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Spinal Muscular Atrophy Awareness : अगस्त है स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी के बारे में लोगों को जागरूक करने का महीना, कितना घातक है यह रोग
Authored By: स्मिता
Published On: Tuesday, August 20, 2024
Last Updated On: Tuesday, August 20, 2024
कुछ बीमारी रेयर होती है। जिनके बारे में मरीजों को बिलकुल जानकारी नहीं रहती है। ऐसा ही एक रोग है स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी। 6000 लोगों में से 1 को होने वाले इस रोग के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए अगस्त को स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी अवेयरनेस मंथ (Spinal Muscular Atrophy Awareness Month) कहा जाता है। जानते हैं स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (Spinal Muscular Atrophy) के बारे में विशेष बातें।
Authored By: स्मिता
Last Updated On: Tuesday, August 20, 2024
कई बार हम ऐसी बीमारी से ग्रस्त हो जाते हैं जिनके बारे में हमें किसी प्रकार की जानकारी नहीं होती है। जानकारी के अभाव में उस रोग का इलाज मुश्किल हो जाता है। ऐसी ही एक बीमारी है स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी((Spinal Muscular Atrophy)। जागरूकता के अभाव में लोग इस बीमारी से ग्रस्त हो जाते हैं और उन्हें पता भी नहीं चलता है। इसलिए लोगों को इसकी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए हर साल अगस्त महीने को स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी अवेयरनेस मंथ (Spinal Muscular Atrophy Awareness Month) मनाया जाने लगा।
स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी अवेयरनेस मंथ (Spinal Muscular Atrophy Awareness Month)
अगस्त को स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी अवेयरनेस मंथ माना जाता है। SMA के लिए जागरूकता और इसके इलाज के लिए धन जुटाने के लिए साल भर काम किया जाता है। अगस्त माह के दौरान स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी रोग के प्रति लोगों को जागरूक किया जाता है। इस बीमारी के लक्षण और इलाज के बारे में भी जानकारी दी जाती है। नवजात अवस्था और बचपन में सिस्टिक फाइब्रोसिस के बाद दूसरा सबसे अधिक घातक रोग स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी है। यह रेयर डिजीज 6000 व्यक्ति में से किसी एक को हो सकता है।
क्या है स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी(Spinal Muscular Atrophy)?
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइज़ेशन की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) एक जेनेटिक बीमारी है। यह सेंट्रल नर्वस सिस्टम, पेरिफेरल नर्वस सिस्टम और वॉलंटरी नर्वस सिस्टम (स्केलेटल मसल सिस्टम) को प्रभावित करता है। मांसपेशियों को नियंत्रित करने वाली अधिकांश नर्वस सेल रीढ़ की हड्डी में होता है। स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी एक दुर्लभ न्यूरोमस्कुलर डिसऑर्डर है। इसके परिणामस्वरूप मोटर न्यूरॉन्स की हानि और प्रोग्रेसिव मसल्स वेस्टिंग होता है। इसका आमतौर पर टीनएज या बचपन में निदान किया जाता है। यदि इसका उपचार न किया जाए तो यह शिशु मृत्यु का सबसे आम आनुवंशिक कारण है।
क्या हो सकते हैं स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी के लक्षण (Spinal Muscular Atrophy Symptoms)
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइज़ेशन के अनुसार, स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी के सबसे आम रूप में क्रोमोजोम 5 संबंधित एसएमए होता है। शुरुआत की उम्र, लक्षण और प्रगति की दर में व्यापक परिवर्तन देखा जाता है। क्रोमोजोम 5-संबंधित एसएमए अक्सर ऑटोसोमल रिसेसिव होता है। जिस उम्र में एसएमए के लक्षण शुरू होते हैं, वह मोटे तौर पर इस बात से संबंधित होता है कि मोटर फ़ंक्शन किस हद तक प्रभावित होता है। शुरुआत की उम्र जितनी कम होगी, मोटर फ़ंक्शन पर प्रभाव उतना ही अधिक होगा। जिन बच्चों में जन्म के समय या टीनएज में लक्षण दिखाई देते हैं, उनमें आमतौर पर सबसे कम कार्यक्षमता होती है। प्राथमिक लक्षण वॉलंटरी मसल्स की कमजोरी है। सबसे अधिक प्रभावित मांसपेशियां शरीर के केंद्र के सबसे करीब होती हैं। कंधे, कूल्हे, जांघ और ऊपरी पीठ पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है। निचले अंग ऊपरी अंगों की तुलना में अधिक प्रभावित होते हैं। गहरे टेंडन रिफ्लेक्स कम हो जाते हैं।
एसएमए का कारण (Spinal Muscular Atrophy Causes)
क्रोमोजोम 5 एसएमए एसएमएन नामक मोटर न्यूरॉन प्रोटीन की कमी के कारण होता है। यह प्रोटीन सामान्य मोटर न्यूरॉन फ़ंक्शन के लिए जरूरी होता है। मोटर न्यूरॉन्स में जीन अभिव्यक्ति में SMN एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी के लिए अच्छा उपचार (Spinal Muscular Atrophy treatment)
अमेरिका के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर एंड स्ट्रोक के शोध के अनुसार, अभी तक एसएमए के लिए कोई पूर्ण इलाज नहीं है। एसएमए के आनुवंशिक कारण की खोज ने कई उपचार विकल्पों के विकास को जन्म दिया है। यह एसएमए में शामिल जीन को प्रभावित करते हैं। ज़ोलगेन्स्मा जीन प्रतिस्थापन चिकित्सा के साथ-साथ दो दवाएं, जिन्हें नुसिनर्सन (स्पिनराज़ा) और रिसडिप्लम (एविर्सडी) भी प्रभावी है।
जीन थेरेपी दुनिया की सबसे महंगी दवाओं में से एक है। यह पॉजिटिव परिणाम देती है, लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यह दुर्लभ तंत्रिका स्थिति के लिए एक निश्चित समाधान नहीं है, जो बाद में मांसपेशियों की बर्बादी और कमजोरी का कारण बनती है।














