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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने लागू किया नकल विरोधी कानून
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Published On: Sunday, July 28, 2024
Last Updated On: Thursday, December 5, 2024
उत्तर प्रदेश में नकल करने और कराने से लेकर पेपर लीक को लेकर लोक सेवा आयोग ने नया कानून लागू कर दिया है। अब इसमें शामिल लोगों के दोष सिद्ध होने पर 1 करोड़ रुपए जुर्माना, आजीवन कारावास या फिर दोनों सजा मिल सकती है।
Authored By: गुंजन शांडिल्य
Last Updated On: Thursday, December 5, 2024
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए पहले ही सख्त कानून बनाकर लागू कर दिया है। इस कानून के लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग पहली परीक्षा एलोपैथी स्टाफ नर्स का लेने जा रहा है। आयोग ने भी इस कानून को लागू कर दिया है। इस परीक्षा में जो भी परीक्षा में किसी भी प्रकार का गड़बड़ी करते पकड़ा जाएगा तो उसे आजीवन कारावास और एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।
नर्स परीक्षा से लागू नकल विरोधी कानून
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने 28 जुलाई को होने जा रहे स्टाफ नर्स एलोपैथी (पुरुष और महिला) मुख्य परीक्षा 2023 को नकल विरोधी अध्यादेश को लागू करने का आधार बनाया है। इस परीक्षा से अब नकल करने यह परीक्षा में नकल से संबंधित किसी भी प्रकार की गतिविधियों में पकड़े जाने पर सख्त सजा मिलेगी। इसको लेकर आयोग ने एक पत्र भी जारी कर दिया है। आयोग के इस पत्र के मुताबिक शासन द्वारा सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों जैसे प्रश्न पत्र लीक होना, उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़ आदि रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अध्यादेश को लागू कर दिया गया है।
क्या कहते हैं उपसचिव
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के उपसचिव वीरेंद्र मणि त्रिपाठी ने कहा कि सरकार के साथ आयोग भी प्रदेश में युवाओं के भविष्य को लेकर चिंतित है। इसलिए युवाओं के सार्वजनिक परीक्षाओं में किसी भी प्रकार का धांधली न हो, इसके लिए आयोग तैयार है। सरकार के जारी अध्यादेश को हमने लागू कर दिया है। यह प्रदेश में योग्य बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सकेगा।
परीक्षा केंद्रों पर जल्दी पहुंचना होगा छात्रों को
स्टाफ नर्स एलोपैथिक (पुरुष और महिला) की परीक्षा प्रयागराज और लखनऊ के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित हो रही है। परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक होगी। परीक्षा शुरू होने से डेढ़ घंटा पहले परीक्षार्थियों को प्रवेश मिलेगा। और परीक्षा प्रारंभ होने से 45 मिनट पहले प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। यानी 8:45 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थियों को केंद्र के अंदर प्रवेश नहीं मिलेगा।
उत्तर प्रदेश में कब बना नकल विरोधी कानून
केंद्र सरकार ने जब परीक्षाओं में नकल को रोकने के लिए कानून बनाया तब उन्होंने सभी राज्यों से भी कहा था कि वे भी अपने-अपने राज्यों में ऐसे हो कानून बनाएं। उसके बाद कई राज्यों ने नकल पर लगाम लगाने के लिए कानून बनाया या अध्यादेश लाया। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक जुलाई को उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अध्यादेश 2024 जारी किया था। इस अध्यादेश से प्रदेश स्तर की परीक्षाओं में नकल पर लगाम लगाया जा सकेगा।
अध्यादेश में क्या-क्या प्रावधान हैं?
एक जुलाई को जारी उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अध्यादेश 2024 में प्रदेश स्तर के किसी भी सार्वजनिक परीक्षाओं में नकल करने, नकल कराने, अनुचित साधनों का प्रयोग करना, प्रश्न पत्र का प्रतिरूपण करना या प्रकट करना, षड्यंत्र करना आदि को अपराध की श्रेणी में शामिल किया गया है। सार्वजनिक परीक्षाओं में इनमें से किसी भी प्रकार की गतिविधियों कोई दोषी पाया जाता है तो दोषी को एक करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। दोषी व्यक्ति को आजीवन कारावास भी हो सकता है। यह फिर दोनों सजा भी एक साथ मिल सकती है।












