मिडिल ईस्ट तनाव के बीच पाकिस्तान-चीन-बांग्लादेश में महंगा पेट्रोल-डीजल, जानिए भारत समेत बाकी देशों में कीमतें

Authored By: Nishant Singh

Published On: Tuesday, March 10, 2026

Last Updated On: Tuesday, March 10, 2026

मिडिल ईस्ट तनाव के कारण बढ़ता Oil Price, पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश और भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों की तुलना.
मिडिल ईस्ट तनाव के कारण बढ़ता Oil Price, पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश और भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों की तुलना.

Oil Price Today: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर एशिया के तेल बाजार पर दिखने लगा है. पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश में पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है और कई जगह सप्लाई पर दबाव है. वहीं भारत में फिलहाल कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर हैं, लेकिन वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें चिंता बढ़ा रही हैं.

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Tuesday, March 10, 2026

Oil Price: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष का असर अब अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है, खासकर होर्मुज स्ट्रेट के आसपास हालात संवेदनशील बने हुए हैं. इसका असर एशिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों और सप्लाई पर पड़ रहा है. भारत के पड़ोसी देशों पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश में हालात ज्यादा दबाव वाले दिख रहे हैं, जबकि भारत में फिलहाल कीमतों पर नियंत्रण बना हुआ है.

पाकिस्तान में ईंधन के दामों में बड़ा उछाल

पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है. हाल ही में सरकार ने पेट्रोल की कीमत लगभग 321 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल करीब 335 रुपये प्रति लीटर कर दी है. यह करीब 55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी है, जो लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है. बड़े शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं और ट्रांसपोर्ट महंगा होने से रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी असर पड़ रहा है. हालात को देखते हुए सरकार ने ईंधन की खपत कम करने के लिए सरकारी दफ्तरों में काम के दिनों को सीमित करने जैसे कदम भी उठाए हैं.

चीन में भी बढ़ा फ्यूल का खर्च

चीन में भी तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर दिखाई दे रहा है. वहां सरकार ने पेट्रोल और डीजल की रिटेल प्राइस कैप बढ़ाने का फैसला किया है. इसके बाद पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में प्रति लीटर मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन बड़े स्तर पर इसका असर लोगों के खर्च पर पड़ रहा है. उदाहरण के तौर पर, अगर कोई व्यक्ति 50 लीटर का टैंक भरवाता है तो उसे पहले के मुकाबले करीब 27 से 29 युआन अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं.

बांग्लादेश में सप्लाई पर दबाव

बांग्लादेश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें क्रमशः करीब 116 टका और 100 टका प्रति लीटर के आसपास बनी हुई हैं, लेकिन वहां सप्लाई को लेकर दबाव बढ़ गया है. स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने फ्यूल राशनिंग लागू कर दी है. कारों और मोटरसाइकिलों के लिए रोजाना सीमित मात्रा में ही ईंधन दिया जा रहा है. कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं क्योंकि देश अपनी जरूरत का अधिकांश ईंधन आयात करता है.

भारत में फिलहाल स्थिति नियंत्रित

नेपाल और श्रीलंका में तेल की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी देखी गई है, लेकिन वहां कोई बड़ा संकट नहीं है. वहीं भारत ने अलग-अलग देशों से तेल आयात बढ़ाकर सप्लाई संतुलित रखने की कोशिश की है. फिलहाल भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें पड़ोसी देशों की तुलना में स्थिर हैं. हालांकि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, इसलिए आने वाले समय में दबाव बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

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निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
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