Aja Ekadashi 2025 : अश्वमेघ यज्ञ के बराबर पुण्य मिलता है

Authored By: स्मिता

Published On: Thursday, August 7, 2025

Last Updated On: Saturday, August 16, 2025

Aja Ekadashi 2025 पर भगवान विष्णु की पूजा करता भक्त.
Aja Ekadashi 2025 पर भगवान विष्णु की पूजा करता भक्त.

Aja Ekadashi 2025 : अजा एकादशी को अन्नदा एकादशी भी कहा जाता है. इस दिन व्रत रखने से अश्वमेघ यज्ञ के बराबर पुण्य मिलता है. भक्तगण को मोक्ष की प्राप्ति होती है. जानते हैं कब है अजा एकादशी और इसका सही समय.

Authored By: स्मिता

Last Updated On: Saturday, August 16, 2025

Aja Ekadashi 2025: प्रत्येक चंद्र पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को एकादशी मनाई जाती है. यह व्रत श्रीविष्णु को समर्पित है. एकादशी आध्यात्मिक शुद्धि का दिन माना जाता है. शारीरिक जरूरतों को कम कर आध्यात्मिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करना ही एकादशी व्रत की महत्ता है. माना जाता है कि एकादशी व्रत करने से पापों का नाश होता है, आशीर्वाद मिलता है और आध्यात्मिक विकास को बढ़ावा मिलता है. भाद्रपद माह की शुरुआत में अजा एकादशी मनाई जाएगी. यह दिन मंगलवार, 19 अगस्त 2025 (Aja Ekadashi 2025) को है.

क्या है अजा एकादशी की मान्यता (Aja Ekadashi 2025)

अजा एकादशी को अन्नदा एकादशी भी कहा जाता है. भगवान विष्णु को समर्पित यह व्रत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष में पड़ता है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति के पाप धुल जाते हैं. समृद्धि और सुख का आशीर्वाद मिलता है. व्यक्ति को जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिल जाती है.

कब है अजा एकादशी (Aja Ekadashi 2025 Date & Time)

अजा एकादशी मंगलवार, 19 अगस्त 2025 को मनाई जाएगी. एकादशी तिथि 18 अगस्त को शाम 5:22 बजे शुरू होकर 19 अगस्त को दोपहर 3:32 बजे समाप्त होगी. उदया तिथि की मान्यता के कारण व्रत 19 अगस्त को रखा जाएगा. पारण अगले दिन, 20 अगस्त को सूर्योदय के बाद द्वादशी तिथि के भीतर करना होगा.

क्या है अजा एकादशी की महत्ता (Aja Ekadashi Spiritual Significance)

  • मान्यता है कि अजा एकादशी का व्रत करने से पापों से छुटकारा मिलता है. अपराध क्षमा होते हैं. भक्त जन्म-मरण के चक्र से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त करते हैं.
  • माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से समृद्धि, सुख और कल्याण का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
  • इस व्रत को आत्म-संयम, आध्यात्मिक अनुशासन और आंतरिक शुद्धि को बढ़ाने के एक तरीके के रूप में देखा जाता है. माना जाता है
  • कि अजा एकादशी का श्रद्धापूर्वक पालन करने से अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य मिलता है.

अजा एकादशी पर क्या करें ( Aja Ekadashi 2025 Do’s)

  • भक्त एकादशी पर सूर्योदय से पहले उठ कर पवित्र जल से स्नान करें.
  • भक्तगण अनाज, कुछ खाद्य पदार्थों और कभी-कभी जल का त्याग कर इस दिन को आध्यात्मिक साधनाओं के लिए समर्पित करते हैं.
  • भगवान विष्णु की विशेष अनुष्ठान और प्रार्थना के साथ पूजा की जाती है. इस दिन जरूरतमंदों को दान देना शुभ माना जाता है. भक्त ध्यान, प्रार्थना और पवित्र ग्रंथों का पाठ करते हैं. भक्तगण अगले दिन (द्वादशी) प्रार्थना, आरती कर व्रत तोड़ते (पारण) हैं.

अजा एकादशी व्रत कथा (Aja Ekadashi Vrat Katha)

अजा एकादशी व्रत की कथा भगवान राम के पूर्वज राजा हरिश्चंद्र से जुड़ी है. राजा हरिश्चंद्र सत्यनिष्ठ और वचन के पक्के थे. सत्यनिष्ठा का पालन करने के लिए उन्होंने अपना राज्य, पत्नी और पुत्र तक बेच कर एक चांडाल के सेवक बन गए. गौतम ऋषि की सलाह पर उन्होंने अजा एकादशी का व्रत रखा. इसके प्रभाव से उन्हें सभी कष्टों से मुक्ति मिली और उन्हें अपना खोया हुआ राज्य और परिवार वापस मिल गया.

यह भी पढ़ें :- Utpanna Ekadashi 2024: जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्ति दिलाता है उत्पन्ना एकादशी व्रत

About the Author: स्मिता
स्मिता धर्म-अध्यात्म, संस्कृति-साहित्य, और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर शोधपरक और प्रभावशाली पत्रकारिता में एक विशिष्ट नाम हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव समसामयिक और जटिल विषयों को सरल और नए दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करने में उनकी दक्षता को उजागर करता है। धर्म और आध्यात्मिकता के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और साहित्य के विविध पहलुओं को समझने और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने में उन्होंने विशेषज्ञता हासिल की है। स्वास्थ्य, जीवनशैली, और समाज से जुड़े मुद्दों पर उनके लेख सटीक और उपयोगी जानकारी प्रदान करते हैं। उनकी लेखनी गहराई से शोध पर आधारित होती है और पाठकों से सहजता से जुड़ने का अनोखा कौशल रखती है।
Leave A Comment

अन्य लाइफस्टाइल खबरें