसा निकाल सकता है. सुविधा के लिहाज से यह सबसे लोकप्रिय विकल्प है, लेकिन सावधानी जरूरी है क्योंकि कोई भी बिना दूसरे की अनुमति के लेनदेन कर सकता है.
- Jointly – इस मोड में हर लेनदेन के लिए दोनों खाताधारकों की सहमति और हस्ताक्षर जरूरी होते हैं. यह सुरक्षा बढ़ाता है, लेकिन प्रोसेस थोड़ा धीमा हो सकता है.
- Former or Survivor – इस मोड में मुख्य खाताधारक के जीवनकाल में वही खाते का संचालन करता है. केवल मुख्य खाताधारक ही लेनदेन कर सकता है, और मृत्यु के बाद बचा हुआ सह-खाताधारक अधिकार प्राप्त करता है.
इसलिए खाते के ऑपरेटिंग मोड को समझकर ही चयन करना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी विवाद या असुविधा से बचा जा सके.
जिम्मेदारी किसकी होती है?
जॉइंट बैंक अकाउंट में दोनों खाताधारक समान जिम्मेदारियों के अंतर्गत आते हैं. अगर खाते में ओवरड्राफ्ट हो, चेक बाउंस हो जाए या लोन से जुड़ी कोई समस्या आए, तो इसका असर दोनों व्यक्तियों पर पड़ता है. इसलिए खाता खोलते समय दोनों के बीच वित्तीय जिम्मेदारियों पर स्पष्ट चर्चा करना जरूरी है. इससे भविष्य में किसी तरह के झगड़े या कानूनी परेशानियों से बचा जा सकता है.
नॉमिनी बनाना ना भूलें
कई लोग सोचते हैं कि जॉइंट अकाउंट में नॉमिनी की जरूरत नहीं है. लेकिन यह बहुत जरूरी है. यदि किसी भी दोनों खाताधारकों के साथ अनहोनी हो जाए, तो पैसे की निकासी कानूनी दांव-पेंच में फंस सकती है. इसलिए खाते खुलवाते समय ही नॉमिनी का नाम दर्ज करवा दें. यह कदम भविष्य में सुरक्षा और आसानी सुनिश्चित करता है.
ध्यान रखने योग्य अन्य बातें
जॉइंट अकाउंट खोलने से पहले खाते से जुड़े नियम और शर्तें ध्यान से पढ़ें. खाते के संचालन, लिमिट्स और बैंक की नीतियों की जानकारी लेना बेहद जरूरी है. साथ ही खाते में नियमित ट्रांजैक्शन और बैलेंस का ध्यान रखें. इससे न केवल वित्तीय सुरक्षा बढ़ती है, बल्कि अकाउंट को आसानी से मैनेज करना भी संभव होता है.
निष्कर्ष:
जॉइंट बैंक अकाउंट खोलना आसान और सुविधाजनक हो सकता है, लेकिन इसके लिए जिम्मेदारी, ऑपरेटिंग मोड और नॉमिनी जैसी चीजों की पूरी जानकारी होना जरूरी है. सही जानकारी और सावधानी से लिया गया निर्णय, भविष्य में किसी भी वित्तीय या कानूनी परेशानियों से बचा सकता है.
यह भी पढ़ें :- DDA Flat Schemes: मेट्रो से 3 किमी दूर 11.51 लाख में DDA फ्लैट, जानें ऑनलाइन बुकिंग का पूरा आसान तरीका
यह भी पढ़ें
news via inbox
समाचार जगत की हर खबर, सीधे आपके इनबॉक्स में - आज ही हमारे न्यूजलेटर को सब्सक्राइब करें।














