सीएम अरविंद केजरीवाल को राहत नहीं, अब 5 सितंबर तक रहना होगा जेल में ही

Authored By: सतीश झा

Published On: Friday, August 23, 2024

delhi chief minister arvind kejariwal
delhi chief minister arvind kejariwal

कथित शराब घोटाले में तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उम्मीद थी कि आज सुप्रीम कोर्ट से उन्हें राहत मिल जाएगी। लेकिन, आज की सुनवाई टाल दी गई और कहा गया कि अब 5 सितंबर को अगली सुनवाई होगी। इसी केस में 17 महीने बाद दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जमानत पर जेल से बाहर हैं।

Authored By: सतीश झा

Last Updated On: Friday, August 23, 2024

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को शराब घोलाटा मामले में राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही है। सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई टाल दी है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सीबीआई (CBI) को एक हफ्ते के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा। अगली सुनवाई 5 सितंबर को होगी। इस बीच, सीबीआई ने केजरीवाल की जमानत पर हलफनामा दाखिल किया, जबकि जांच एजेंसी द्वारा गिरफ्तारी को चुनौती देने वाले मामले में उसने एक हफ्ते का समय मांगा है।

केजरीवाल मामले को राजनीतिक रूप से सनसनीखेज बनाने का प्रयास कर रहे : सीबीआई

सीबीआई ने हलफनामे में आरोप लगाया है कि केजरीवाल मामले को राजनीतिक रूप से सनसनीखेज बनाने का प्रयास कर रहे हैं जबकि विभिन्न अदालतों के आदेश में उनके प्रथम दृष्टया अपराध शामिल होने से संतुष्ट होकर उस पर पहले ही संज्ञान लिया जा चुका है। सीबीआई ने कहा है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल की रिट याचिका को खारिज करते हुए अपने आदेश मे कहा था कि यह नहीं कहा जा सकता है कि याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी बिना किसी उचित कारण या अवैध थी।

सीबीआई ने कहा है कि हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि स्पेशल जज ने केजरीवाल की गिरफ्तारी और हिरासत में भेजने के आदेश देने में उचित प्रक्रिया का पालन किया था। केजरीवाल का प्रभाव और दबदबा स्पष्ट है क्योंकि मुख्यमंत्री होने के नाते उनका न केवल दिल्ली सरकार पर प्रभाव है बल्कि आप प्रमुख और राष्ट्रीय संयोजक होने के नाते इससे जुड़े सभी प्रासंगिक निर्णय और गतिविधियों पर भी प्रभाव डालते है। उनकी अधिकारियों और नौकरशाहों के साथ घनिष्ठ सांठगांठ है। अगर केजरीवाल को जमानत पर रिहा किया जाता है तो मामले के प्रारंभिक चरण में होने और प्रमुख गवाहों की गवाही अभी बाकी होने की वजह से मामले की सुनवाई पर गंभीर और प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

सीबीआई ने कहा है कि जहां तक मेडिकल जमानत पर रिहा किए जाने की बात है, वह केवल तभी दिया जाना चाहिए जब जेल में इलाज संभव न हो। क्योंकि बीमारियों के संबंध में, जेल नियम और मैनुअल के अनुसार तिहाड़ जेल अस्पताल या उसके किसी भी रेफरल अस्पताल में उनका उचित उपचार किया जा सकता है। सीबीआई ने कहा है कि केजरीवाल इस घोटाले के किंगपिन हैं। बिना आबकारी विभाग के मंत्री रहते हुए भी पूरे घोटाले के वास्तुकार हैं। उनको इस घोटाले का सब कुछ पता था क्योंकि सारे निर्णय इनकी सहमति और निर्देशन में ही हुए बावजूद इसके जांच एजेंसी के सवालों का वह संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं।

केजरीवाल (Kejriwal) की याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई (CBI) को नोटिस जारी किया था

उल्लेखनीय है कि 14 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई को नोटिस जारी किया था। उनकी ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि केजरीवाल की तबीयत खराब है इसलिए अंतरिम जमानत दी जाए। कोर्ट ने इस अर्जी को नामंजूर कर दिया था। केजरीवाल ने सीबीआई की ओर से दर्ज मामले में गिरफ्तारी को चुनौती देने के साथ-साथ जमानत की भी मांग की है। पांच अगस्त को दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल की सीबीआई गिरफ्तारी और ट्रायल कोर्ट के सीबीआई हिरासत के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दिया था।

26 जून को गिरफ्तार किया था केजरीवाल को

सीबीआई ने 26 जून को केजरीवाल को गिरफ्तार किया था। उसके पहले ईडी ने 21 मार्च की देरशाम को अरविंद केजरीवाल को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई को अरविंद केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए 1 जून तक की अंतरिम जमानत देते हुए 2 जून को सरेंडर करने का आदेश दिया था। केजरीवाल ने 2 जून को सरेंडर कर दिया था। ईडी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 12 जुलाई को केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी थी।

About the Author: सतीश झा
सतीश झा की लेखनी में समाज की जमीनी सच्चाई और प्रगतिशील दृष्टिकोण का मेल दिखाई देता है। बीते 20 वर्षों में राजनीति, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचारों के साथ-साथ राज्यों की खबरों पर व्यापक और गहन लेखन किया है। उनकी विशेषता समसामयिक विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना और पाठकों तक सटीक जानकारी पहुंचाना है। राजनीति से लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों तक, उनकी गहन पकड़ और निष्पक्षता ने उन्हें पत्रकारिता जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है
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