Dhanteras 2026: 6 नवंबर से दीपावली पर्व की शुरुआत, दिल्ली में ₹25 हजार करोड़ के कारोबार की उम्मीद

Authored By: Rajeev Mandal

Published On: Thursday, November 5, 2026

Last Updated On: Thursday, November 5, 2026

धनतेरस और दीपावली की खरीदारी के लिए सजे दिल्ली के बाजार
धनतेरस और दीपावली की खरीदारी के लिए सजे दिल्ली के बाजार

सनातन संस्कृति में दीपावली का पांच दिवसीय पावन पर्व सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि आत्मा और सदाचार के उजियारे का जीवंत प्रतीक है. इस पवित्र पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है, जो इस वर्ष छह नवंबर को श्रद्धा के साथ मनाई जाएगी. क्या है इस पर्व की अहमियत और किस शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना होगी, जानते हैं इस खास रिपोर्ट में…

Authored By: Rajeev Mandal

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Dhanteras इस शुभ दिन मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर के आशीर्वाद की कामना के साथ सोना, चांदी, नए बर्तन और आभूषण खरीदना बेहद मंगलकारी माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन की गई खरीदारी घर में सुख-समृद्धि और बरकत लेकर आती है. यही कारण है कि बाजारों में उत्सव जैसा उल्लास छा जाता है और हर घर में बरकत की उम्मीद जग जाती है.

पूजा और अनुष्ठान के लिए उपयुक्त समय

धनतेरस का यह पर्व केवल भौतिक वस्तुओं की खरीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अंतःकरण को पवित्र करने और आभार व्यक्त करने का अवसर है. इस दिन संध्याकाल में मां लक्ष्मी, धन के अधिपति भगवान कुबेर और आयुर्वेद के प्रणेता भगवान धन्वंतरि की उपासना की जाती है. प्रदोष काल के दौरान पूजा करना सबसे अधिक फलदायी माना गया है.

पूर्वजों और पितरों के निमित्त दीपदान

संध्या के समय अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति पाने और परिवार की रक्षा के लिए यमराज के निमित्त चौमुखी दीपक जलाया जाता है. इसके साथ ही, दक्षिण दिशा की ओर मुख करके दिवंगत पूर्वजों और पितरों के निमित्त दीपदान भी किया जाता है. यह परंपरा इस बात का प्रतीक है कि हम अपने पूर्वजों को नमन करते हैं, जिससे समस्त पितृ दोष शांत होते हैं और उनका असीम आशीर्वाद हमारी पूरी पीढ़ी पर सदैव बना रहता है. यह पर्व जीवन में प्रकाश, कृतज्ञता और संस्कारों की अमिट छाप छोड़ जाता है.

शुक्रवार को सोना-चांदी खरीदने के चार खास मुहूर्त

धर्म मर्मज्ञ के अनुसार, इस धनतेरस पर खरीदारी के लिए चार मुख्य शुभ मुहूर्त तय किए गए हैं ताकि श्रद्धालु अपनी सुविधा और भक्तिभाव के साथ इनका लाभ उठा सकें. सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दस बजकर 54 मिनट तक अमृत चौघड़िया का सबसे उत्तम और फलदायी समय रहेगा. इसके अलावा, दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से 1 बजकर 43 मिनट तक शुभ चौघड़िया का योग मिलेगा. संध्याकाल में 4 बजकर 34 मिनट से छह बजे तक और रात्रि में नौ बजकर नौ मिनट से 10 बजकर 44 मिनट तक भी खरीदारी के लिए विशेष मुहूर्त रहेंगे, जो जीवन में शुभता और संपन्नता का संचार करते हैं.

वृषभ और प्रदोष काल

पंचांग के मुताबिक इस वर्ष पूजा के लिए शाम 6 बजकर 03 मिनट से रात 8 बजकर 35 मिनट तक का समय सबसे उत्तम रहेगा. यह पवित्र अवधि वृषभ काल और प्रदोष काल के मिलन का सुअवसर है, जिसमें सच्चे मन से की गई प्रार्थना सीधे ईश्वर तक पहुंचती है और घर में स्थायी शांति व वैभव का वास होता है.

धनतेरस पर इस बार पैसा बरसेगा

बाजार में रौनक लौट आई है. व्यापारियों के संगठन CAIT का कहना है इस बार नवरात्रि से दिवाली तक देशभर में 7 लाख करोड़ से ज्यादा का धंधा होगा. पिछले साल से करीब 15 से 18 फीसदी ज्यादा. पिछले साल 6 लाख 5 हजार करोड़ का कारोबार हुआ था.

सिर्फ धनतेरस वाले दिन की बात करें तो अकेले उसी दिन करीब 1 लाख करोड़ रुपये बाजार में घूमेंगे. इसमें सबसे बड़ा हिस्सा सोने-चांदी का होगा – करीब 50 से 60 हजार करोड़. सोना अभी थोड़ा सस्ता हुआ है. एक महीने पहले 1 लाख 48 हजार था, अब 1 लाख 37 हजार पर आ गया है. इसी वजह से दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है. सर्राफा एसोसिएशन IBJA का कहना है इस बार धनतेरस पर सोने की बिक्री 10 से 12 फीसदी बढ़ जाएगी. चांदी में तो 35-40 फीसदी का उछाल दिख रहा है. लोग सिक्के, हल्की ज्वेलरी ज्यादा उठा रहे हैं.

दिल्ली की बात अलग है. चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री CTI का अनुमान है दिल्ली में अकेले धनतेरस पर 25 हजार करोड़ का व्यापार होगा. सोना-चांदी, बर्तन, टीवी-फ्रिज, कपड़े, गाड़ी – सब कुछ.

About the Author: Rajeev Mandal
वरिष्ठ पत्रकार राजीव मंडल पिछले 25 वर्षों से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। दैनिक जागरण (लखनऊ) से बतौर कॅरियर की शुरुआत हुई। गलगोटिया टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से जुड़ने से पहले राजीव ने टीवी इंडस्ट्री-ईटीवी और नेपाल वन न्यूज चैनल- में भी काम किया। इसके अलावा राष्ट्रीय सहारा अखबार के साथ 19 वर्षों तक इनका साथ रहा। इस अखबार के संपादकीय पृष्ठ और साप्ताहिक परिशिष्ट 'हस्तक्षेप" अंक का बतौर प्रभारी लंबे समय तक नेतृत्व किया। राजीव ने पत्रकारिता से मास्टर डिग्री (2000-2001) काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी से हासिल किया। फिलहाल राजीव गलगोटिया टाइम्स के लिए राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसामयिक विषयों पर कलम चलाते हैं।
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