States News
Yogi Adityanath के नौ साल: सुरक्षा, विकास और रोजगार के दावों के बीच विपक्ष के तीखे सवाल जारी
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, March 18, 2026
Last Updated On: Wednesday, March 18, 2026
Yogi Adityanath की सरकार के नौ साल पूरे होने पर विकास, सुरक्षा और रोजगार को बड़ी उपलब्धि बताया गया. सरकार का दावा है कि बेहतर कानून-व्यवस्था से निवेश बढ़ा है, इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ है और लाखों नौकरियां मिली हैं, जबकि विपक्ष इन दावों पर लगातार सवाल उठा रहा है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Wednesday, March 18, 2026
Yogi Adityanath की सरकार ने उत्तर प्रदेश में अपने नौ साल पूरे कर लिए हैं, और इस मौके पर राजधानी Lucknow में आयोजित कार्यक्रम में विकास और बदलाव की लंबी सूची पेश की गई. मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल को “नवनिर्माण के नौ साल” बताते हुए कहा कि राज्य में भय का माहौल खत्म कर विकास की नई गंगा बहाई गई है. उनके अनुसार, कानून-व्यवस्था में सुधार ने प्रदेश को नई दिशा दी है, जिससे आम लोगों के जीवन में स्थिरता और विश्वास बढ़ा है.
सुरक्षा से निवेश तक: बदली यूपी की पहचान
सीएम योगी ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण आज उत्तर प्रदेश निवेश के लिए एक आकर्षक केंद्र बन चुका है. उनका दावा है कि पहले जहां दंगा-फसाद की खबरें आम थीं, अब लोग अपने त्योहार शांति और भाईचारे के साथ मना रहे हैं. इसी सकारात्मक माहौल का असर है कि देश-विदेश के निवेशक राज्य की ओर आकर्षित हो रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है, जिसके लिए लगातार योजनाएं बनाई जा रही हैं.
विपक्ष पर निशाना, लेकिन चुनिंदा चुप्पी
अपने भाषण के दौरान योगी आदित्यनाथ ने Akhilesh Yadav की सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले किसान आत्महत्या के लिए मजबूर थे, कारीगर पलायन कर रहे थे और महिलाएं असुरक्षा के माहौल में जी रही थीं. हालांकि, उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की आलोचना की, लेकिन बसपा सरकार का जिक्र नहीं किया. इस पर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं.
रोजगार और अवसर: सरकार का बड़ा दावा
मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पिछले नौ वर्षों में नौ लाख से अधिक नौकरियां दी गई हैं. इनमें से करीब 2.19 लाख नौकरियां पुलिस विभाग में दी गई हैं. उनका कहना है कि पहले भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी थी, लेकिन अब योग्यता के आधार पर चयन हो रहा है. सरकार का दावा है कि इससे युवाओं में भरोसा बढ़ा है और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं.
इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा उछाल
योगी सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव का दावा किया है. मुख्यमंत्री के अनुसार, देश के करीब 55 फीसदी एक्सप्रेस-वे नेटवर्क उत्तर प्रदेश में है, जो जल्द ही 60 फीसदी तक पहुंच जाएगा. गंगा एक्सप्रेस-वे के पूरा होने के बाद राज्य की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी. इसके अलावा सभी जिला मुख्यालयों को फोर-लेन सड़कों से जोड़ा गया है और सात शहरों में मेट्रो सेवा शुरू हो चुकी है. राज्य में 16 घरेलू और 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे संचालित हो रहे हैं, जबकि Noida International Airport के उद्घाटन की तैयारी भी जोरों पर है.
समाज के हर वर्ग तक पहुंचने की कोशिश
सरकार का कहना है कि उसकी योजनाएं सिर्फ विकास तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की कोशिश की गई है. दलितों, वंचितों, पिछड़ों और गरीबों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की गई हैं. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सेवा और आस्था के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश को नई पहचान मिली है, जिससे राज्य की सांस्कृतिक छवि मजबूत हुई है.
आगे का लक्ष्य: ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भविष्य की योजनाओं पर जोर देते हुए कहा कि सरकार अब अगले लक्ष्य की ओर बढ़ रही है. नवरात्रि के दौरान पार्टी कार्यकर्ता समाज के विभिन्न वर्गों से संवाद करेंगे और उनके सुझावों को नीति में शामिल किया जाएगा. उनका मानना है कि इसी सामूहिक प्रयास से उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाया जा सकता है.
कुल मिलाकर, योगी सरकार के नौ साल पूरे होने पर विकास, सुरक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से सामने रखा गया है, जबकि विपक्ष इन दावों पर सवाल उठाता रहा है. ऐसे में आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन दावों का असर जनता पर कितना पड़ता है.
यह भी पढ़ें :- राज्यसभा चुनाव 2026: बिहार में NDA का क्लीन स्वीप, ओडिशा में उलटफेर, हरियाणा में विवादित नतीजे आए सामने










