FIFA World Cup: हारकर भी मालामाल हुआ अमेरिका, FIFA से मिले 152 करोड़, लेकिन महिला टीम को भी मिलेगा बराबर हिस्सा, जानिए क्यों
Authored By: Nishant Singh
Published On: Thursday, July 9, 2026
Updated On: Thursday, July 9, 2026
FIFA World Cup: फीफा विश्व कप 2026 से बाहर होने के बावजूद अमेरिका की पुरुष फुटबॉल टीम को करीब 152 करोड़ रुपये की इनामी राशि मिलेगी. खास बात यह है कि 2022 के समान वेतन समझौते के तहत इस राशि का बड़ा हिस्सा अमेरिकी महिला फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों के साथ भी बराबरी से साझा किया जाएगा.
Authored By: Nishant Singh
Updated On: Thursday, July 9, 2026
FIFA World Cup: फीफा विश्व कप 2026 में मेजबान देशों में शामिल अमेरिका की पुरुष फुटबॉल टीम प्री-क्वार्टर फाइनल यानी राउंड ऑफ 16 से आगे नहीं बढ़ सकी. हार के साथ उसका सफर खत्म हो गया, लेकिन इसके बावजूद टीम को फीफा की ओर से 16 मिलियन डॉलर यानी करीब 152 करोड़ रुपये की इनामी राशि मिली. हालांकि इस इनाम की सबसे दिलचस्प बात यह है कि पूरी रकम केवल पुरुष खिलाड़ियों में नहीं बंटेगी, बल्कि इसका एक बड़ा हिस्सा अमेरिकी महिला फुटबॉल टीम को भी मिलेगा.
क्यों मिलेगा महिला टीम को भी इनाम?
आमतौर पर किसी भी खेल प्रतियोगिता में जो टीम प्रदर्शन करती है, उसी टीम के खिलाड़ियों को इनामी राशि दी जाती है. लेकिन अमेरिका ने इस परंपरा को बदल दिया है. यहां पुरुष और महिला फुटबॉल टीमों के बीच विश्व कप से मिलने वाली प्राइज मनी साझा करने का नियम लागू है. यानी पुरुष विश्व कप हो या महिला विश्व कप, दोनों प्रतियोगिताओं से मिलने वाली राशि दोनों टीमों के बीच तय नियम के अनुसार बांटी जाती है.
बराबरी की लड़ाई से बदला नियम
इस व्यवस्था की शुरुआत अमेरिकी महिला फुटबॉल टीम की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद हुई. कई वर्षों तक महिला खिलाड़ियों ने समान वेतन और समान सम्मान की मांग को लेकर अमेरिकी फुटबॉल संस्था के खिलाफ संघर्ष किया. आखिरकार वर्ष 2022 में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ, जिसके बाद पुरुष और महिला टीमों के बीच विश्व कप की प्राइज मनी बराबरी के आधार पर बांटने का फैसला लिया गया. इस समझौते को खेल जगत में लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया.
किसे कितनी मिलेगी राशि?
फीफा से मिली कुल 16 मिलियन डॉलर की राशि में से पहले 20 प्रतिशत हिस्सा अमेरिकी फुटबॉल संघ को दिया जाएगा. इसके बाद बची हुई 80 प्रतिशत रकम को पुरुष और महिला टीमों के बीच बराबर बांटा जाएगा. इस हिसाब से दोनों टीमों को लगभग 6.4 मिलियन डॉलर मिलेंगे. चूंकि प्रत्येक टीम में 26 खिलाड़ी शामिल हैं, इसलिए हर खिलाड़ी के हिस्से में करीब 2.35 करोड़ रुपये आने का अनुमान है.
दुनिया के लिए बना मिसाल
अमेरिका का यह मॉडल केवल आर्थिक साझेदारी नहीं, बल्कि खेलों में समान अवसर और समान सम्मान की सोच को भी मजबूत करता है. इससे यह संदेश जाता है कि पुरुष और महिला खिलाड़ियों के योगदान को बराबरी की नजर से देखा जाना चाहिए. यही कारण है कि अमेरिकी फुटबॉल का यह फैसला दुनिया भर में चर्चा का विषय बना हुआ है और कई देश इसे भविष्य के लिए एक सकारात्मक उदाहरण मान रहे हैं.
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