Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया 2026 कब है, जानें सही तारीख, सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त और महत्व

Authored By: Nishant Singh

Published On: Tuesday, April 14, 2026

Last Updated On: Tuesday, April 14, 2026

Akshaya Tritiya 2026 पर सोना-चांदी खरीदते लोग, शुभ मुहूर्त और पूजा का दृश्य.
Akshaya Tritiya 2026 पर सोना-चांदी खरीदते लोग, शुभ मुहूर्त और पूजा का दृश्य.

Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया 2026 में 19 अप्रैल को मनाई जाएगी. यह दिन धन, समृद्धि और शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए खास माना जाता है. इस दिन सोना-चांदी खरीदना, दान-पुण्य करना और नए काम शुरू करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है, जिससे जीवन में सुख और सफलता बढ़ती है.

Authored By: Nishant Singh

Last Updated On: Tuesday, April 14, 2026

Akshaya Tritiya 2026: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को बेहद पवित्र और शुभ पर्व माना जाता है. इसे “आखा तीज” भी कहा जाता है. मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्य और खरीदी गई वस्तुएं कभी नष्ट नहीं होतीं, बल्कि उनमें लगातार वृद्धि होती है. यही कारण है कि लोग इस दिन विशेष रूप से सोना-चांदी खरीदना, दान-पुण्य करना और नए कार्यों की शुरुआत करना शुभ मानते हैं.

कब है अक्षय तृतीया 2026?

साल 2026 में अक्षय तृतीया का पर्व रविवार, 19 अप्रैल को मनाया जाएगा. यह तिथि हर साल वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आती है, लेकिन अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इसकी तारीख बदलती रहती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब यह तिथि विशेष नक्षत्रों और वार के साथ पड़ती है, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है.

सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त

अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी खरीदना बेहद शुभ माना जाता है. साल 2026 में इस दिन खरीदारी का शुभ मुहूर्त इस प्रकार है:

  • शुभ समय शुरू: 19 अप्रैल 2026, सुबह 10:49 बजे
  • शुभ समय समाप्त: 20 अप्रैल 2026, सुबह 5:51 बजे

इस अवधि में लगभग पूरे दिन खरीदारी का शुभ संयोग बना रहेगा. इसलिए लोग इस दौरान ज्वेलरी, संपत्ति या अन्य कीमती चीजों में निवेश करना पसंद करते हैं.

अक्षय तृतीया का धार्मिक महत्व

“अक्षय” शब्द का अर्थ होता है जो कभी खत्म न हो. इसी वजह से इस दिन किए गए कार्यों का फल अनंत और स्थायी माना जाता है. यह तिथि सुख-समृद्धि, धन वृद्धि और सफलता का प्रतीक मानी जाती है.

इस दिन लोग:

  • भगवान की पूजा और जप करते हैं
  • यज्ञ और हवन कराते हैं
  • पितरों का तर्पण करते हैं
  • गरीबों को दान-पुण्य देते हैं

मान्यता है कि इस दिन किया गया हर शुभ कार्य कई गुना फल देता है.

पौराणिक मान्यताएं और कथाएं

अक्षय तृतीया को लेकर कई धार्मिक कथाएं प्रचलित हैं. माना जाता है कि:

  • भगवान परशुराम का जन्म इसी दिन हुआ था
  • भगवान कृष्ण और सुदामा की मुलाकात इसी तिथि को हुई थी
  • इसी दिन से त्रेतायुग की शुरुआत मानी जाती है
  • कुछ मान्यताओं के अनुसार महाभारत युद्ध का समापन भी इसी दिन हुआ

इन सभी कारणों से यह तिथि और भी ज्यादा पवित्र मानी जाती है.

क्यों खास है यह दिन?

अक्षय तृतीया को बिना मुहूर्त देखे भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं. इसे “सर्वसिद्ध मुहूर्त” कहा जाता है, यानी इस दिन किसी भी शुभ काम के लिए अलग से समय देखने की जरूरत नहीं होती.

लोग इस दिन:

  • नई संपत्ति या वाहन खरीदते हैं
  • शादी या सगाई तय करते हैं
  • नया व्यवसाय शुरू करते हैं

निष्कर्ष

अक्षय तृतीया 2026 सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि समृद्धि, आस्था और सकारात्मक शुरुआत का प्रतीक है. इस दिन किए गए छोटे-छोटे कार्य भी जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं. अगर आप भी नई शुरुआत या निवेश का सोच रहे हैं, तो यह दिन आपके लिए बेहद खास साबित हो सकता है.

यह भी पढ़ें :- Solar New Year 2026: 14 अप्रैल से शुरू सौर नववर्ष, जानिए किस राज्य में किस अंदाज में मनाया जाता यह खास त्योहार

About the Author: Nishant Singh
निशांत कुमार सिंह एक पैसनेट कंटेंट राइटर और डिजिटल मार्केटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और जनसंचार का गहरा अनुभव है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आकर्षक आर्टिकल लिखने और कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में माहिर, निशांत हर लेख में क्रिएटिविटीऔर स्ट्रेटेजी लाते हैं। उनकी विशेषज्ञता SEO-फ्रेंडली और प्रभावशाली कंटेंट बनाने में है, जो दर्शकों से जुड़ता है।
Leave A Comment

अन्य खबरें

अन्य लाइफस्टाइल खबरें