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कौन हैं अमेरिकी कोर्टरूम का ‘चाणक्य’ बैरी पोलैक जो लड़ रहे निकोलस मादुरो का केस
Authored By: Ranjan Gupta
Published On: Tuesday, January 6, 2026
Last Updated On: Tuesday, January 6, 2026
न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर गंभीर आरोपों का ट्रायल चल रहा है. मादुरो के बचाव में उतरे हैं अमेरिकी कोर्टरूम के ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले बैरी पोलैक, जिन्होंने जूलियन असांजे जैसे असंभव केस में भी इतिहास रचा. जानिए कौन हैं बैरी पोलैक और क्यों इस केस ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है.
Authored By: Ranjan Gupta
Last Updated On: Tuesday, January 6, 2026
Barry Pollack: अमेरिका की न्यायिक व्यवस्था के सबसे ताकतवर मंच न्यूयॉर्क फेडरल कोर्ट में इन दिनों एक ऐसा मुकदमा चल रहा है, जिसने कानून से लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति तक हलचल मचा दी है. वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस पर नारको-टेररिज्म, ड्रग तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और कोकीन आयात जैसे बेहद गंभीर आरोप लगे हैं.
3 जनवरी 2026 को अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस के सैन्य अभियान के बाद मादुरो दंपति को काराकास से गिरफ्तार कर अमेरिका लाया गया. इस हाई-प्रोफाइल और विवादित केस में मादुरो ने अपने बचाव के लिए जिस शख्स को चुना है, वह कोई साधारण वकील नहीं. नाम है बैरी जे. पोलैक, वही वकील जिन्होंने जूलियन असांजे जैसे ‘असंभव’ माने जा रहे केस में अमेरिकी सरकार को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था. अब सवाल यही है आखिर कौन हैं बैरी पोलैक, क्या है उनकी कानूनी रणनीति और क्यों उन्हें अमेरिकी कोर्टरूम का ‘चाणक्य’ कहा जाता है? यही जानने की कोशिश इस रिपोर्ट में की जा रही है.
बैरी पोलैक कौन हैं?
बैरी जे. पोलैक अमेरिका के जाने-माने क्रिमिनल डिफेंस वकील हैं. उन्हें देश के शीर्ष वकीलों में गिना जाता है. वे हैरिस, सेंट लॉरेंट एंड वेचस्लर LLP फर्म के पार्टनर हैं. उनके पास 30 साल से ज्यादा का कानूनी अनुभव है. वे हाई-प्रोफाइल और विवादित मामलों के लिए जाने जाते हैं. खास तौर पर जियोपॉलिटिकल केस में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है.
चैंबर्स USA ने उन्हें “गहराई से सोचने वाला वकील” बताया है. रिपोर्ट के मुताबिक, वे ट्रायल के दौरान पूरी तरह केस में डूबे रहते हैं. बैरी पोलैक नेशनल एसोसिएशन ऑफ क्रिमिनल डिफेंस लॉयर्स के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं.
जूलियन असांजे केस से मिली वैश्विक पहचान
बैरी पोलैक को दुनिया भर में पहचान तब मिली, जब उन्होंने जूलियन असांजे का केस संभाला. यह मामला एस्पियोनेज एक्ट से जुड़ा था. पोलैक ने इस केस में अमेरिकी सरकार से सीधी बातचीत की. यह कानूनी लड़ाई कई साल तक चली. आखिरकार असांजे को राहत मिली.
कानूनी जानकारों का मानना है कि यह लगभग नामुमकिन केस था. अमेरिका का पीछे हटना आसान नहीं था. लेकिन पोलैक की रणनीति ने हालात बदल दिए. यही वजह है कि इस केस को उनके करियर का टर्निंग पॉइंट माना जाता है.
हारे हुए केस जीतने के मास्टर
बैरी पोलैक को ऐसे केस जीतने के लिए जाना जाता है, जिन्हें लोग पहले ही हारा हुआ मान लेते हैं. उनके कुछ बड़े मामलों में शामिल हैं-
- एनरॉन घोटाले में एक पूर्व एग्जीक्यूटिव को सभी धोखाधड़ी के आरोपों से बरी कराना. इस केस में केवल दो ही लोग पूरी तरह बरी हुए थे.
- मार्टिन टैंकलेफ की गलत हत्या की सजा पलटवाना. टैंकलेफ 17 साल जेल में रह चुके थे. बाद में उन्हें 13.4 मिलियन डॉलर का मुआवजा भी दिलाया गया.
- कई व्हाइट-कॉलर क्राइम, पब्लिक करप्शन और एंटीट्रस्ट मामलों में अपने क्लाइंट्स को कानूनी राहत दिलाना.
क्यों कहलाते हैं पोलैक ‘कोर्टरूम का चाणक्य’?
बैरी पोलैक जूरी ट्रायल के माहिर माने जाते हैं. मुश्किल हालात में भी वे रणनीति बदलकर बेहतर नतीजे निकालते हैं. वे कई प्रो बोनो यानी मुफ्त केस भी लड़ते हैं. इसके साथ ही वे जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी लॉ सेंटर में पढ़ाते भी हैं. उनकी कानूनी रणनीति गहरी सोच पर आधारित होती है. फोकस हमेशा क्लाइंट पर रहता है.
मादुरो की पत्नी का अलग वकील
कोर्ट से जुड़े दस्तावेज बताते हैं कि निकोलस मादुरो की पत्नी सीलिया फ्लोरेस का केस अलग तरीके से लड़ा जा रहा है. उनकी ओर से वरिष्ठ वकील मार्क ई. डोनेली अदालत में पेश हुए. डोनेली अमेरिकी न्याय विभाग में पहले अभियोजक रह चुके हैं. अदालत में उन्होंने साफ किया कि वे सीलिया फ्लोरेस का कानूनी प्रतिनिधित्व करेंगे.
अदालत में मादुरो ने खुद को बताया निर्दोष
करीब 30 मिनट तक चली सुनवाई के दौरान निकोलस मादुरो ने अदालत में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि वे पूरी तरह निर्दोष हैं. मादुरो ने दावा किया कि उन्हें जबरन अमेरिका लाया गया. उन्होंने इसे अपहरण जैसा कदम बताया. साथ ही सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. सीलिया फ्लोरेस ने भी अदालत में खुद को निर्दोष बताया और आरोपों से इनकार किया.
अगली सुनवाई की तारीख तय
इस केस की सुनवाई अमेरिकी जिला न्यायाधीश एल्विन हेलरस्टीन कर रहे हैं. कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 17 मार्च तय की है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मामला और गंभीर हो सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह केस अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ सकता है.
क्यों अहम है यह केस?
यह मामला सिर्फ एक कानूनी लड़ाई नहीं है. यह अमेरिका और वेनेजुएला के बीच टकराव का नया अध्याय भी है. बैरी पोलैक की एंट्री से साफ है कि मादुरो पीछे हटने वाले नहीं हैं. यह केस अंतरराष्ट्रीय कानून से जुड़े कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है. सॉवरेन इम्यूनिटी, सैन्य हस्तक्षेप और वैश्विक राजनीति जैसे मुद्दे इस मुकदमे के केंद्र में हैं.
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