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Hartalika Teej 2026: पहली बार व्रत रख रही हैं तो सुबह से पारण तक ऐसे करें तैयारी
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, September 11, 2026
Last Updated On: Friday, September 11, 2026
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज 2026 का व्रत 14 सितंबर को रखा जाएगा. पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए सुबह के संकल्प से लेकर शाम की पूजा, रात के जागरण और अगले दिन पारण तक सही जानकारी जरूरी है. जानें व्रत की तैयारी, पूजा विधि, जरूरी सामग्री और पारण का सही समय.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, September 11, 2026
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए आस्था और वैवाहिक सुख से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनी रहती है. कई महिलाएं अच्छे जीवनसाथी की कामना से भी यह व्रत रखती हैं. पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए दिन की शुरुआत से लेकर पारण तक की सही जानकारी होना जरूरी है.
2026 में कब रखा जाएगा हरतालिका तीज का व्रत?
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 13 सितंबर 2026 को सुबह 7:08 बजे शुरू होगी और 14 सितंबर को सुबह 7:06 बजे समाप्त होगी. उदया तिथि के नियम के अनुसार हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर 2026, सोमवार को रखा जाएगा. व्रत से पहले पूजा और दिनभर की तैयारियां समय के अनुसार करना बेहतर रहेगा.
दिन की शुरुआत कैसे करें?
पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं को सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनने चाहिए. इसके बाद पूजा स्थल की सफाई कर भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लिया जाता है. कुछ परिवारों और क्षेत्रों में व्रत से पहले सरगी या फलाहार लेने की परंपरा होती है. यदि आपके घर में यह परंपरा है, तो सूर्योदय से पहले अपनी क्षमता और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए भोजन या फलाहार किया जा सकता है.
पूरे दिन किन बातों का रखें ध्यान?
संकल्प के बाद व्रत शुरू हो जाता है. परंपरागत रूप से हरतालिका तीज का व्रत निर्जला रखा जाता है, यानी इसमें भोजन के साथ पानी का सेवन भी नहीं किया जाता. दिनभर भगवान शिव और माता पार्वती का स्मरण, पूजा की तैयारी और कथा सुनने-पढ़ने जैसी धार्मिक गतिविधियां की जाती हैं. पहली बार निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं को इस दौरान अनावश्यक भागदौड़ और ज्यादा शारीरिक मेहनत से बचना चाहिए.
व्रत के दौरान तैयारी के लिए जरूरी चीजें:
- भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा या तस्वीर
- फूल और बेलपत्र
- फल और मिठाई
- पूजा की अन्य आवश्यक सामग्री
- हरतालिका तीज की कथा और आरती की तैयारी
शाम की पूजा में क्या करें?
हरतालिका तीज की मुख्य पूजा शाम के समय करने की परंपरा है. पूजा स्थल पर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा की जाती है. कई स्थानों पर मिट्टी या बालू से शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाकर पूजा करने की भी परंपरा है. पूजा में फूल, बेलपत्र, फल और मिठाई अर्पित करने के बाद हरतालिका तीज की कथा सुनी या पढ़ी जाती है. अंत में आरती कर पति और परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की जाती है.
रात में जागरण जरूरी है क्या?
कई परिवारों में हरतालिका तीज की रात जागरण की परंपरा निभाई जाती है. महिलाएं भजन-कीर्तन करती हैं और भगवान शिव-पार्वती का स्मरण करते हुए रात बिताती हैं. हालांकि, यदि स्वास्थ्य या किसी अन्य वजह से पूरी रात जागना संभव न हो, तो अपनी क्षमता के अनुसार आराम करना उचित है. धार्मिक परंपराओं का पालन करते समय अपनी सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है.
15 सितंबर को होगा व्रत का पारण
हरतालिका तीज का व्रत आमतौर पर अगले दिन पूजा के बाद खोला जाता है. वर्ष 2026 में व्रत का पारण 15 सितंबर 2026 की सुबह 7:44 बजे के बाद किया जाएगा. पारण से पहले भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर उनका आशीर्वाद लिया जाता है. इसके बाद पानी पीकर धीरे-धीरे व्रत खोलें. लंबे समय तक निर्जला रहने के बाद तुरंत बहुत ज्यादा या भारी भोजन करने से बचना बेहतर है.
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