भारत में एचएमपीवी के 8 मामले, छोटे बच्चे और बुजुर्ग होते हैं अधिक संक्रमित

Authored By: स्मिता

Published On: Thursday, January 9, 2025

Last Updated On: Thursday, January 9, 2025

India reports 8 cases of HMPV, with young children and elderly individuals being more vulnerable to infection
India reports 8 cases of HMPV, with young children and elderly individuals being more vulnerable to infection

मुंबई में एचएमपीवी का एक और मामला सामने आया है। इस तरह पूरे भारत में अब तक कम से कम आठ एचएमपीवी मामले सामने आ चुके हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि एचएमपी वायरस छोटे बच्चों व बुजुर्गों में तेजी से फैलता है। यह घातक नहीं है, सिर्फ इससे बचने के लिए सावधानियां (HMPV) बरतने की जरूरत है।

Authored By: स्मिता

Last Updated On: Thursday, January 9, 2025

भारत में एचएमपीवी मामलों की कुल संख्या 8 हो गई है। हाल में मुंबई में एचएमपीवी का एक और मामला सामने आ चुका है। नागपुर, महाराष्ट्र में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV Virus) के दो संदिग्ध मामले सामने आए हैं। दो कर्नाटक, एक गुजरात और एक मामला तमिलनाडू में भी मिल चुका है। सांस की बीमारी के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार ने राज्यों को निगरानी बढ़ाने की सलाह दी है। हरियाणा के रोहतक स्थित पीजीआईएमएस ने वायरस को लेकर अपनी तैयारियां (HMPV) शुरू कर दी हैं।

नया वायरस नहीं है HMPV 

HMPV की पहली बार 2001 में पहचान हुई थी। यह सांस की बूंदों के माध्यम से फैलता है और सर्दियों और शुरुआती वसंत के दौरान सबसे अधिक सक्रिय होता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा, “स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि HMPV कोई नया वायरस नहीं है।चिंता करने की कोई बात नहीं है। स्थिति पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है।” नड्डा ने कहा कि भारत की स्वास्थ्य प्रणाली और ICMR और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) भी बारीकी से नज़र रख रहे हैं।

कोविड-19 की तरह घातक नहीं एचएमपीवी (Covid 19 & HMPV)

एचएमपी वायरस को लेकर हरियाणा सरकार ने अपनी गाइडलाइन जारी कर दी है। इस गाइडलाइन के अनुसार हरियाणा के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान पीजीआईएमएस ने भी वायरस को लेकर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। वायरस से ग्रस्त व्यक्ति के लिए आइसोलेशन वार्ड बना दिया गया है। स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के उप कुलपति डॉ. एच के अग्रवाल ने लोगों से अपील की है कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। कोविड-19 की तरह यह ज्यादा घातक वायरस नहीं है। सिर्फ इससे बचने के लिए सावधानियां बरतने की जरूरत है।

वायरस के इलाज के लिए तैयारी (HMPV Treatment)

डॉ.एच.के.अग्रवाल ने बताया कि अभी तक की जांच में यह सामने आया है कि एचएमपी वायरस छोटे बच्चों व बुजुर्गों में ही तेजी से फैलता है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कोविड-19 की तरह इस वायरस से जान का खतरा ज्यादा नहीं है। हालांकि अभी तक हरियाणा प्रदेश में इस तरह का कोई केस निकल कर सामने नहीं आया है। फिर भी पहले से ही रोहतक पीजीआइएमएस में इस वायरस के इलाज के लिए तैयारी कर दी गई है। पुरानी इमरजेंसी के 6 नंबर कमरे को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील किया गया है। जिसमें हर बेड के साथ ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध है। भारत सरकार ने भी लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

छूने से फैल सकता है वायरस (HMPV Prevention)

अगर किसी को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है तो उसके लिए भी पीजीआईएमएस में सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यह वाइरस कोविड-19 की तरह ही फैलता है, लेकिन इसमें मृत्यु दर न के बराबर है। इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सैंपलिंग के लिए भी तैयारी कर ली गई है। बुजुर्ग और बच्चे भीड़ में जाने से बचें, ताकि इस वायरस की चपेट में न आ सकें। यह वाइरस भी खांसने, छींकने व छूने से फैल सकता है।

(हिन्दुस्थान समाचार के इनपुट के साथ) 

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स्मिता धर्म-अध्यात्म, संस्कृति-साहित्य, और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर शोधपरक और प्रभावशाली पत्रकारिता में एक विशिष्ट नाम हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव समसामयिक और जटिल विषयों को सरल और नए दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करने में उनकी दक्षता को उजागर करता है। धर्म और आध्यात्मिकता के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और साहित्य के विविध पहलुओं को समझने और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने में उन्होंने विशेषज्ञता हासिल की है। स्वास्थ्य, जीवनशैली, और समाज से जुड़े मुद्दों पर उनके लेख सटीक और उपयोगी जानकारी प्रदान करते हैं। उनकी लेखनी गहराई से शोध पर आधारित होती है और पाठकों से सहजता से जुड़ने का अनोखा कौशल रखती है।
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