दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ पर क्यों मचा बवाल? CBFC विवाद से लेकर OTT से हटने तक जानिए पूरा मामला

Authored By: Nishant Singh

Published On: Thursday, July 9, 2026

Updated On: Thursday, July 9, 2026

Diljit Sutlej Controversy. दिलजीत दोसांझ की 'सतलुज' फिल्म विवाद, CBFC विवाद और OTT से हटने की खबर.

Diljit Dosanjh’s Satluj: दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ भारत में रिलीज के बाद फिर विवादों में आ गई है. पहले CBFC प्रमाणन को लेकर अड़चनें आईं और अब OTT प्लेटफॉर्म से भी इसे हटा दिया गया. जानिए फिल्म की कहानी, विवाद की वजह और प्लेटफॉर्म ने इसे हटाने पर क्या कहा.

Authored By: Nishant Singh

Updated On: Thursday, July 9, 2026

Diljit Sutlej Controversy: दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है. लंबे इंतजार के बाद जब यह फिल्म OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई, तो दर्शकों ने इसे खूब सराहा. लेकिन रिलीज के महज दो दिन बाद ही इसे भारत में स्ट्रीमिंग से हटा दिया गया. इस फैसले ने फिल्म को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया. सवाल यह उठने लगा कि आखिर ऐसी क्या वजह रही, जिसके कारण पहले फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज नहीं होने दिया गया और अब OTT से भी हटा दिया गया.

क्या है फिल्म ‘सतलुज’ की कहानी?

‘सतलुज’ का शुरुआती नाम ‘पंजाब 95’ था. यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और उनके संघर्ष पर आधारित बायोपिक है. फिल्म में 1980 और 1990 के दशक के पंजाब के उस दौर को दिखाया गया है, जब उग्रवाद के बीच कथित मानवाधिकार उल्लंघन और कई लोगों के गुप्त अंतिम संस्कार जैसे गंभीर आरोप सामने आए थे.

कहानी इस बात को दर्शाती है कि किस तरह जसवंत सिंह खालरा ने दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर उन मामलों को उजागर करने की कोशिश की, जिन पर लंबे समय तक चर्चा नहीं हुई थी.

जसवंत सिंह खालरा कौन थे?

जसवंत सिंह खालरा एक मानवाधिकार कार्यकर्ता थे, जिन्होंने पंजाब में कथित तौर पर बिना पहचान बताए किए गए अंतिम संस्कारों की जांच की थी. उनके द्वारा जुटाए गए तथ्यों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया. वर्ष 1995 में उनका अपहरण हुआ और बाद में उनकी हत्या कर दी गई. बाद में इस मामले में कई पुलिस अधिकारियों को दोषी ठहराया गया.

CBFC के साथ क्यों हुआ विवाद?

फिल्म की विषय-वस्तु को संवेदनशील माना गया. इसी वजह से इसे केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से प्रमाणपत्र मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. फिल्म निर्माताओं के अनुसार, बोर्ड ने बड़ी संख्या में बदलाव और कट लगाने का सुझाव दिया था. निर्माताओं का दावा था कि कुछ बदलाव कहानी के मूल स्वरूप को प्रभावित कर सकते थे. इसी कारण फिल्म लंबे समय तक भारत में रिलीज नहीं हो सकी.

OTT पर आई और दो दिन में क्यों हट गई?

फिल्म 3 जुलाई को OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 पर उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन 5 जुलाई को इसे भारत में हटा लिया गया. प्लेटफॉर्म ने आधिकारिक बयान में कहा कि “मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए” फिल्म को अगली सूचना तक भारत में उपलब्ध नहीं कराया जाएगा.

हालांकि प्लेटफॉर्म ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह फैसला किसी कानूनी निर्देश, पुराने सेंसर विवाद या किसी अन्य कारण से जुड़ा है. साथ ही ZEE5 ने यह भी कहा कि वह फिल्म और उसके निर्माताओं के साथ खड़ा है तथा उचित प्रक्रिया के बाद इसे दोबारा उपलब्ध कराने की कोशिश करेगा.

फिल्म को विवादित क्यों माना जा रहा है?

फिल्म कई ऐसे मुद्दों को छूती है, जिन्हें संवेदनशील माना जाता है.

मुख्य कारण इस प्रकार हैं:

  • 1980-90 के दशक के पंजाब की घटनाओं को केंद्र में रखा गया है.
  • कथित मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों को दिखाया गया है.
  • गैर-न्यायिक हत्याओं और गुप्त अंतिम संस्कारों के आरोपों का जिक्र किया गया है.
  • प्रशासनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं.
  • राजनीतिक और सामाजिक घटनाओं को वास्तविक घटनाओं से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है.

इन्हीं कारणों से फिल्म लगातार चर्चा और विवाद का विषय बनी हुई है.

फिल्म की स्टार कास्ट और निर्देशन

‘सतलुज’ का निर्देशन हनी त्रेहान ने किया है. फिल्म में दिलजीत दोसांझ, अर्जुन रामपाल और सुविंदर विक्की प्रमुख भूमिकाओं में नजर आते हैं. यह फिल्म एक बायोपिक ड्रामा है, जिसमें वास्तविक घटनाओं से प्रेरित कहानी को पर्दे पर दिखाने का प्रयास किया गया है.

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About the Author: Nishant Singh
निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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