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Super Sukhoi: रैमपेज मिसाइल से Su-30MKI बना राफेल से भी खतरनाक, S-400 और THAAD भी बेबस
Authored By: Nishant Singh
Published On: Tuesday, February 10, 2026
Last Updated On: Tuesday, February 10, 2026
Indian Air Force: भारतीय वायुसेना का Su-30MKI अब ‘सुपर सुखोई’ अपग्रेड और इजरायल की घातक रैमपेज मिसाइल के साथ और भी खतरनाक बन गया है. AESA रडार, एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सुपरसोनिक स्ट्राइक क्षमता के कारण यह फाइटर जेट S-400 और THAAD जैसे एयर डिफेंस सिस्टम को भी चकमा देने में सक्षम माना जा रहा है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Tuesday, February 10, 2026
Indian Air Force: भारतीय वायुसेना के सबसे ताकतवर लड़ाकू विमान Su-30MKI की ताकत अब नए स्तर पर पहुंचने वाली है. ‘सुपर सुखोई’ (Super Sukhoi) अपग्रेड प्रोग्राम और इजरायल की रैमपेज मिसाइल के जुड़ने से यह फाइटर जेट सिर्फ मजबूत नहीं, बल्कि दुश्मनों के लिए एक बुरा सपना बनता जा रहा है. आने वाले एक-दो महीनों में इस बड़े अपग्रेड को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति से मंजूरी मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता में जबरदस्त उछाल आएगा.
क्यों जरूरी हो गया है Su-30MKI का सुपर अपग्रेड
Su-30MKI आज भी भारतीय वायुसेना की रीढ़ माना जाता है. एयर डिफेंस, डीप स्ट्राइक और समुद्री अभियानों में इसकी भूमिका बेहद अहम रही है. चूंकि बड़ी संख्या में ये विमान अब अपने सेवा जीवन के दूसरे दशक में प्रवेश कर चुके हैं, इसलिए इन्हें 2040 के बाद तक पूरी तरह युद्ध योग्य बनाए रखना जरूरी हो गया है. खास बात यह है कि जब तक स्वदेशी AMCA फाइटर जेट पूरी तरह शामिल नहीं हो जाता, तब तक Su-30MKI ही वायुसेना का सबसे भरोसेमंद हथियार बना रहेगा.
HAL, IAF और DRDO की मजबूत साझेदारी
HAL के चेयरमैन डीके सुनील के मुताबिक सुपर सुखोई प्रोग्राम की तकनीकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, भारतीय वायुसेना और DRDO के बीच सभी अहम बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है. इस योजना के तहत 84 Su-30MKI विमानों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा, जिससे इनकी लड़ाकू क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी.
नई तकनीक से बदलेगा Su-30MKI का चेहरा
सुपर सुखोई अपग्रेड के बाद Su-30MKI में AESA रडार, डिजिटल कॉकपिट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डिस्प्ले और वॉइस कमांड सिस्टम जैसे फीचर्स शामिल होंगे. इसके अलावा नया IRST सिस्टम, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, एडवांस डेटा लिंक और सेल्फ प्रोटेक्शन जैमर भी जोड़े जाएंगे. यानी पायलट को ज्यादा जानकारी, तेज फैसले और बेहतर सुरक्षा – all in one.
Rampage Missile से बढ़ी तबाही की ताकत
Su-30MKI की असली ताकत तब सामने आई, जब इसमें इजरायल की सुपरसोनिक रैमपेज एयर-टू-सर्फेस मिसाइल शामिल की गई. यह वही मिसाइल है, जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन के ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया था. सुपरसोनिक रफ्तार और भारी वारहेड के कारण यह मिसाइल मजबूत से मजबूत ठिकानों को भी ध्वस्त करने में सक्षम है.
S-400 और THAAD के लिए क्यों खतरनाक है Rampage
रैमपेज मिसाइल करीब 1975 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ती है और लगभग 570 किलो का शक्तिशाली वारहेड लेकर जाती है. यह कम ऊंचाई पर उड़ान भरती है और इसका रडार सिग्नेचर इतना कम होता है कि एयर डिफेंस सिस्टम इसे देर से पकड़ पाते हैं. यही वजह है कि S-400, THAAD और आयरन डोम जैसी आधुनिक प्रणालियां भी इसे इंटरसेप्ट करने में संघर्ष करती हैं.
राफेल के मुकाबले Su-30MKI क्यों ज्यादा घातक
राफेल एक बेहद आधुनिक मल्टी-रोल फाइटर है, लेकिन लंबी रेंज, ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता, दो इंजन की ताकत और रैमपेज जैसी सुपरसोनिक मिसाइल के साथ Su-30MKI डीप स्ट्राइक मिशनों में कहीं ज्यादा खतरनाक साबित होता है. रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि कई मिशनों में सुपर सुखोई, राफेल से भी आगे निकल जाता है.
पाकिस्तान के लिए क्यों बढ़ी चिंता
सुपर सुखोई और रैमपेज मिसाइल का कॉम्बिनेशन भारतीय वायुसेना को ऐसा स्टैंड-ऑफ अटैक प्लेटफॉर्म देता है, जो दुश्मन की सीमा में घुसे बिना ही भारी तबाही मचा सकता है. यही वजह है कि यह अपग्रेड न सिर्फ भारत की ताकत बढ़ा रहा है, बल्कि पाकिस्तान जैसे देशों की रणनीतिक नींद भी उड़ा रहा है.
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