नीली से भगवा हुई भारतीय हॉकी टीम की जर्सी, खेल के फैसले पर छिड़ी सियासी बहस

Authored By: Nishant Singh

Published On: Thursday, July 30, 2026

Last Updated On: Thursday, July 30, 2026

Indian Hockey Jersey में नीले से भगवा रंग में बदली भारतीय हॉकी टीम की नई जर्सी
Indian Hockey Jersey में नीले से भगवा रंग में बदली भारतीय हॉकी टीम की नई जर्सी

भारतीय हॉकी टीम की नई भगवा जर्सी को लेकर देशभर में बहस छिड़ गई है. प्रियंका गांधी ने इस फैसले पर सवाल उठाए, जबकि हॉकी इंडिया और अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने इसे खिलाड़ियों की पसंद और तकनीकी जरूरत बताया. विश्व कप के बाद जर्सी बदलने की संभावना भी जताई गई.

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Thursday, July 30, 2026

Indian Hockey Jersey: भारतीय हॉकी टीम की नई जर्सी को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है. हॉकी इंडिया ने पुरुष और महिला टीम की पारंपरिक नीली जर्सी की जगह भगवा रंग की नई जर्सी पेश की है, जिसे टीम अगले महीने 15 से 30 अगस्त तक नीदरलैंड्स और बेल्जियम में होने वाले एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप में पहनेगी. इस बदलाव के बाद मामला केवल खेल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे इतिहास और शिक्षा नीति से जुड़े व्यापक बदलावों से जोड़ दिया. वहीं कई पूर्व खिलाड़ियों ने भी अपनी-अपनी राय रखी, जिससे यह मुद्दा और चर्चा में आ गया.

प्रियंका गांधी और पूर्व खिलाड़ियों ने उठाए सवाल

प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि देश की जनता हर बदलाव को ध्यान से देख रही है और केवल प्रतीकों के जरिए देश की मूल पहचान नहीं बदली जा सकती. उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन, महात्मा गांधी और भाईचारे की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की आत्मा प्रेम, एकता और अहिंसा में बसती है. इसी दौरान उन्होंने कुछ अन्य राजनीतिक मुद्दों का भी जिक्र किया. दूसरी ओर भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान वीरेन रस्किन्हा ने भी नई जर्सी पर असहमति जताई. उनका कहना था कि भारतीय हॉकी की पहचान वर्षों से नीले रंग से जुड़ी रही है और करोड़ों प्रशंसक टीम को उसी रंग में देखने के आदी हैं. उनके अनुसार जर्सी बदलने के पीछे कोई स्पष्ट और मजबूत कारण सामने नहीं आया.

हॉकी इंडिया ने बताई बदलाव की वजह

विवाद बढ़ने के बाद हॉकी इंडिया ने साफ किया कि यह फैसला किसी राजनीतिक सोच के तहत नहीं, बल्कि पूरी तरह तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है. संस्था के अनुसार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में नीले रंग के टर्फ पर खिलाड़ियों की पहचान करने में दिक्कत होती थी. इसी कारण खिलाड़ियों, कप्तानों, कोच और सपोर्ट स्टाफ के साथ कई दौर की चर्चा के बाद पीले और भगवा रंग पर विचार किया गया और अंततः भगवा जर्सी को चुना गया. हॉकी इंडिया ने यह भी याद दिलाया कि भारतीय टीम पहले भी अलग-अलग टूर्नामेंटों में पीली और आसमानी नीली जर्सी पहन चुकी है, इसलिए यह पहली बार रंग बदलने का फैसला नहीं है.

दिलीप तिर्की बोले- खिलाड़ियों की पसंद सबसे अहम

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नई जर्सी खिलाड़ियों की पसंद और सुझाव के आधार पर तैयार की गई है. उन्होंने बताया कि भगवा रंग साहस, त्याग और जीत का प्रतीक माना गया है, जबकि जर्सी पर बना मंडाला डिजाइन भारतीय सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है. नेवी ब्लू रंग के हिस्से अशोक चक्र से प्रेरित हैं और सामने देवनागरी में लिखा “इंडिया” भारतीय पहचान को मजबूत करता है. तिर्की ने यह भी कहा कि यदि विश्व कप के बाद खिलाड़ियों को यह जर्सी पसंद नहीं आती या बदलाव की जरूरत महसूस होती है, तो भविष्य में इसे बदलने पर भी विचार किया जा सकता है. फिलहाल नई जर्सी को लेकर खेल और राजनीति दोनों क्षेत्रों में बहस जारी है.

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निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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