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Ranji Trophy 2025: 22 साल का खिलाड़ी बना रन-मॉन्स्टर, नाबाद 227 रन से हिला क्रिकेट जगत, कर्नाटक ने मैच पर किया कब्ज़ा
Authored By: Nishant Singh
Published On: Tuesday, November 18, 2025
Last Updated On: Tuesday, November 18, 2025
Ranji Trophy 2025: रणजी ट्रॉफी 2025 के मैदान में ऐसा धमाका हुआ कि हर कोई दंग रह गया. कर्नाटक के 22 वर्षीय युवा बल्लेबाज़ रविचंद्रन स्मरण ने नाबाद 227 रन ठोककर ना सिर्फ मैच का रुख बदल दिया, बल्कि पूरे क्रिकेट जगत को चौंका दिया. उनकी ये डबल सेंचुरी चंडीगढ़ पर तूफ़ान की तरह टूटी और कर्नाटक ने मैच पर मजबूत पकड़ बना ली. यह पारी सिर्फ रन नहीं, एक नए सितारे के उभरने का संकेत है.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Tuesday, November 18, 2025
Ranji Trophy 2025: भारत के घरेलू क्रिकेट में कई खिलाड़ी रोज़ चमकते हैं, लेकिन कुछ नाम ऐसा इतिहास लिख जाते हैं जिसे सालों तक याद रखा जाता है. रणजी ट्रॉफी 2025 में ऐसा ही कारनामा किया है कर्नाटक के 22 वर्षीय युवा बल्लेबाज रविचंद्रन स्मरण ने, जिन्होंने चंडीगढ़ के खिलाफ नाबाद 227 रन की धमाकेदार पारी खेलकर पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. इस पारी ने न सिर्फ मैच का रुख बदल दिया बल्कि कर्नाटक को जीत की एक ठोस दिशा दे दी.
युवा सनसनी का धमाका: स्मरण की डबल सेंचुरी
दूसरे दिन 110 रन से आगे खेलते हुए स्मरण ने अपनी बल्लेबाजी को और अधिक धारदार बना दिया. उन्होंने जबर्दस्त धैर्य, क्लास और आक्रामकता का ऐसा मिलाजुला प्रदर्शन किया कि चंडीगढ़ के गेंदबाजों की सारी रणनीतियां फेल होती चली गईं. 362 गेंदों का सामना करते हुए उन्होंने 16 चौके और 2 छक्के ठोके. उनकी यह पारी सिर्फ रन बनाने की नहीं बल्कि मैच पर नियंत्रण करने की थी.
साझेदारियां बनी मैच का टर्निंग पॉइंट
स्मरण की ये इनिंग सिर्फ व्यक्तिगत कमाल नहीं थी, बल्कि टीमवर्क का बेहतरीन उदाहरण भी रही. मैच के दौरान कई महत्वपूर्ण पार्टनरशिप हुईं जिनसे कर्नाटक ने अपने स्कोर को पहाड़ जैसा बना दिया.
- श्रेयस गोपाल के साथ 141 रन की साझेदारी
- विद्याधर पटेल के साथ 120 रन की साझेदारी
- शिखर शेट्टी के 59 रन ने भी दिया ठोस आधार
इन सबके दम पर कर्नाटक ने 8 विकेट पर 547 रन बनाकर पारी घोषित की. इतने बड़े स्कोर के बाद विपक्षी टीम पहले ही मानसिक रूप से दबाव में आ गई.
गेंदबाज़ी में भी कर्नाटक का दम
चंडीगढ़ जब इस स्कोर का पीछा करने उतरी, तो शुरुआत से ही दबाव में दिखी. कर्नाटक के गेंदबाजों ने लगातार सही लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी की और विपक्षी बल्लेबाज टिक नहीं पाए. दिन का खेल खत्म होने तक चंडीगढ़ 72/4 पर संघर्ष कर रही थी.
इस दौरान सबसे प्रभावशाली गेंदबाज़ रहे श्रेयस गोपाल, जिन्होंने सिर्फ 18 रन देकर 3 विकेट चटकाए. कप्तान मनन वोहरा मात्र 14 रन पर नाबाद हैं और टीम को बचाने की बड़ी जिम्मेदारी अब उन्हीं पर है.
रणजी के अन्य मैदानों से रिपोर्ट
महाराष्ट्र बनाम पंजाब
इस मुकाबले में महाराष्ट्र ने 350 रन बनाए, जिसमें अर्शिन कुलकर्णी ने शानदार 133 रन जोड़े. जवाब में पंजाब की हालत बेहद खराब रही और टीम 125/4 पर संघर्ष कर रही है. अब उनके सामने बड़ा अंतर कम करने की चुनौती है.
सौराष्ट्र का तूफानी प्रदर्शन
राजकोट में सौराष्ट्र ने बल्ले से आग लगा दी.
- प्रेरक मांकड़ – 155 रन
- समार गज्जर – 116 रन
टीम ने 587/7 पर पारी घोषित की. गोवा ने जवाब में 125/2 पर दिन समाप्त किया, जहां अभिनव तेजराणा 75 रन पर नाबाद हैं.
मध्य प्रदेश बनाम केरल
इस मुकाबले में मध्य प्रदेश की हालत कमजोर है. केरल के 281 रन के जवाब में एमपी सिर्फ 155/6 पर सिमट गई. हालांकि
- सारांश जैन – 41 नाबाद
- आर्यन पांडे – 33 नाबाद
अब भी संघर्ष जारी है और टीम को अभी भी 126 रन की भरपाई करनी है.
एक पारी जिसने बदला मैच का चेहरा
रविचंद्रन स्मरण की यह डबल सेंचुरी सिर्फ एक स्कोर नहीं है, यह एक बयान है – “कर्नाटक की नई पीढ़ी तैयार है, और दमदार है.”
कर्नाटक अब मैच पर पूरी पकड़ बनाए हुए है और चंडीगढ़ की टीम जीत से ज्यादा मैच बचाने की सोच में लग चुकी है. अगर स्मरण इसी तरह प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो रणजी ट्रॉफी ही नहीं, टीम इंडिया का भविष्य भी उनके नाम लिख सकता है.
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