Epstein सेक्स स्कैंडल की सीक्रेट लिस्ट बाहर! जानें क्या है ये केस जिसमें आया ट्रंप का भी नाम

Authored By: Ranjan Gupta

Published On: Thursday, November 20, 2025

Last Updated On: Thursday, November 20, 2025

Epstein Secret List Scandal 2025: बड़ा खुलासा!
Epstein Secret List Scandal 2025: बड़ा खुलासा!

Epstein Files: अमेरिका में जेफरी एपस्टीन सेक्स स्कैंडल (epstein files sex scandal) की सीक्रेट फाइलें अब जनता के सामने आने वाली हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वह बिल साइन कर दिया है जिसके बाद डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस को 30 दिनों के भीतर एपस्टीन की जांच से जुड़ी सारी जानकारी पब्लिक करनी होगी. इस फैसले से राजनीति तेज़ हो गई है, क्योंकि दस्तावेज़ों में कई हाई-प्रोफाइल नाम, जिनमें ट्रंप भी शामिल हैं, चर्चाओं में हैं.

Authored By: Ranjan Gupta

Last Updated On: Thursday, November 20, 2025

Epstein Secret List Scandal 2025: अमेरिका का कुख्यात जेफरी एपस्टीन सेक्स स्कैंडल एक बार फिर सुर्खियों में है. बुधवार देर रात राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उस ऐतिहासिक बिल (epstein files transparency act) पर साइन कर दिए, जो एपस्टीन की पूरी जांच को सार्वजनिक करने का रास्ता खोलता है. मतलब अगले 30 दिनों में एपस्टीन से जुड़े हजारों पेज जनता पढ़ सकेगी, डाउनलोड कर सकेगी और खुद जांच सकेगी कि किन-किन बड़े नामों के तार इस पूरे मामले से जुड़े थे. इस फैसले के साथ ही अमेरिकी राजनीति में हलचल मच गई है. रिपब्लिकन और डेमोक्रेट आमने-सामने हैं, एक-दूसरे पर फाइलें छिपाने और देरी कराने के आरोप लगा रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप खुद वर्षों से इस केस से जुड़े सवालों के घेरे में रहे हैं, और अब उन्हीं के साइन से सभी दस्तावेज़ सार्वजनिक होने जा रहे हैं.

संसद में दिखी तीखी बहस

जेफरी एपस्टीन एक दोषी यौन अपराधी था. 2019 में उसकी मौत फेडरल कस्टडी में हुई थी. इसी बीच यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने मंगलवार को 427-1 के भारी बहुमत से एक बिल पास किया. बाद में सीनेट ने भी इसे मंजूरी दे दी. वोट से पहले संसद में माहौल गर्म था. दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए कि वे डॉक्यूमेंट्स को पब्लिक करने में देरी कर रहे हैं. बहस तेज थी और कई बार सदन में तनाव बढ़ गया. स्पीकर माइक जॉनसन ने ट्रंप का बचाव किया. उन्होंने कहा, “प्रेसिडेंट का इससे कोई लेना-देना नहीं है. उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है.” स्पीकर ने डॉक्यूमेंट्स को सार्वजनिक करने का समर्थन किया, लेकिन उन्होंने डेमोक्रेट्स पर इसे जल्दबाजी में आगे बढ़ाने का आरोप लगाया.

डेमोक्रेट्स एपस्टीन के करीब थे- ट्रंप

ट्रंप प्रशासन ने महीनों तक एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज़ जारी करने का विरोध किया था. लेकिन रविवार को खुद ट्रंप ने अपनी पार्टी के नेताओं को संकेत दिया कि वे फाइलें खोलने के लिए वोट कर सकते हैं. ट्रंप ने खुलकर कहा, “यह डेमोक्रेट्स की समस्या है. वे एपस्टीन के दोस्त थे.” सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ’ पर भी उन्होंने डेमोक्रेट्स पर हमला बोला. उन्होंने लिखा कि एपस्टीन पूरी ज़िंदगी डेमोक्रेट रहा, उसने डेमोक्रेट नेताओं को बड़ी रकम दान की और वह कई बड़े डेमोक्रेट नेताओं के बेहद करीब था जैसे बिल क्लिंटन, लैरी समर्स, रीड हॉफमैन, हकीम जेफ्रीज, स्टेसी प्लास्केट और कई अन्य.

“सच्चाई जल्द सामने आ जाएगी”

ट्रंप ने दावा किया कि डेमोक्रेट्स और एपस्टीन के संबंधों की पूरी कहानी अब सामने आएगी. उन्होंने कहा, “मैंने अभी फाइलें रिलीज़ करने वाले बिल पर साइन किया है.” उन्होंने बताया कि उनके कहने पर स्पीकर माइक जॉनसन और सीनेट मेजॉरिटी लीडर जॉन थ्यून ने इसे पास कराया. ट्रंप का कहना है कि डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने करीब 50,000 पेज के डॉक्यूमेंट्स कांग्रेस को दे दिए हैं. उन्होंने बाइडेन प्रशासन पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि बाइडेन सरकार ने एपस्टीन से जुड़े एक भी दस्तावेज़ नहीं दिए और न ही कभी इस मुद्दे पर बात की.

क्या एपस्टीन से जुड़े बड़े नाम उजागर होंगे?

अब बड़ा सवाल यही है कि क्या एपस्टीन से जुड़े रहस्यों का सच सामने आएगा. यह नया बिल एपस्टीन के पीड़ितों की जानकारी साझा करने की इजाजत देता है. अब जस्टिस डिपार्टमेंट “शर्मिंदगी, राजनीतिक असर या प्रतिष्ठा को नुकसान” जैसे कारणों की आड़ में दस्तावेज़ रोक नहीं पाएगा. यह भी याद रखना जरूरी है कि कभी ट्रंप भी एपस्टीन के दोस्त थे. एपस्टीन कई अमीर और प्रभावशाली लोगों के करीब रहा. हालांकि ट्रंप लगातार कहते रहे हैं कि उन्हें एपस्टीन के अपराधों की जानकारी नहीं थी और उन्होंने उससे बहुत पहले दूरी बना ली थी.

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About the Author: Ranjan Gupta
रंजन कुमार गुप्ता डिजिटल कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें डिजिटल न्यूज चैनल में तीन वर्ष से अधिक का अनुभव प्राप्त है. वे कंटेंट राइटिंग, गहन रिसर्च और SEO ऑप्टिमाइजेशन में माहिर हैं. शब्दों से असर डालना उनकी कला है और कंटेंट को गूगल पर रैंक कराना उनका जुनून! वो न केवल पाठकों के लिए उपयोगी और रोचक लेख तैयार करते हैं, बल्कि गूगल के एल्गोरिदम को भी ध्यान में रखते हुए SEO-बेस्ड कंटेंट तैयार करते हैं. रंजन का मानना है कि "हर जानकारी अगर सही रूप में दी जाए, तो वह लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर सकती है." यही सोच उन्हें हर लेख में निखरने का अवसर देती है.
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