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टेक्सास में नई ऑयल रिफाइनरी में भारत करेगा 300 बिलियन डॉलर का निवेश, ट्रंप ने किया ऐलान, कहा धन्यवाद
Authored By: Nishant Singh
Published On: Wednesday, March 11, 2026
Last Updated On: Wednesday, March 11, 2026
Texas Oil Refinery Deal: अमेरिका के टेक्सास में 50 साल में पहली नई ऑयल रिफाइनरी बनेगी, जिसमें भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज 300 बिलियन डॉलर का बड़ा निवेश करेगी. ट्रंप ने इसे अमेरिका के इतिहास की सबसे बड़ी डील बताया. यह प्रोजेक्ट रोजगार, एनर्जी सुरक्षा और ग्लोबल एक्सपोर्ट बढ़ाएगा.
Authored By: Nishant Singh
Last Updated On: Wednesday, March 11, 2026
Texas Oil Refinery Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में टेक्सास के ब्राउनस्विले में 300 बिलियन डॉलर (लगभग 25 लाख करोड़ रुपये) की नई ऑयल रिफाइनरी बनाने का ऐलान किया है. यह अमेरिका में पिछले 50 साल में खुलने वाली पहली नई रिफाइनरी होगी. ट्रंप ने इसे “अमेरिका के इतिहास की सबसे बड़ी डील” बताया और विशेष रूप से भारत के पार्टनर्स, खासकर रिलायंस इंडस्ट्रीज को उनके बड़े निवेश के लिए धन्यवाद दिया. ट्रंप के मुताबिक यह प्रोजेक्ट अमेरिकी वर्कर्स, एनर्जी सेक्टर और साउथ टेक्सास के लोगों के लिए बड़ी जीत साबित होगा.
रिलायंस को धन्यवाद, भारत का नाम रोशन
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर अपने पोस्ट में लिखा कि अमेरिका फर्स्ट रिफाइनिंग ब्राउनस्विले प्रोजेक्ट से अमेरिका असली एनर्जी डोमिनेंस की ओर लौट रहा है. उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज को उनके “तगड़े निवेश” के लिए थैंक यू कहा. इस निवेश से न सिर्फ अमेरिका को फायदा होगा, बल्कि भारत-अमेरिका एनर्जी पार्टनरशिप और मजबूत होगी. रिलायंस का यह कदम अंतरराष्ट्रीय निवेश की दिशा में एक नया मील का पत्थर साबित हो सकता है.
दुनिया की सबसे क्लीन रिफाइनरी
ट्रंप ने दावा किया कि ब्राउनस्विले पोर्ट में बनने वाली यह रिफाइनरी दुनिया की सबसे क्लीन होगी. यह अमेरिकी मार्केट को फ्यूल सप्लाई करेगी, नेशनल सिक्योरिटी मजबूत करेगी, ग्लोबल एक्सपोर्ट्स को पावर देगी और साउथ टेक्सास में हजारों जॉब्स पैदा करेगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट अमेरिका फर्स्ट रिफाइनिंग के तहत है और ग्राउंड ब्रेकिंग 2026 की दूसरी तिमाही में हो सकती है.
ग्लोबल ऑयल सप्लाई और रणनीतिक महत्व
ईरान के साथ जारी संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव की वजह से ग्लोबल ऑयल सप्लाई खतरे में है. ऐसे समय में अमेरिका में बड़े निवेश और नई रिफाइनरी का निर्माण रणनीतिक रूप से बेहद अहम है. ट्रंप की अमेरिका फर्स्ट पॉलिसी के तहत परमिट्स आसान किए गए और टैक्स कम किए गए, जिससे रिलायंस जैसी कंपनियों के लिए निवेश करना आसान हुआ. इस डील से भारत और अमेरिका के बीच एनर्जी टाई-अप को भी मजबूती मिलेगी.
निवेश का महत्व और भविष्य की संभावनाएं
रिलायंस का यह निवेश न केवल आर्थिक रूप से बड़ा है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग का प्रतीक भी है. आने वाले समय में इस रिफाइनरी से न सिर्फ तेल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि रोजगार और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के नए अवसर भी खुलेंगे. यह प्रोजेक्ट अमेरिका और भारत दोनों के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है.
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