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राम मंदिर भर्ती घोटाला? नौकरी के लिए रिश्वत के आरोप, 125 नियुक्तियां जांच के घेरे में, बैंक खातों तक पहुंची पुलिस
Authored By: Nishant Singh
Published On: Thursday, July 2, 2026
Last Updated On: Thursday, July 2, 2026
Ram Mandir: अयोध्या राम मंदिर में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है. चढ़ावा चोरी जांच के दौरान मिले सुरागों के बाद करीब 125 नियुक्तियां जांच के दायरे में हैं. पुलिस भर्ती रिकॉर्ड, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है, जबकि अंतिम सच्चाई जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Thursday, July 2, 2026
Ram Mandir: अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े चर्चित चढ़ावा चोरी मामले की जांच अभी जारी ही थी कि अब एक नया विवाद सामने आ गया है. इस बार सवाल मंदिर में हुई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया पर उठ रहे हैं. आरोप है कि कुछ लोगों से नौकरी दिलाने के बदले पैसे लिए गए. फिलहाल पुलिस इन आरोपों की गहराई से जांच कर रही है. अभी तक किसी भी व्यक्ति के खिलाफ इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है.
पूछताछ में मिले नए सुराग, बदली जांच की दिशा
जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला से पूछताछ में कुछ ऐसे इनपुट मिले, जिनके बाद जांच एजेंसियों ने भर्ती प्रक्रिया की भी पड़ताल शुरू कर दी. सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान एक ट्रस्ट सदस्य का नाम भी सामने आया, जिसके बाद पुलिस अब उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है. अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ.
125 कर्मचारियों की नियुक्ति जांच के घेरे में
सूत्रों के मुताबिक, राम मंदिर प्रतिष्ठान में विभिन्न पदों पर करीब 125 कर्मचारियों की भर्ती हुई थी. आरोप है कि इनमें से कई लोगों ने नौकरी पाने के लिए कथित तौर पर रिश्वत दी थी. पुलिस अब प्रत्येक नियुक्ति की अलग-अलग जांच कर रही है. अधिकारियों द्वारा नियुक्ति पत्र, सेवा रिकॉर्ड, अनुबंध और अन्य जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है. शुरुआती जांच में कुछ मामलों में आवश्यक रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध नहीं होने की बात भी सामने आई है, जिससे जांच और गंभीर हो गई है.
भर्ती प्रक्रिया से लेकर बैंक खातों तक होगी जांच
जांच एजेंसियां केवल दस्तावेजों तक ही सीमित नहीं हैं. अब भर्ती प्रक्रिया से जुड़े लोगों के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जाएगी. यह देखा जाएगा कि नियुक्तियों से पहले या बाद में किसी प्रकार का संदिग्ध धन हस्तांतरण हुआ या नहीं. यदि किसी खाते में असामान्य लेनदेन मिलता है, तो उसकी अलग से जांच होगी. साथ ही, जिन लोगों के नाम जांच में सामने आए हैं, उनकी संपत्तियों और आर्थिक स्थिति में हुए संभावित बदलावों की भी पड़ताल की जाएगी.
दो अन्य आरोपी भी जांच के दायरे में
चढ़ावा चोरी मामले में पहले से न्यायिक हिरासत में चल रहे अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा की भूमिका भी अब भर्ती जांच में खंगाली जा रही है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इन दोनों ने किसी तरह नियुक्तियों को प्रभावित किया था या भर्ती प्रक्रिया में उनकी कोई भूमिका रही थी. इसके अलावा यह भी जांच का हिस्सा है कि क्या उनका किसी ट्रस्ट सदस्य से कोई पारिवारिक या अन्य संबंध था, जिसका भर्ती प्रक्रिया पर प्रभाव पड़ा हो.
SIT रिपोर्ट में शामिल हो सकते हैं अहम खुलासे
पूरे मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) की निगरानी में आगे बढ़ रही है. माना जा रहा है कि भर्ती प्रक्रिया, दस्तावेजों की स्थिति, वित्तीय जांच और संबंधित लोगों के बयान अंतिम रिपोर्ट का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं. हालांकि जांच अभी जारी है और किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी या दोष तय नहीं किया गया है. अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा. फिलहाल यह मामला न केवल भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता बल्कि धार्मिक संस्थानों में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर रहा है.
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