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Ajinkya Rahane Retirement: अजिंक्य रहाणे ने क्रिकेट को कहा अलविदा, 19 साल के शानदार सफर पर लगा विराम
Authored By: Nishant Singh
Published On: Thursday, July 30, 2026
Last Updated On: Thursday, July 30, 2026
Ajinkya Rahane Retirement: भारतीय क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने 19 साल लंबे पेशेवर क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया. 12 साल तक टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व करने वाले रहाणे ने भावुक संदेश के साथ संन्यास की घोषणा की. 2020-21 में उनकी कप्तानी में भारत की ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीत हमेशा यादगार रहेगी.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Thursday, July 30, 2026
Ajinkya Rahane Retirement: भारतीय क्रिकेट के भरोसेमंद बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने पेशेवर क्रिकेट से संन्यास लेकर अपने लंबे और सफल सफर को विराम दे दिया है. 2011 में टीम इंडिया के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले रहाणे ने एक भावुक वीडियो साझा करते हुए अपने फैसले की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि हर शुरुआत का एक अंत होता है और जीवन में सही समय पर आगे बढ़ना भी उतना ही जरूरी है. रहाणे के इस फैसले के साथ उनका अंतरराष्ट्रीय, घरेलू और आईपीएल करियर भी समाप्त हो गया. शांत स्वभाव, अनुशासित बल्लेबाजी और टीम के प्रति समर्पण के लिए पहचाने जाने वाले रहाणे का यह फैसला उनके प्रशंसकों के लिए भावुक कर देने वाला है.
12 साल तक टीम इंडिया की शान बने रहाणे
अजिंक्य रहाणे ने लगभग 12 वर्षों तक भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया और तीनों प्रारूपों में अपनी उपयोगिता साबित की. उन्होंने 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले. अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने 15 शतकों की मदद से 8,000 से अधिक रन बनाए. टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 5,077 रन और 12 शतक दर्ज हैं, जबकि वनडे में उन्होंने 2,962 रन और तीन शतक लगाए. टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी उन्होंने उपयोगी पारियां खेलीं. रहाणे ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था. इसके बाद वह 1,072 दिनों तक टीम इंडिया से बाहर रहे और आखिरकार उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला लिया.
कप्तानी में रचा था ऐतिहासिक इतिहास
रहाणे का नाम भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा उस कप्तान के रूप में याद किया जाएगा, जिसने सबसे कठिन परिस्थितियों में टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई. 2020-21 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में एडिलेड टेस्ट में भारत की 36 रन पर हार और विराट कोहली की अनुपस्थिति के बाद उन्होंने कप्तानी संभाली. चुनौतीपूर्ण हालात के बावजूद रहाणे ने टीम का मनोबल बनाए रखा और ऑस्ट्रेलिया की धरती पर भारत को 2-1 से ऐतिहासिक सीरीज जीत दिलाई. मेलबर्न टेस्ट में खेली गई उनकी शतकीय पारी आज भी भारतीय क्रिकेट के यादगार क्षणों में गिनी जाती है. उनकी शांत नेतृत्व शैली और दबाव में सही फैसले लेने की क्षमता ने उन्हें एक सफल कप्तान के रूप में स्थापित किया.
आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में भी छोड़ी गहरी छाप
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा अजिंक्य रहाणे का घरेलू और आईपीएल करियर भी बेहद सफल रहा. उन्होंने 205 प्रथम श्रेणी, 192 लिस्ट-ए और 308 टी-20 मुकाबलों में हिस्सा लिया. आईपीएल में उन्होंने 212 मैच खेलते हुए 5,367 रन बनाए, जिसमें दो शतक भी शामिल हैं. तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाजी, संयम और टीम के लिए हर परिस्थिति में योगदान देने की उनकी क्षमता ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का भरोसेमंद खिलाड़ी बनाया. भले ही अब वह मैदान पर बल्लेबाजी करते नजर नहीं आएंगे, लेकिन भारतीय क्रिकेट में उनका योगदान और उनकी उपलब्धियां हमेशा याद रखी जाएंगी. उनके संन्यास के साथ भारतीय क्रिकेट के एक महत्वपूर्ण अध्याय का समापन हो गया.
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