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बिहार में बन रहा अयोध्या और कुतुब मीनार से भी ऊंचा रामायण मंदिर, जानें भव्य शिखरों की पूरी जानकारी
Authored By: Nishant Singh
Published On: Thursday, January 15, 2026
Last Updated On: Thursday, January 15, 2026
Virat Ramayan Mandir in Bihar: बिहार के पूर्वी चंपारण में बन रहा विराट रामायण मंदिर देशभर में चर्चा का केंद्र बन गया है. 120 एकड़ में फैले इस भव्य मंदिर का मुख्य शिखर 270 फीट ऊंचा होगा, जो अयोध्या के राम मंदिर और दिल्ली की कुतुब मीनार से भी ऊंचा है. 17 जनवरी को यहां विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा होगी, जिससे यह धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से अभूतपूर्व स्थल बन जाएगा.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Thursday, January 15, 2026
Virat Ramayan Mandir in Bihar: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में एक भव्य और विशाल धार्मिक संरचना का निर्माण चल रहा है – विराट रामायण मंदिर. यह मंदिर न सिर्फ आकार में विशाल होगा, बल्कि अपनी ऊंचाई के कारण भी देशभर में चर्चा में है. करीब 120 एकड़ में फैले इस मंदिर परिसर का मुख्य शिखर 270 फीट ऊंचा होगा, जो अयोध्या के राम मंदिर और दिल्ली की कुतुब मीनार से भी ऊंचा होगा. 12 भव्य शिखरों से सजा यह मंदिर स्थापत्य और आध्यात्मिक दृष्टि से अद्वितीय होने का दावा करता है.
शिखरों और आकार में अभूतपूर्व भव्यता
विराट रामायण मंदिर में केवल मुख्य शिखर ही नहीं, बल्कि 198, 180, 135 और 108 फीट ऊंचे अन्य 11 शिखर भी होंगे. कुल मिलाकर मंदिर परिसर 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा, जो इसे आकार में भी देश के सबसे बड़े धार्मिक परिसरों में शामिल करता है. इतने विशाल क्षेत्र और शिखरों के कारण यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थान रखेगा.
17 जनवरी को होगी शिवलिंग की स्थापना
विराट रामायण मंदिर ट्रस्ट ने बताया कि 17 जनवरी को इस मंदिर परिसर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन होगा. इस अवसर पर देशभर से संत, महात्मा, विद्वान पंडित और हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे. इसी दिन सहस्र शिवलिंग की पीठ-स्थापना भी की जाएगी, जिसका नेतृत्व पं. भवनाथ झा करेंगे. शास्त्रीय विधि-विधान से संपन्न इस समारोह को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी संख्या की संभावना है.
तुलना: अयोध्या का राम मंदिर
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में निर्मित राम मंदिर भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक माना जाता है. लगभग 2.7 एकड़ क्षेत्र में फैले इस भव्य मंदिर की कुल ऊंचाई शिखर सहित 161 फीट है. मंदिर की लंबाई 360 फीट और चौड़ाई 235 फीट है. इसमें 366 खंभे, 5 मंडप और 12 भव्य द्वार हैं. नागर शैली में बने इस मंदिर में आधुनिक तकनीक और प्राचीन स्थापत्य का अद्भुत संगम देखा जा सकता है. हालांकि, बिहार का विराट रामायण मंदिर अयोध्या के इस मंदिर से ऊंचाई और आकार दोनों में कहीं आगे रहेगा.
तुलना: दिल्ली की कुतुब मीनार
दिल्ली के महरौली क्षेत्र में स्थित कुतुब मीनार भारत की सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक संरचनाओं में से एक है और यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल है. 1199 में कुतुबुद्दीन ऐबक ने इसका निर्माण शुरू कराया और इसे इल्तुतमिश ने पूरा किया. यह मीनार ईंटों से बनी दुनिया की सबसे ऊंची मीनार मानी जाती है और इसकी ऊंचाई 72.5 मीटर (लगभग 238 फीट) है. पांच मंजिला कुतुब मीनार में 379 घुमावदार सीढ़ियां हैं और इसकी सतह पर फारसी-अरबी शिलालेख और ज्यामितीय नक्काशी देखने को मिलती हैं. फिर भी, प्रस्तावित विराट रामायण मंदिर इस ऐतिहासिक मीनार से भी ऊंचा होगा.
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
विराट रामायण मंदिर न केवल अपनी ऊंचाई और विशालता के लिए चर्चा में है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक भी बनेगा. 12 शिखरों वाले इस भव्य मंदिर परिसर में लाखों श्रद्धालु आने की संभावना है. इसके निर्माण से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है.
निष्कर्ष: देश का नया गौरव
बिहार का यह विराट रामायण मंदिर आने वाले समय में धार्मिक आस्था, स्थापत्य कला और पर्यटन के लिहाज से देश का गौरव बनेगा. अयोध्या का राम मंदिर और दिल्ली की कुतुब मीनार जैसी ऐतिहासिक और धार्मिक संरचनाओं को भी ऊंचाई में पीछे छोड़ता यह मंदिर, भारतीय धार्मिक परंपरा और आध्यात्मिक विरासत का अनूठा उदाहरण साबित होगा.
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