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Falgun Maas 2026: फाल्गुन मास 2026 शुरू, जानिए हिंदू कैलेंडर के आखिरी महीने का धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व पूरी जानकारी
Authored By: Nishant Singh
Published On: Monday, February 2, 2026
Last Updated On: Monday, February 2, 2026
Falgun Maas 2026: फाल्गुन मास 2026 आज यानी की 2 FEBRUARY से शुरू हो चुका है और यह हिंदू कैलेंडर का आखिरी महीना है. यह मास धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है. महाशिवरात्रि और होली जैसे पर्व इसी मास में आते हैं. फाल्गुन मास विशेष रूप से भगवान शिव और श्रीकृष्ण को समर्पित है. इस महीने दान, सेवा, नियमित पूजा और सात्विक जीवन अपनाने से आध्यात्मिक लाभ और सकारात्मकता बढ़ती है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Monday, February 2, 2026
Falgun Maas 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ पूर्णिमा के ठीक बाद यानी 2 फरवरी 2026 से फाल्गुन मास की शुरुआत हो चुकी है. यह हिंदू कैलेंडर का अंतिम महीना माना जाता है, लेकिन धार्मिक दृष्टि से इसकी महत्ता अपार है. फाल्गुन मास जीवन में बदलाव, नई शुरुआत और शुद्धि का प्रतीक माना जाता है. इस महीने का प्रारंभ ही हमें आत्मसंयम, तप और आध्यात्मिक साधना की ओर प्रेरित करता है. यह महीना केवल पूजा-पाठ का नहीं, बल्कि जीवन में संतुलन और सकारात्मकता लाने का भी अवसर है.
आनंद और उत्सव का महीना
फाल्गुन मास धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष रूप से आनंद और उत्सव से भरपूर होता है. इस महीने में कई महत्वपूर्ण पर्व-त्योहार आते हैं. महाशिवरात्रि इसी मास में आती है, जो भगवान शिव और पार्वती के दिव्य मिलन का पर्व है. इसके अलावा होली का त्योहार भी फाल्गुन मास में मनाया जाता है. शास्त्रों के अनुसार इस महीने किए गए व्रत, पूजा, जप और तप का लाभ अत्यधिक मिलता है. इसलिए इस मास में सात्विक जीवनशैली अपनाना और संयमित रहना अत्यंत शुभ माना गया है.
भगवान शिव और श्रीकृष्ण के लिए विशेष माह
हिंदू धर्म में प्रत्येक महीने का संबंध किसी न किसी देवी-देवता से जुड़ा होता है. फाल्गुन मास विशेष रूप से भगवान शिव और श्रीकृष्ण के लिए समर्पित है. महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग की पूजा और अभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है. वहीं, फाल्गुन मास श्रीकृष्ण और राधा की लीलाओं से जुड़ा होता है. वृंदावन, मथुरा और बरसाना जैसे पवित्र स्थानों में इस महीने में फाग गीत और रंगोत्सव की परंपरा वर्षों से चली आ रही है.
फाल्गुन में कौन-से कार्य करें
फाल्गुन मास का पूरा लाभ लेने के लिए कुछ विशेष क्रियाएं करनी चाहिए:
- दान: इस महीने गरीबों में अन्न, वस्त्र और रंगों का दान करना अत्यंत शुभ होता है. दान से न केवल पुण्य प्राप्त होता है, बल्कि ग्रह दोषों से मुक्ति भी मिलती है.
- सेवा: फाल्गुन मास में सेवा भाव का महत्व बहुत है. गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन कराना, ब्राह्मणों और साधुओं की सेवा करना शुभ फलदायी माना गया है.
- नियमित पूजा-पाठ: इस मास में नियमित पूजा और जप का संकल्प लें. शिवलिंग का अभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप और श्रीकृष्ण की भक्ति विशेष लाभ प्रदान करती है.
- सात्विकता अपनाना: फाल्गुन मास में सात्विक आहार और जीवनशैली अपनाना चाहिए. मांसाहार से परहेज करें, नियमित स्नान, ध्यान, योग और साधना करें. इससे शरीर और मन दोनों में सकारात्मक ऊर्जा का विकास होता है.
आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संदेश
फाल्गुन मास केवल उत्सव का महीना नहीं है, बल्कि यह आत्मा की शुद्धि और जीवन में संतुलन लाने का समय भी है. इस महीने की साधना, पूजा और सेवा हमारे कर्मों को शुभ बनाती है. साथ ही, फाल्गुन मास के रंगोत्सव हमें समाज और परिवार के साथ मिल-जुलकर खुशियां बांटने का संदेश भी देता है. इस मास में संयम और सात्विकता से जीवन को आध्यात्मिक दृष्टि से उन्नत किया जा सकता है.
निष्कर्ष
फाल्गुन मास 2026 न केवल हिंदू धर्म के अंतिम महीने का प्रतीक है, बल्कि यह हमें नई ऊर्जा, आध्यात्मिक विकास और आनंद के लिए प्रेरित करता है. इस मास में व्रत, पूजा, सेवा और सात्विक जीवन अपनाने से मन, शरीर और आत्मा तीनों का संतुलन बनता है. फाल्गुन मास जीवन में बदलाव, नए आरंभ और खुशियों की सौगात लेकर आता है, इसलिए इसे पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाना चाहिए.
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