Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का कहर, 10.26 लाख लोग प्रभावित, गंगा-पुनपुन के उफान से बढ़ी चिंता

Authored By: Nishant Singh

Published On: Wednesday, September 9, 2026

Last Updated On: Wednesday, September 9, 2026

Bihar Flood में गंगा और पुनपुन के उफान से बिहार में बाढ़ की स्थिति
Bihar Flood में गंगा और पुनपुन के उफान से बिहार में बाढ़ की स्थिति

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ से 11 जिलों के 50 प्रखंडों की 201 ग्राम पंचायतों में करीब 10.26 लाख लोग प्रभावित हैं. गंगा, पुनपुन समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. दियारा गांवों में घर डूबने से लोग नावों के जरिए सुरक्षित जगहों पर पहुंच रहे हैं. राहत-बचाव अभियान जारी है.

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Wednesday, September 9, 2026

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. गंगा और उसकी सहायक नदियों के उफान से जनजीवन प्रभावित है. आंकड़ों के मुताबिक, 11 जिलों के 50 प्रखंडों की 201 ग्राम पंचायतों में करीब 10.26 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं. कई गांवों में पानी घरों तक पहुंच चुका है और लोग नाव से सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं.

पटना में पानी घटा, खतरा कायम

पटना में गंगा का जलस्तर घटा है, लेकिन खतरा टला नहीं है. 7 सितंबर को गांधी घाट पर 16 सेंटीमीटर की गिरावट के बाद भी गंगा खतरे के निशान से 1.38 मीटर ऊपर थी. दीघा घाट पर 21 सेंटीमीटर की कमी के बावजूद नदी 1.76 मीटर ऊपर रही. मनेर में भी 21 सेंटीमीटर की गिरावट के बाद गंगा खतरे के निशान से ऊपर है.

पुनपुन का उफान बढ़ा रहा चिंता

श्रीपालपुर में पुनपुन नदी 6 सितंबर को 53.42 मीटर पर थी, जबकि खतरे का निशान 50.60 मीटर है. यहां नदी 2.82 मीटर ऊपर बह रही थी. हाथीदह में गंगा 50.57 मीटर पर थी और 7 सितंबर को तीन सेंटीमीटर बढ़ी. यहां खतरे का निशान 48.60 मीटर है.

कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

गंगा के अलावा गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक और घाघरा भी खतरे के निशान से ऊपर हैं. गंडक डुमरिया घाट और हाजीपुर, कोसी बलतारा और कुर्सेला तथा बूढ़ी गंडक खगड़िया में उफान पर है. गंगा दीघा, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव, बक्सर और मुंगेर में खतरे से ऊपर है.

पुराने रिकॉर्ड टूटे, घाट डूबे

बाढ़ के बीच गांधी घाट और पंडारक में गंगा पुराने रिकॉर्ड पार कर चुकी है. गांधी घाट पर 2016 का 50.52 मीटर और पंडारक में 2021 का 43.73 मीटर रिकॉर्ड टूट चुका है. गांधी घाट के मंदिरों और मकानों में पानी घुस गया है. कई घाट डूब चुके हैं और लोगों को नदी किनारे जाने से मना किया गया है.

11 जिलों में 10.26 लाख लोग प्रभावित

बाढ़ का असर पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अरवल में है. दियारा गांवों में घर पानी में डूब गए हैं. प्रभावित परिवार नाव से निकल रहे हैं. कई लोगों का अनाज और सामान बह गया. बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है और कुछ परिवार किराये के कमरों में रह रहे हैं.

राहत-बचाव के साथ श्मशान घाटों पर संकट

फतुहा में पुनपुन के तेज बहाव से सड़क का एक हिस्सा बह गया है. पटना के श्मशान घाटों पर पानी पहुंचने से अंतिम संस्कार के लिए जगह कम पड़ने लगी है. लोगों के मुताबिक, जलस्तर और बढ़ा तो समस्या गंभीर हो सकती है. राहत-बचाव के लिए SDRF की 27 और NDRF की 7 टीमें तैनात हैं. पटना में बाढ़ कंट्रोल एंड कमांड सेंटर बनाया गया है.

सितंबर की बारिश ने बढ़ाया दबाव

बाढ़ के बीच सितंबर में अब तक 60.8 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से 69 प्रतिशत अधिक है. हालांकि, 1 जून से 5 सितंबर तक मानसून में 582.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से 27 प्रतिशत कम है. कुछ जगह पानी घटा है, लेकिन निचले और दियारा इलाकों में खतरा बना हुआ है.

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About the Author: Nishant Singh
निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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