Jio, Airtel और Vi ने अपने प्रीपेड और पोस्टपेड प्लान की कीमत में वृद्धि की है। ऐसे में अगर आप सस्ते प्लान की तलाश कर रहे हैं, तो अपना मोबाइल नंबर बदले बिना भी अन्य टेलीकॉम कंपनी में नंबर पोर्ट करा सकते हैं।
मोबाइल नंबर (Mobile Number) को कैसे पोर्ट करें?
फोन नंबर को एक ऑपरेटर से दूसरे ऑपरेटर में आसाने से पोर्ट करा सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो करना होगाः
स्टेप-1: सबसे पहले नंबर पोर्ट करने के लिए आपको निम्नलिखित प्रारूप में एक एसएमएस भेजना होगा। पोर्ट (PORT) लिखने के बाद एक स्पेस दें फिर < जिस मोबाइल नंबर को पोर्ट करना चाहते हैं, वह नंबर लिखकर> फिर उसे 1900 पर भेज दें। इसके बाद मैसेज कुछ इस तरह दिखाई देगा – PORT <0000000000>। इसे आपको एसएमएस के जरिए 1900 पर भेजना होगा। यहां ध्यान रखें कि आप उसी नंबर से MNP एसएमएस भेजें, जिसे आप पोर्ट कराना चाहते हैं।
स्टेप-2: इसके बाद आपको अपने मोबाइल नंबर पर एक यूनिक पोर्टिंग कोड (आठ अंकों वाला) प्राप्त होगा। यूनिक पोर्टिंग कोड असम, जम्मू और कश्मीर और उत्तर पूर्व को छोड़कर पूरे भारत में चार दिनों के लिए वैध होगा। वहीं असम, जम्मू और कश्मीर और उत्तर पूर्व में यह कोड 30 दिनों तक के लिए वैध है।
स्टेप-3: इसके बाद नए ऑपरेटर को यूनिक पोर्टिंग कोड (UPC) जल्द से जल्द जमा करना जरूरी होता है।
स्टेप-4: इसके लिए अपने निकटतम सेवा ऑपरेटर से कार्यालय/स्टोर पर जाएं। फिर मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ आठ अंकों वाला यूपीसी नंबर जमा करें।
स्टेप-5: इसके लिए ग्राहक से 5.74 रुपये की एक छोटी राशि आपरेट द्वारा शुल्क के तौर पर लिया जाता है।
स्टेप-6: फिर जिस नए दूरसंचार ऑपरेटर में अपना मोबाइल नंबर पोर्ट करते हैं, वह आपके पुराने सेवा प्रदाता को बकाया मोबाइल बिल भुगतान के बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के लिए एक अनुरोध भेजेगा।
स्टेप-7: एक बार सत्यापन प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद आपका नया दूरसंचार आपरेटर आपको एसएमएस के माध्यम से मोबाइल सिम पोर्ट प्रक्रिया के समय और तारीख के बारे में सूचित करेगा।
स्टेप-8: मोबाइल नंबर को पोर्ट करने की ट्रांजिशन प्रक्रिया के दौरान आपकी मोबाइल फोन सेवाएं लगभग 2 घंटे के लिए निलंबित रहेंगी। अब अपना नया सिम अपने मोबाइल में डालें और अपने मोबाइल को नए नेटवर्क सेवा प्रदाता के नेटवर्क पर एक्टिव कर सकते हैं।
ऑनलाइन मोबाइल नंबर को कैसे पोर्ट करें?
ऑनलाइन मोबाइल नंबर पोर्ट करने के लिए आपको नीचे दिए गए तरीकों को आजमाना होगाः
स्टेप-1: अगर अपने मोबाइल नंबर को ऑनलाइन पोर्ट करना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको उस टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर को पोर्टिंग रिक्वेस्ट भेजना होगा। इसके बाद आपको एक यूपीसी कोड मिलेगा। इसके लिए आपको अपने मौजूद फोन नंबर से PORT टाइप कर एक एसएमएस 1900 पर भेजना होगा।
स्टेप-2: इसके बाद एसएमएस के माध्यम से जो कोड प्राप्त होगा। आगे की प्रक्रिया के लिए इसकी जरूरत पड़ेगी।
स्टेप-3: फिर जिस कंपनी में नंबर पोर्ट करवाना चाहते हैं, उसकी वेबसाइट या एप पर जाएं। फिर आपको पोर्ट सेक्शन में जाना होगा।
स्टेप-4: फिर आपको यहां पर मौजूदा नंबर रखने और टेलीकॉम प्रोवाइडर को बदलने का विकल्प दिखाई देगा।
स्टेप-5: फिर अपनी आवश्यकता के अनुसार प्रीपेड या पोस्टपेड सिम के प्रकार का चयन करें।
स्टेप-6: इसके बाद वह प्लान चुनें, जो आपको लगता है कि आपके लिए सबसे अच्छा है। अपने सिम कार्ड की डोरस्टेप डिलीवरी के लिए अपने स्थान की पुष्टि करें।
स्टेप-7: पोर्ट रिक्वेस्ट के बाद आपको कंपनी के एक एग्जिक्यूटिव का कॉल आएगा, जो आपको आपके नए सिम की डिलीवरी के बारे में सूचित करेगा।
स्टेप-8: आपको यह ध्यान रखने की आवश्यकता है कि जब कंपनी का कार्यकारी सिम देने आएगा, तो आपको कुछ पहचान और पते का प्रमाण दिखाना होगा, जैसे कि आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बिजली बिल या कोई अन्य प्रमाण। इसके साथ यूपीसी कोड भी दिखाना होगा, जो आपको पहले मिला था।
स्टेप-9: एक बार जब आपको सिम मिल जाता है, तो आपका मौजूदा नंबर 48 घंटों के भीतर सक्रिय हो जाएगा।