प्रदूषण और धुंध से फेफड़ों के बचाव के लिए डाइट में जरूर शामिल करें ये 7 सुपरफूड्स, विशेषज्ञ की सलाह
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Monday, December 8, 2025
Updated On: Monday, December 8, 2025
खराब और प्रदूषित हवा से खांसी, सांस फूलना और फेफड़ों की दिक्कतें हो सकती हैं. विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर हम सही और पौष्टिक खाना खाएं, तो फेफड़े मजबूत बनते हैं. ऐसे खाद्य पदार्थ प्रदूषण के नुकसान को कम करने और हमें स्वस्थ रखने में मदद करते हैं.
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Updated On: Monday, December 8, 2025
Superfoods Protect Lungs Naturally: प्रदूषण और धुंध आजकल कई लोगों के लिए एक बड़ी समस्या बन चुकी है. खासकर भारत जैसे देशों में, जहां हर साल वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बहुत खराब हो जाता है, वहां लोगों को लगातार खांसी, सांस लेने में तकलीफ और गले में जलन जैसी परेशानियां होती हैं. ये सभी लक्षण हमारे फेफड़ों पर पड़ने वाले बुरे असर का संकेत हैं.
स्वच्छ हवा के अभाव में हमारे शरीर को कई जहरीले कणों का सामना करना पड़ता है. रिसर्च के अनुसार, जब हम प्रदूषित हवा में सांस लेते हैं, तो पीएम 2.5 जैसे बहुत सूक्ष्म कण हमारे फेफड़ों के अंदर गहराई तक पहुंच जाते हैं. ये कण फेफड़ों के छोटे-छोटे रास्तों में फंसकर सूजन और जलन पैदा करते हैं. इससे ब्रोंकाइटिस, अस्थमा और लंबे समय तक चलने वाली फेफड़ों की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.
फोर्टिस अस्पताल की पोषण विशेषज्ञ भारती कुमार के अनुसार कोई भी खान-पान फेफड़ों को पूरी तरह ‘साफ’ नहीं कर सकता, लेकिन कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो फेफड़ों को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं और प्रदूषण से होने वाले नुकसान को कम कर सकते हैं. अगर इन्हें रोज़ के खाने में शामिल किया जाए, तो शरीर की रोग, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और सांस लेने की समस्या कुछ हद तक कम हो सकती है.
हल्दी
हल्दी भारतीय रसोई का एक आम मसाला है, जिसमें करक्यूमिन नाम का तत्व होता है. यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और सूजन-रोधी पदार्थ है. हल्दी का सेवन करने से फेफड़ों में होने वाली सूजन कम हो सकती है और प्रदूषण से होने वाले नुकसान से कुछ हद तक बचाव होता है.
अदरक
अदरक में जिंजेरोल जैसे तत्व पाए जाते हैं जो खांसी और गले की परेशानी को कम करने में मदद करते हैं. यह वायुमार्गों की सूजन को कम करता है और सांस लेने में राहत देता है. अदरक वाली चाय खासतौर पर सर्दी और प्रदूषण के मौसम में फायदेमंद होती है.
तुलसी
तुलसी को औषधीय पौधा माना जाता है. यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है और फेफड़ों को आराम पहुंचाने में मदद करती है. तुलसी के पत्ते उबालकर उसका पानी पीने से गले और फेफड़ों को राहत मिलती है. हालांकि, कुछ विशेष बीमारियों वाले लोगों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए.
गुड़
गुड़ को प्राकृतिक क्लीनर माना जाता है. यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है और श्वसन तंत्र को साफ रखने में सहायक होता है. लेकिन जिन लोगों को मधुमेह या मोटापे की समस्या है, उन्हें इसका सेवन कम मात्रा में करना चाहिए.
खट्टे फल
संतरा, नींबू, कीवी और आंवला जैसे फल विटामिन सी से भरपूर होते हैं. ये फल शरीर की रोग, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और फेफड़ों को प्रदूषण से होने वाले नुकसान से बचाते हैं. रोजाना एक खट्टा फल खाने की आदत बहुत फायदेमंद हो सकती है.
ओमेगा-3 युक्त खाद्य पदार्थ
सैल्मन मछली, अखरोट, अलसी के बीज और चिया सीड्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है. यह शरीर में सूजन को कम करता है और फेफड़ों के बेहतर काम में मदद करता है. यह दिल और फेफड़ों दोनों के लिए लाभकारी है.
मोरिंगा और ग्रीन टी
मोरिंगा (सहजन) और ग्रीन टी में ऐसे तत्व होते हैं जो शरीर के खून के बहाव को बेहतर करते हैं और फेफड़ों को सहारा देते हैं. ग्रीन टी पीने से शरीर में जमा टॉक्सिन्स कम होते हैं, लेकिन इसका ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसमें कैफीन होती है.
कुल मिलाकर, प्रदूषण से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है कि हम मास्क पहनें, साफ जगहों पर समय बिताएं और अपने आहार में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करें जो हमारे फेफड़ों और शरीर को मजबूत बनाते हैं. एक हेल्दी डाइट और सही लाइफस्टाइल अपनाकर हम प्रदूषण के असर को काफी हद तक कम कर सकते हैं.
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