अब खरीदना नहीं, किराए पर मिलेगा iPhone और MacBook, Apple की नई स्कीम बदलेगी प्रीमियम गैजेट्स खरीदने का तरीका
Authored By: Nishant Singh
Published On: Thursday, July 23, 2026
Updated On: Thursday, July 23, 2026
Apple जल्द ही नया Apple Upgrade Program लॉन्च कर सकता है, जिसके तहत iPhone, MacBook और अन्य डिवाइस किराए पर मिलेंगे. ग्राहक मासिक शुल्क देकर प्रीमियम गैजेट्स इस्तेमाल कर सकेंगे और तय अवधि के बाद नए मॉडल में अपग्रेड करने का विकल्प भी मिलेगा, जिससे महंगी खरीदारी की जरूरत कम होगी.
Authored By: Nishant Singh
Updated On: Thursday, July 23, 2026
Apple के iPhone, MacBook और iPad जैसे प्रीमियम डिवाइस खरीदना हर किसी के लिए आसान नहीं होता. ऊंची कीमत और भारी EMI के कारण कई लोग इन्हें खरीदने की इच्छा होते हुए भी पीछे हट जाते हैं. अब कंपनी एक ऐसी नई योजना लाने की तैयारी में है, जिससे ग्राहक बिना डिवाइस खरीदे भी उसका इस्तेमाल कर सकेंगे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple जल्द ही ‘Apple Upgrade Program’ लॉन्च करने जा रहा है, जिसमें iPhone, MacBook, iPad और Apple Watch को सब्सक्रिप्शन यानी किराए के मॉडल पर उपलब्ध कराया जाएगा.
हर महीने किराया देकर चला सकेंगे Apple डिवाइस
नई योजना के तहत ग्राहकों को डिवाइस खरीदने की जरूरत नहीं होगी. इसके बजाय वे हर महीने तय राशि का भुगतान कर iPhone, MacBook या अन्य Apple डिवाइस इस्तेमाल कर सकेंगे. यह मॉडल पारंपरिक EMI से अलग होगा, क्योंकि इसमें डिवाइस का मालिकाना हक ग्राहक के पास नहीं होगा. सब्सक्रिप्शन अवधि पूरी होने के बाद डिवाइस वापस करना होगा या अतिरिक्त शुल्क देकर नया मॉडल लिया जा सकेगा.
28 जुलाई से हो सकती है शुरुआत
रिपोर्ट्स के अनुसार, Apple इस नए अपग्रेड प्रोग्राम को 28 जुलाई से शुरू कर सकता है. शुरुआती चरण में इसे अमेरिका में लॉन्च किया जाएगा. ग्राहक इस सुविधा का लाभ Apple Store और कंपनी के ऑनलाइन स्टोर दोनों के माध्यम से उठा सकेंगे. इस योजना के लिए वित्तीय सहयोग Klarna Group की ओर से दिया जाएगा, जो ग्राहकों के भुगतान और फाइनेंसिंग से जुड़ी प्रक्रिया को संभालेगा.
कैसे करेगा काम Apple Upgrade Program?
यह योजना काफी हद तक वाहन लीज मॉडल की तरह काम करेगी. अलग-अलग प्रोडक्ट के लिए अलग लीज अवधि तय की जाएगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, iPhone और Apple Watch के लिए लगभग 24 महीने, जबकि MacBook के लिए करीब 36 महीने की अवधि हो सकती है. तय समय पूरा होने पर ग्राहक डिवाइस वापस कर सकेंगे या अतिरिक्त भुगतान करके नया मॉडल अपग्रेड कर पाएंगे.
वेरिफिकेशन के बाद ही मिलेगी सुविधा
इस प्रोग्राम का लाभ लेने के लिए ग्राहकों को पहचान संबंधी दस्तावेज जमा करने होंगे. इसके अलावा उनकी वित्तीय स्थिति और क्रेडिट स्कोर की भी जांच की जा सकती है. यानी हर ग्राहक इस योजना का लाभ नहीं उठा सकेगा. पात्रता तय होने के बाद ही डिवाइस किराए पर उपलब्ध कराया जाएगा.
सभी प्रोडक्ट नहीं होंगे शामिल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रोग्राम में Apple Care सेवा शामिल नहीं होगी. साथ ही कंपनी अपने कुछ एंट्री-लेवल iPhone और iPad मॉडल को इस योजना से बाहर रख सकती है. यानी शुरुआत में केवल चुनिंदा प्रीमियम डिवाइस ही सब्सक्रिप्शन मॉडल के तहत उपलब्ध होंगे.
Apple की नई रणनीति क्या है?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों तक Apple के प्रीमियम प्रोडक्ट पहुंचाना और ग्राहकों को समय-समय पर नए मॉडल में अपग्रेड करने के लिए प्रोत्साहित करना है. इससे एक तरफ ग्राहकों पर एकमुश्त खर्च का बोझ कम होगा, वहीं दूसरी ओर कंपनी को नियमित मासिक आय का नया स्रोत भी मिलेगा. यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो भविष्य में इसे दूसरे देशों में भी शुरू किया जा सकता है.
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