कोलकाता स्ट्रॉन्ग रूम विवाद ने बढ़ाया राजनीतिक तनाव, टीएमसी और भाजपा में टकराव, आयोग ने की जांच शुरू
Authored By: Nishant Singh
Published On: Friday, May 1, 2026
Last Updated On: Friday, May 1, 2026
Bengal Assembly Election 2026: कोलकाता में स्ट्रॉन्ग रूम और पोस्टल बैलेट प्रक्रिया को लेकर टीएमसी और भाजपा के बीच तीखा विवाद छिड़ गया है. दोनों दलों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं. चुनाव आयोग ने मामले पर रिपोर्ट मांगी है. अब 4 मई को आने वाले नतीजों का इंतजार किया जा रहा है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Friday, May 1, 2026
Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर तनाव के केंद्र में आ गई है. कोलकाता में स्ट्रॉन्ग रूम और पोस्टल बैलेट की प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. मतदान खत्म होने के बाद और मतगणना से पहले ही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आमने-सामने आ गई हैं. टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया है कि स्ट्रॉन्ग रूम में नियमों के बाहर गतिविधियां हुईं और प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखी गई. इस पूरे मामले ने चुनावी माहौल को और ज्यादा गरमा दिया है, जहां दोनों दल एक-दूसरे पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं.
टीएमसी के आरोप और सवालों की बौछार
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने दावा किया कि स्ट्रॉन्ग रूम को कथित तौर पर तय समय से पहले खोला गया और अंदर कुछ लोग काम कर रहे थे, जिसकी कोई आधिकारिक जानकारी राजनीतिक दलों को नहीं दी गई. वहीं शशि पांजा ने भी इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि पोस्टल बैलेट को संभालने वाले लोगों की पहचान स्पष्ट नहीं की गई. उन्होंने यह भी पूछा कि जब स्ट्रॉन्ग रूम को सभी उम्मीदवारों की मौजूदगी में सील किया गया था, तो उसे दोबारा खोलने की अनुमति किस आधार पर दी गई. इन आरोपों के बाद टीएमसी ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
मुख्यमंत्री की मौजूदगी पर उठा विवाद
इस पूरे मामले में उस समय और विवाद बढ़ गया जब खबरें सामने आईं कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कथित तौर पर कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित स्ट्रॉन्ग रूम परिसर में मौजूद थीं. विपक्ष ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई. भाजपा से जुड़े वकील सूर्यनिल दास ने कहा कि किसी भी उम्मीदवार का लंबे समय तक स्ट्रॉन्ग रूम परिसर में रहना नियमों के खिलाफ है. इस मुद्दे ने राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को और तेज कर दिया, जिससे चुनावी माहौल पूरी तरह गरम हो गया है.
भाजपा का पलटवार और सफाई
भाजपा ने टीएमसी के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. भाजपा उम्मीदवार तापस रॉय ने इसे पूरी तरह अफवाह बताया और कहा कि हार की आशंका के कारण टीएमसी इस तरह के आरोप लगा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि स्ट्रॉन्ग रूम में तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था है और बिना अनुमति कोई भी अंदर प्रवेश नहीं कर सकता. वहीं प्रियंका टिबरेवाल ने भी टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से हुआ है और अब हार के डर से टीएमसी बेबुनियाद सवाल उठा रही है.
चुनाव आयोग की एंट्री और जांच का आदेश
इस विवाद को गंभीरता से लेते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने मामले पर संज्ञान लिया है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि पूरी जानकारी आयोग को भेज दी गई है और रिपोर्ट मांगी गई है. जिला प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि सभी प्रक्रियाएं नियमों के तहत ही की गई हैं और पोस्टल बैलेट से जुड़ी कार्रवाई तय प्रक्रिया का हिस्सा है. अधिकारियों ने बताया कि सभी राजनीतिक दलों को पहले ही जानकारी ईमेल के जरिए दी गई थी.
तनाव के बीच सख्त निगरानी और शांति की अपील
विवाद के बीच कोलकाता के कई इलाकों में टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की खबरें भी सामने आई हैं. दोनों दलों के समर्थक स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो. हालांकि प्रशासन और चुनाव आयोग ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है. अब सभी की नजरें 4 मई को आने वाले अंतिम परिणामों पर टिकी हैं, जो इस सियासी टकराव की दिशा तय करेंगे.













