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जेडीयू में घमासान: अनंत सिंह ने थामा जनसुराज प्रत्याशी का हाथ, नीरज कुमार के खिलाफ खोला मोर्चा
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Saturday, October 3, 2026
Last Updated On: Saturday, October 3, 2026
मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलकर जनसुराज प्रत्याशी अनुज सिंह के समर्थन में उतर आए हैं. पटना स्नातक MLC सीट अब बिहार की सबसे चर्चित सीटों में शुमार हो गई है.
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Last Updated On: Saturday, October 3, 2026
Anant Singh JDU: बिहार में विधान परिषद चुनाव की सरगर्मी के बीच जेडीयू(JDU) के भीतर की एक पुरानी रंजिश अब खुलकर सड़क पर आ गई है. मोकामा विधायक अनंत सिंह(Anant Singh ) ने अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी के बजाय प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज के उम्मीदवार का दामन थाम लिया है, जिससे पटना स्नातक सीट पर सियासी पारा चढ़ गया है.
जनसुराज उम्मीदवार के नामांकन में पहुंचे अनंत सिंह
गुरुवार को पटना स्नातक विधान परिषद सीट की सियासत में बड़ा मोड़ आया, जब जेडीयू के मोकामा विधायक अनंत सिंह जनसुराज प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के नामांकन के मौके पर उनके साथ मौजूद रहे. इस दौरान अनंत सिंह ने अनुज सिंह को माला पहनाकर उनकी जीत का भरोसा जताया. खास बात यह है कि इसी सीट से जेडीयू ने अपने मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार को ही दोबारा टिकट दिया है, फिर भी अनंत सिंह ने पार्टी प्रत्याशी को छोड़कर विरोधी खेमे का साथ देना चुना. नामांकन से पहले अनंत सिंह(Anant Singh ) की तरफ से 50 हजार रसगुल्ले बंटवाए जाने की खबर भी खूब चर्चा में रही.
अपने समर्थन की वजह पूछे जाने पर अनंत सिंह ने पार्टी से दूरी बनाए रखने का तर्क दिया, और यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि यह कदम जेडीयू विरोधी नहीं बल्कि व्यक्तिगत फैसला है.
कौन हैं अनुज सिंह
नवादा के रहने वाले डॉ. अनुज सिंह शिक्षा जगत से जुड़े रहे हैं और संसाधन भूगोल विषय में पीएचडी कर चुके हैं. 2025 के विधानसभा चुनाव में वे नवादा सीट से जनसुराज के टिकट पर मैदान में उतरे थे, हालांकि जीत नहीं पाए. उनके खिलाफ नवादा महिला थाने में छेड़छाड़ का एक मामला भी दर्ज है, जिसका जिक्र उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में किया है.
नीरज कुमार से क्यों है टकराव
पटना स्नातक सीट के मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार समता पार्टी के दौर से राजनीति में सक्रिय रहे हैं और 2008 से लगातार इस सीट पर जीतते आए हैं. अनंत सिंह और नीरज कुमार की आपसी तनातनी नई नहीं है 2015 के विधानसभा चुनाव में मोकामा सीट पर दोनों आमने-सामने थे, जहां निर्दलीय लड़े अनंत सिंह ने नीरज कुमार को करीब 18 हजार वोटों से शिकस्त दी थी. बाद के वर्षों में अनंत सिंह कभी पार्टी से बाहर गए तो कभी लौटे, लेकिन दोनों के बीच की खटास बनी रही. हाल के महीनों में जब अनंत सिंह की जेडीयू में वापसी हुई थी, तब भी नीरज कुमार ने खुलकर इसका विरोध किया था.
पार्टी के लिए सिरदर्द बनी यह लड़ाई
जेडीयू(JDU) नेतृत्व के लिए यह स्थिति असहज हो गई है. पार्टी ने विवाद सुलझाने के लिए पहले एक बैठक भी बुलाई थी, लेकिन मामला शांत नहीं हुआ. जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने इस पूरे प्रकरण पर कहा कि यह मामला केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के संसदीय क्षेत्र से जुड़ा है, इसलिए पार्टी ने ललन सिंह को ही नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच सुलह कराने की जिम्मेदारी सौंपी है.
चुनाव का कार्यक्रम
बिहार(Bihar) में विधान परिषद की आठ सीटों चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए चुनाव होने हैं. नामांकन की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है, 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकते हैं, मतदान 23 अक्टूबर को और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी.
अनंत सिंह की पृष्ठभूमि और जनसुराज से पुराना नाता
गौरतलब है कि 2025 के विधानसभा चुनाव (Bihar MLC Election) के दौरान मोकामा में बाहुबली दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी, जो उस वक्त जनसुराज प्रत्याशी के लिए प्रचार कर रहे थे. इस हत्याकांड में अनंत सिंह को आरोपी बनाया गया था. अनंत सिंह पर फिलहाल भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से कुछ में आरोप तय हो चुके हैं. इसके बावजूद वे अब उसी जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं.
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