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Jio IPO को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स, 30,000 करोड़ के इश्यू पर 50,000 करोड़ की बोली
Authored By: Galgotias Times Bureau
Published On: Thursday, October 22, 2026
Last Updated On: Thursday, October 22, 2026
जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के 30,213 करोड़ रुपये के आईपीओ (आरंभिक सार्वजनिक निर्गम) के लिए बोलियां 50,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई हैं. बुधवार को निर्गम खुलने के दिन दोपहर तक इसमें कुल शेयरों के मुकाबले करीब 2.35 गुना मांग आई. इससे पहले यह आईपीओ खुलने के 100 मिनट के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था. यह भारत के अब तक के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल है.
Authored By: Galgotias Times Bureau
Last Updated On: Thursday, October 22, 2026
Jio IPO 2026: शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, अपराह्न पौने तीन बजे तक निवेशकों ने पेशकश किए गए कुल 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 46.50 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं. इसके साथ ही आईपीओ को अच्छा समर्थन मिला. गैर-संस्थागत निवेशकों की ओर से भी मांग बढ़ी और इस श्रेणी में 1.03 गुना आवेदन मिले. खुदरा निवेशकों की ओर से शुरुआती दिन में 0.58 गुना मांग दर्ज की गई.
निवेशकों के लिए आरक्षित 8.50 करोड़ शेयरों के मुकाबले 4.91 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं. कर्मचारियों और शेयरधारकों के लिए आरक्षित हिस्सों को मिलाकर करीब 1.15 गुना और 1.12 गुना आवेदन मिले. शुरुआत में बाजार में जियो के अन्य बड़े भारतीय निर्गमों से आगे निकलने की उम्मीद जताई जा रही थी.
जियो अब तक का सबसे बड़ा IPO
कंपनी साल इश्यू साइज (करोड़ रुपये)
जियो अक्टूबर 2026 30,200
हुंडई अक्टूबर 2024 27,858
NSE सितंबर 2026 22,562
LIC मई 2022 21,008
पेटीएम नवंबर 2021 18,300
संस्थागत निवेशकों ने 14.97 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं. गैर-संस्थागत निवेशकों की ओर से भी मांग बढ़ी और उनके लिए आरक्षित हिस्से को 1.03 गुना अभिदान मिला. खुदरा निवेशकों की श्रेणी में 0.58 गुना मांग रही. इस श्रेणी के लिए आरक्षित 8.50 करोड़ शेयरों के मुकाबले 4.91 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं. कर्मचारियों और शेयरधारकों के लिए आरक्षित हिस्सों को क्रमशः 1.15 गुना और 1.12 गुना अभिदान मिला.
सार्वजनिक निर्गम से पहले कंपनी ने सोमवार को 212 बड़े (एंकर) निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर की दर से करीब 8,110 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए थे. एंकर निवेशकों के लिए आरक्षित शेयरों के मुकाबले 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिलीं.
इश्यू में किसके लिए कितना हिस्सा आरक्षित:
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): 50%
नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII): 15%
रिटेल निवेशक: 35%
जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने जताई बेहतरी की उम्मीद
जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने कहा कि कंपनी की प्रौद्योगिकी, कृत्रिम मेधा (एआई) और उन्नत डिजिटल सेवाओं में विस्तार की योजनाएं दूरसंचार कारोबार से आगे उसकी वृद्धि को गति देंगी. उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज की इस इकाई को देश के अत्यंत बड़े आईपीओ में से पहले एक प्रौद्योगिकी कंपनी के रूप में पेश किया.
अंबानी ने कहा कि जियो पैसा नहीं है कि हम दोनों में से किसी एक को चुनें. हमारा नेटवर्क ही हमारी प्रौद्योगिकी है. यह आईपीओ ऐसे समय आ रहा है, जब निदेशक यह आकलन कर रहे हैं कि जियो की सेवाओं का विशाल ग्राहक आधार डिजिटल सेवाओं, उद्यम प्रौद्योगिकी और एआई से अधिक मुनाफे वाले कारोबार में किस तरह बदला जा सकता है. इसका इसलिए भी महत्व है, क्योंकि ग्राहकों की संख्या में वृद्धि अब कारोबार के विस्तार को गति देने वाला उतना प्रभावी कारक नहीं रह गई है.
Wriiten By: Rajiv Mandal













